Thursday 07/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
मसूरी-देहरादून मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रक, चालक की मौत देहरादून-मसूरी मार्ग पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में राशन और कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मसूरी पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को खाई से बाहर निकाला।जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 5ः30 बजे मसूरी झील से करीब 200 मीटर आगे देहरादून की ओर एक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस और उप जिला चिकित्सालय की टीम मौके पर पहुंची। परन्तु गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही दिक्कत को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया जिसके बाद संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कर घायल और मृतक को खाई से निकाल कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार ट्रक संख्या यूके 07-सीबी-1727 रेलवे स्टेशन देहरादून से कोल्ड ड्रिंक, तेल और अन्य राशन सामग्री लेकर उत्तरकाशी जा रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक मुबारिक पुत्र इलियास अली निवासी टिमली, थाना सहसपुर, देहरादून की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर साजिद पुत्र रहमत गंभीर रूप से घायल हो गया। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को खाई से बाहर निकाला। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद का झोंका आने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा मृतक और घायल के परिजनों को सूचना दे दी गई है।हादसे के बाद कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने पहाड़ी मार्गों पर लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।सेवा,संवेदनशीलता और कौशल का संगम ही सच्चे चिकित्सक की पहचान-इंटर्नशिप ओरिएंटेशन में डॉ.आशुतोष सयाना का मार्गदर्शनसेवा,संवेदनशीलता और कौशल का संगम ही सच्चे चिकित्सक की पहचान-इंटर्नशिप ओरिएंटेशन में डॉ.आशुतोष सयाना का मार्गदर्शनस्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में प्रशासन सख्त-डीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश स्मारकों का संरक्षण और परिजनों की समस्याओं का त्वरित समाधानतीन राज्यों की जीत पर भाजपाईयों ने भगत सिंह चौक पर मनाया जश्नपुरानी पेंशन बहाली पर आर-पार का ऐलान-2027 बनेगा निर्णायक रण,कर्मचारियों की हुंकार से गूंजा उत्तराखंडगढ़वाली अस्मिता का उत्सव-इन्कलाब आणु चा के विमोचन से श्रीनगर में गूंजे शब्दों के स्वर
राज्य

तिलक राज बेहड़ ने सड़कों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, मंत्री व अधिकारियों को लिखा पत्र

कार्रवाई नहीं हुई तो सदन में उठाएंगे मामला- बेहड़

किच्छा विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर विधायक तिलक राज बेहड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज को पत्र भेजकर विभागीय टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के अंतर्गत किच्छा विधानसभा क्षेत्र में राज्य योजनाओं से स्वीकृत सड़कों के टेंडर 20 प्रतिशत से लेकर 40-41 प्रतिशत तक कम दरों पर स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक कम दरों पर दिए गए टेंडरों के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और हाल ही में निर्मित कई सड़कें शुरुआती दौर में ही उखड़ने लगी हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य विभागीय मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में अधिशासी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता को भी कई बार पत्राचार किया, लेकिन न तो गुणवत्ता की समुचित जांच कराई गई और न ही संबंधित ठेकेदारों पर प्रभावी कार्रवाई की गई। बेहड़ ने बताया कि इस बार भी लगभग 40 प्रतिशत कम दर पर टेंडर स्वीकृत किया गया है, जो विभागीय मानकों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर जनता में भारी रोष है और यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य हो सकते हैं। विधायक बेहड़ ने मंत्री के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग के सचिव, प्रमुख अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा अधिशासी अभियंता को भी पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है तथा अत्यधिक निम्न दरों पर स्वीकृत टेंडरों को निरस्त कर पारदर्शी और मानकानुसार पुनः निविदा प्रक्रिया अपनाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस गंभीर विषय पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से सदन में उठाएंगे।

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