Sunday 15/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
नानकमत्ता साहिब में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया होला मोहल्लानानकमत्ता। गुरुद्वारा छठी पातशाही तपेड़ा नानकमत्ता साहिब में रविवार को होला मोहल्ला का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दूर-दूर से बड़ी संख्या में सिख संगत गुरुद्वारा परिसर में पहुंची और गुरु साहिब के चरणों में मत्था टेका।हर वर्ष की तरह इस बार भी होला मोहल्ला का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष लंगर सेवा की व्यवस्था की गई, जहां बड़ी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही गुरुद्वारा परिसर में कीर्तन दरबार का आयोजन भी हुआ, जिसमें रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन कर संगत को निहाल किया।इस दौरान गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब के प्रधान जोगिंदर सिंह भी कार्यक्रम में पहुंचे और संगत को होला मोहल्ला की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व सिख परंपरा, साहस और सेवा भावना का प्रतीक है।प्रधान जोगिंदर सिंह ने बताया कि आने वाले वर्षों में होला मोहल्ला के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि दूर-दराज से आने वाली संगत को किसी प्रकार की असुविधा न हो।कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।रुद्रपुर में CA’s XI और SGST XI के बीच रोमांचक मैत्री क्रिकेट मैच आयोजित:राष्ट्रीय लोक अदालत में त्वरित न्याय की मिसाल-बाह्य न्यायालय श्रीनगर में 208 मामलों का हुआ निस्तारणजिलाधिकारी के निर्देशन में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की जांच हेतु 15 प्रवर्तन टीमों का औचक निरीक्षण अभियाननानकमत्ता में स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, करीब एक लाख की बरामदगी नानकमत्ता (ऊधमसिंहनगर)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नानकमत्ता पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल से स्मैक की तस्करी कर रहे दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब एक लाख रुपये कीमत की स्मैक बरामद की है।पुलिस के अनुसार प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नानकमत्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान 14 मार्च 2026 को मोटरसाइकिल से स्मैक/हेरोइन का परिवहन कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।तलाशी लेने पर अभियुक्तों के कब्जे से कुल 6.85 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई। इस मामले में कोतवाली नानकमत्ता में एफआईआर संख्या 55/2026 धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम व पते इस प्रकार हैं—अरुण गोस्वामी पुत्र राजकुमार गोस्वामी, निवासी ग्राम मुंडेली, कोतवाली खटीमा, जनपद ऊधमसिंहनगर।अजय शंकर डूंगराकोटी पुत्र दुर्गा दत्त डूंगराकोटी, निवासी भुजिया नंबर-03, जय इष्ट देव कॉलोनी चारुबेटा, कोतवाली खटीमा, जनपद ऊधमसिंहनगर।बरामदगी का विवरणपुलिस के अनुसार अरुण गोस्वामी के कब्जे से एक पारदर्शी प्लास्टिक पन्नी में 3.72 ग्राम स्मैक (शुद्ध वजन 3.05 ग्राम) तथा अजय शंकर डूंगराकोटी के कब्जे से एक पारदर्शी प्लास्टिक पन्नी में 4.47 ग्राम स्मैक (शुद्ध वजन 3.80 ग्राम) बरामद की गई।पुलिस टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारीनिरीक्षक सुनील कुमार, उपनिरीक्षक कृपाल सिंह, हेड कांस्टेबल नवनीत कुमार और कांस्टेबल नवीन बमेठा शामिल रहे।मेट्रोपोलिस सिटी के भव्य द्वार और बूम बैरियरों का महापौर ने किया उद्घाटनमेट्रोपोलिस सिटी के भव्य द्वार और बूम बैरियरों का महापौर ने किया उद्घाटन
राज्य

विश्व उपभोक्ता दिवस पर संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

देहरादून।
विश्व उपभोक्ता दिवस के अवसर पर संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं के चयन के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों, समाजसेवियों तथा जागरूक नागरिकों ने भाग लिया और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के डिप्टी ड्रग कंट्रोलर थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य का औषधि नियंत्रण विभाग हमेशा उत्तराखंड के नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाज़ार में उपलब्ध दवाइयाँ और स्वास्थ्य से जुड़ी वस्तुएँ निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और आम नागरिक तक सुरक्षित रूप में पहुँचें। उन्होंने कहा कि औषधि नियंत्रण विभाग नियमित रूप से दवा निर्माण इकाइयों, मेडिकल स्टोर्स तथा औषधि वितरण केंद्रों की निगरानी करता है, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट, नकली दवाओं या निम्न गुणवत्ता वाली दवाओं को बाज़ार में आने से रोका जा सके।

मुख्य अतिथि ने यह भी कहा कि आज के समय में उपभोक्ताओं को भी जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी दवा को खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, निर्माता कंपनी तथा लाइसेंस की जानकारी अवश्य देखें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध दवा या उत्पाद दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी से ही उपभोक्ता संरक्षण की व्यवस्था मजबूत हो सकती है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता तथा SPECS (सोसाइटी फॉर पब्लिक एंड एनवायरनमेंटल कंसर्न फॉर साइंस) के अध्यक्ष डॉ. बृज मोहन शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में मिलावट उपभोक्ताओं के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार खाद्य पदार्थों, दूध, मसालों, तेल, मिठाइयों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं में मिलावट की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को जागरूक बनाकर ही मिलावट की इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने आम लोगों को कुछ सरल उपाय भी बताए जिनकी सहायता से घर पर ही कई खाद्य पदार्थों की शुद्धता की प्रारंभिक जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि दूध, घी, मसाले और अन्य खाद्य वस्तुओं में मिलावट की पहचान के लिए सरल घरेलू परीक्षण भी संभव हैं, जिनके बारे में जागरूकता फैलाना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को हमेशा विश्वसनीय स्थानों से ही खाद्य पदार्थ और अन्य वस्तुएँ खरीदनी चाहिए तथा पैक्ड वस्तुओं पर अंकित जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जागरूकता बढ़ाने से ही मिलावट और धोखाधड़ी की घटनाओं को रोका जा सकता है।

कार्यक्रम में वक्ता मोहन खत्री ने विश्व उपभोक्ता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि विश्व उपभोक्ता दिवस हर वर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा तथा उनके हितों को सुरक्षित करना है।

मोहन खत्री ने कहा कि आज के दौर में जब बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और नई-नई वस्तुएँ उपभोक्ताओं तक पहुँच रही हैं, तब उपभोक्ताओं को अधिक सतर्क और जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। सही जानकारी, सावधानी और जागरूकता के माध्यम से ही एक सुरक्षित और पारदर्शी उपभोक्ता व्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम में हरी राज सिंह ने पोषण के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में लोग अक्सर संतुलित और पौष्टिक आहार की उपेक्षा कर देते हैं, जिसका सीधा प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर की ऊर्जा, प्रतिरोधक क्षमता और समग्र स्वास्थ्य का आधार है।

हरी राज सिंह ने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक आहार में ताजे फल, सब्जियाँ, अंकुरित अनाज और संतुलित भोजन को शामिल करें। उन्होंने यह भी बताया कि अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और कृत्रिम रसायनों से युक्त वस्तुओं का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

इस अवसर पर जगमोहन मन्दिराटा ने उपभोक्ता जागरूकता और नागरिक कर्तव्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की समझ भी उतनी ही आवश्यक है। यदि उपभोक्ता स्वयं जागरूक होंगे और गलत उत्पादों या सेवाओं के विरुद्ध आवाज़ उठाएंगे, तभी व्यवस्था में सुधार संभव है।

उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता का वातावरण बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे और गलत प्रथाओं के विरुद्ध संगठित रूप से खड़ा हो सके। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे उपभोक्ता जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

कार्यक्रम के दौरान उमेश्वर रावत ने उपस्थित नागरिकों से हमेशा सतर्क और जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सूचना और तकनीक के विस्तार के बावजूद कई बार लोग जागरूकता के अभाव में गलत उत्पादों या सेवाओं का शिकार हो जाते हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम सभी समय-समय पर आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों से जानकारी प्राप्त करें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उपभोक्ता जागरूकता केवल एक दिन का विषय नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। जब तक समाज के प्रत्येक व्यक्ति में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित नहीं होगी, तब तक उपभोक्ता सुरक्षा की व्यवस्था पूर्ण रूप से प्रभावी नहीं हो सकती।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा, मिलावट के खिलाफ जागरूकता और सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

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