अंतर-महाविद्यालयी महोत्सव में बिड़ला परिसर का दबदबा-ओवरऑल चैंपियन बनकर लहराया परचम

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-महाविद्यालयी सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का बहुप्रतीक्षित परिणाम देर रात घोषित होते ही पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल छा गया। कई दिनों तक चली इस भव्य प्रतिस्पर्धा में प्रदेशभर से आए महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा,ज्ञान और रचनात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन किया। इस प्रतिष्ठित महोत्सव में बिड़ला परिसर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया और ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। शैक्षणिक और सांस्कृतिक दोनों ही वर्गों में संतुलित और उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते बिड़ला परिसर ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। शैक्षणिक प्रतिस्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने वाद-विवाद,प्रश्नोत्तरी,शोध प्रस्तुति,निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं में अपने ज्ञान का लोहा मनवाया। दूसरे स्थान पर दव पीजी कॉलेज देहरादून रहा,जिसने कई प्रतियोगिताओं में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।वहीं स्वामी रामतीर्थ परिसर टिहरी ने निरंतर प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया। सांस्कृतिक मंच पर रंग,रस और रचनात्मकता का उत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक संस्कृति,नृत्य,संगीत और नाट्य कला का जीवंत संगम देखने को मिला। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस वर्ग में डाॅल्फिन पीजी कॉलेज देहरादून ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया,जबकि डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून ने तृतीय स्थान हासिल कर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं,बल्कि युवा प्रतिभाओं के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ। यहां छात्रों को अपनी क्षमताओं को पहचानने,निखारने और देश-प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिला। विभिन्न महाविद्यालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। परिणाम घोषणा के बाद विजेताओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह महोत्सव न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच रहा,बल्कि यह साबित करने का अवसर भी बना कि उत्तराखंड की युवा शक्ति प्रतिभा,ऊर्जा और रचनात्मकता से परिपूर्ण है। बिड़ला परिसर की इस ऐतिहासिक जीत ने आने वाले वर्षों के लिए एक नई मिसाल कायम कर दी है।
