Thursday 07/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
दो किश्तें बकाया होने पर फाइनेंस कंपनी पर वाहन कब्जाने का आरोप, कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन रुद्रपुर। खेड़ा निवासी युवा व्यापारी इरफान अली ने चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इरफान अली के अनुसार उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व कंपनी से डिजायर कार फाइनेंस करवाई थी। पिछले दिनों उनके बेटे को स्पाइनल कॉर्ड से संबंधित गंभीर बीमारी होने के कारण उपचार में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो गए, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और वाहन की दो किश्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं।आरोप है कि 3 मई को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने हरिद्वार में वाहन को रोककर उसमें सवार यात्रियों को बीच रास्ते उतार दिया तथा गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जब इरफान अली रुद्रपुर स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की, तो कंपनी कर्मचारियों द्वारा दूसरी गाड़ी, जिसे कंपनी ने नहीं रोका था, उसकी भी किश्तों का हिसाब जोड़ते हुए अतिरिक्त चार्ज लगाए जाने की बात कही गई।इरफान अली का कहना है कि उन्होंने बकाया दो किश्तें जमा करने की बात कही, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया। इसके विरोध में सोमवार को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ढोल बजाकर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।मामले की गंभीरता को देखते हुए आवास विकास चौकी पुलिस एवं एलआईयू की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस प्रशासन द्वारा चोलामंडलम कंपनी के रीजनल मैनेजर शिवराज ब्रिज से फोन पर वार्ता कराई गई, जिसमें बुधवार सुबह मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।धरना-प्रदर्शन में मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, सौरभ राज बेहड़, परवेज कुरेशी, उमर अली, मोनिका ढाली, मोहम्मद अशफाक अंसारी, रणजीत सिंह राणा, अनंत बिश्नोई, मारूफ, रेहान, ताहिर, हैरी पन्नू, समप्रीत ग्रोवर, गौरव कुमार, गोविंद सिंह, सरजू सिंह सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।रीजनल पार्टी ने भाजपा को बादाम भेजकर याद दिलाया लोकायुक्त का वादाश्री जगरनाथ भक्त शिरोमणि मां कर्मा देवी की प्रदेशध्यक्ष बीना साहू ने स्कूल के बच्चों को बांटे ग्लूकोन डी के पैकेटमुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतरने की कवायद शुरूसरकारी जमीन पर ‘अवैध मजार’ का खेल बेनकाब15 साल में नहीं बदली गांवों की तस्वीर, जनता बदलाव चाहती है: सुमेंद्र सिंह बोहरा  कांग्रेस नेता सुमेन्द्र सिंह बोहरा इन दिनों मसूरी विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं। ग्राम गढ़, बुरांशखंडा, पन्याली और सरोना न्याय पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सुमेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को शहर तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।उन्होंने वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से लगातार विधानसभा जीतने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गांवों की सड़कें आज भी बदहाल हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बोहरा ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें मसूरी विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देती है और जनता का समर्थन मिलता है, तो वह अगले पांच वर्षों में क्षेत्र में सड़क निर्माण, अस्पतालों के विकास और स्कूलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि गांवों का समग्र विकास करना है।उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास के मुद्दों पर गंभीर नेतृत्व की तलाश में है। जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा।दिल्ली पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो में जीते स्वर्ण, स्कूल में हुआ भव्य सम्मान दिल्ली पब्लिक स्कूल देहरादून के खिलाड़ियों ने 16वीं डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का मंगलवार को विद्यालय परिसर में जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रशासन द्वारा विशेष सम्मान समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य बीके सिंह ने प्रार्थना सभा के दौरान खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर यह सफलता हासिल की है, जो पूरे विद्यालय के लिए गर्व की बात है।हाल ही में अपोलो इटंरनेषनल स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में करीब 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इसमें डीपीएस देहरादून के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए। 18 किलो से कम वजन वर्ग में त्रियक्ष सैनी, 29 किलो से कम वर्ग में विवान थपलियाल, 38 किलो से कम वर्ग में अतिक्ष व्यास तथा पूमसे इंडिविजुअल वर्ग में तक्ष चमोला ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं 26 किलो से कम बालिका वर्ग में दिविका दुआ ने भी गोल्ड मेडल हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।प्रधानाचार्य बीके सिंह ने बताया कि यह खिलाड़ी लंबे समय से लगातार मेहनत कर रहे थे और उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा था। उन्होंने कहा कि अब ये खिलाड़ी उत्तराखंड प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में स्कूल टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिससे विद्यालय को उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इस दौरान उप प्रधानाचार्य सुजाता सिंह ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मान समारोह के दौरान पूरे विद्यालय में उत्साह का माहौल रहा और विद्यार्थियों ने तालियों के साथ खिलाड़ियों का स्वागत किया।15 साल में नहीं बदली गांवों की तस्वीर, जनता बदलाव चाहती है: सुमेंद्र सिंह बोहरामसूरी,  कांग्रेस नेता सुमेन्द्र सिंह बोहरा इन दिनों मसूरी विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं। ग्राम गढ़, बुरांशखंडा, पन्याली और सरोना न्याय पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सुमेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को शहर तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।उन्होंने वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से लगातार विधानसभा जीतने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गांवों की सड़कें आज भी बदहाल हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बोहरा ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें मसूरी विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देती है और जनता का समर्थन मिलता है, तो वह अगले पांच वर्षों में क्षेत्र में सड़क निर्माण, अस्पतालों के विकास और स्कूलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि गांवों का समग्र विकास करना है।उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास के मुद्दों पर गंभीर नेतृत्व की तलाश में है। जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा।मसूरी-देहरादून मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रक, चालक की मौत देहरादून-मसूरी मार्ग पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में राशन और कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मसूरी पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को खाई से बाहर निकाला।जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 5ः30 बजे मसूरी झील से करीब 200 मीटर आगे देहरादून की ओर एक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस और उप जिला चिकित्सालय की टीम मौके पर पहुंची। परन्तु गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही दिक्कत को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया जिसके बाद संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कर घायल और मृतक को खाई से निकाल कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार ट्रक संख्या यूके 07-सीबी-1727 रेलवे स्टेशन देहरादून से कोल्ड ड्रिंक, तेल और अन्य राशन सामग्री लेकर उत्तरकाशी जा रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक मुबारिक पुत्र इलियास अली निवासी टिमली, थाना सहसपुर, देहरादून की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर साजिद पुत्र रहमत गंभीर रूप से घायल हो गया। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को खाई से बाहर निकाला। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद का झोंका आने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा मृतक और घायल के परिजनों को सूचना दे दी गई है।हादसे के बाद कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने पहाड़ी मार्गों पर लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।सेवा,संवेदनशीलता और कौशल का संगम ही सच्चे चिकित्सक की पहचान-इंटर्नशिप ओरिएंटेशन में डॉ.आशुतोष सयाना का मार्गदर्शन
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जिलाधिकारी ने दी स्वास्थ्य सेवाओं को नयी धार-16 नोडल अस्पताल चिह्नित,एक्सरे,अल्ट्रासाउंड और एंबुलेंस सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण और पीसीपीएनडीटी एक्ट का कड़ाई से पालन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का युक्तिकरण पर भी बल दिया। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे पर विस्तृत चर्चा करते हुए एक महत्वपूर्ण रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि जनपद की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जीआईएस द्वारा 16 अस्पतालों को विशेष नोडल अस्पताल के रूप में चिह्नित किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनपद के किसी भी दुर्गम क्षेत्र के मरीज को सामान्य एक्सरे,अल्ट्रासाउंड,डायग्नोस्टिक परीक्षण और सुरक्षित प्रसव जैसी अनिवार्य सेवाओं के लिए 30 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहकर अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। चिकित्सा सुविधाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिलाधिकारी ने बीरोंखाल,चेलूसैंण और घंडियाल जैसे केंद्रों में तत्काल एक्सरे सेवा शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पाबौ,बीरोंखाल,थलीसैंण,यमकेश्वर और सतपुली में रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए अल्ट्रासाउंड सेवाओं को अविलंब क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए थे,जिसके क्रम में बीरोंखाल तथा सतपुली में साप्ताहिक अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जनता को इन सुविधाओं के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने पाबों तथा यमकेश्वर में भी साप्ताहिक सेवा तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले में की भी क्षेत्र असेवित न रहे तथा सभी को घर के नजदीक सुविधा मिले। बैठक के दौरान विगत छह माह में सरकारी अस्पतालों में प्रसव की कम संख्या पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष और कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला को सीधे निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों की प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो एलएमओ अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन हैं या सक्रिय रूप से कार्य नहीं कर रही हैं,उनका तत्काल अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि मातृत्व स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव के लक्ष्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता अक्षम्य होगी और इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित एमओआईसी की होगी। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए अब नैनीडांडा और रिखणीखाल में भी खुशियों की सवारी सेवा शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सुविधा के माध्यम से अब इन क्षेत्रों की प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को अस्पताल से घर तक सुरक्षित और निःशुल्क परिवहन सेवा उपलब्ध होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुर्गम अंचलों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को सशक्त करना है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और जवाबदेही पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की डिजिटल सूची तैयार की जाए और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से उन्हें संस्थागत प्रसव के लाभों के प्रति निरंतर जागरूक किया जाए। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों की फील्ड में सक्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से एलएमओ के लिए सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से गांवों का भ्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,ताकि ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य निगरानी बेहतर हो सके। इसके साथ ही,उन्होंने अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि पानी की किल्लत और तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा,ताकि चिकित्सा कर्मियों को कार्य में सुगमता हो और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों के जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए गोल्डन ऑवर (आपातकाल के शुरुआती समय) में त्वरित उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि यदि किसी भी परिस्थिति में 108 एंबुलेंस अपने निर्धारित स्थान पर उपलब्ध नहीं है या पहुंचने में असमर्थ है,तो बिना समय गंवाए निकटतम विभागीय एंबुलेंस को तत्काल मौके पर भेजा जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि विभागीय एंबुलेंस का उपयोग करने पर मरीजों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा और यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी,ताकि आर्थिक तंगी किसी के उपचार में बाधा न बने। उन्होंने बताया कि इस हेतु पृथक से धनराशि भी स्वीकृत की गई है। मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और जीवन-रक्षक बनाने के लिए जिलाधिकारी ने जिला रेफरल योजना के कड़ाई से अनुपालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर रेफरल के दौरान सूचना के अभाव में गंतव्य अस्पताल तैयारी नहीं कर पाता,जिससे बहुमूल्य समय नष्ट होता है। इस समस्या के समाधान हेतु उन्होंने निर्देश दिए कि रेफरल के समय ही गंतव्य अस्पताल को पहले से सूचना दी जाए,ताकि मरीज के वहां पहुंचते ही संबंधित विशेषज्ञ और बेड पूरी तैयारी के साथ उपलब्ध रहें। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट किया कि रेफरल केवल औपचारिकता न होकर एक व्यवस्थित जीवन-रक्षक कड़ी होनी चाहिए,जिसमें देरी की कोई गुंजाइश न हो। पीसीपीएनडीटी पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड और इमेजिंग केंद्रों की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार हेतु अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करना होगा और अधिनियम के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबों,यमकेश्वर और उत्तरा केयर हॉस्पिटल के नवीन पंजीकरण के साथ ही मंसा मैटरनिटी सेंटर कोटद्वार को पुरानी मशीन के बदले नई अल्ट्रासाउंड मशीन क्रय करने की अनुमति प्रदान की गई। बैठक के अंत में टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) और डायग्नोस्टिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को आगाह किया कि वे अपने क्षेत्र की स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए सीधे उत्तरदायी होंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग स्वास्थ्य सेवाओं के युक्तिकरण और जन-सुलभ उपचार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में समस्त स्वास्थ्य केंद्रों की प्रदर्शन रिपोर्ट नियमित रूप से तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए रोस्टर प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा रहा है तथा एंबुलेंस व रेफरल सेवाओं की निगरानी स्वयं उनके स्तर से की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को त्वरित लाभ मिले। बैठक में एसीएमओ डॉ.पारुल गोयल,डॉ.विनय त्यागी,सीएमएस पौड़ी डॉ.एल.डी.सेमवाल,कोटद्वार डॉ.विजय कुमार,डॉ.हितेन जंगपांगी,डॉ.रुचि कुमारी सहित सभी एमओआईसी भी उपस्थित रहे।

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