श्रीनगर में श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य आयोजन में स्वामी रसिक महाराज के प्रवचनों से गूंजा आध्यात्मिक संदेश

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती श्रीनगर इन दिनों भक्ति,आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आ रही है। सडाना परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बन चुकी है,जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तजन कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। दिनांक 6 अप्रैल को कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा,उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। पूरे कथा पंडाल को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था,जहां भक्ति संगीत,झांकियों और जयकारों के बीच श्रीकृष्ण जन्म की लीला ने वातावरण को पूर्णतः कृष्णमय बना दिया। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की के जयघोष के साथ इस दिव्य क्षण के साक्षी बने। इस पावन अवसर पर हिन्दू धर्म गुरु,सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज का कथा स्थल पर आगमन हुआ। उनके आगमन से पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ और वातावरण और अधिक भक्तिमय हो उठा। सडाना परिवार एवं आयोजकों द्वारा उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों,पुष्पमालाओं और भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक प्रवचनों में स्वामी रसिक महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को अत्यंत सरल और प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि यह मानव जीवन को धर्म,सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की दिव्य प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि कथा श्रवण से मन की शुद्धि होती है,नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही उन्होंने समाज में एकता,प्रेम,भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्वामी रसिक महाराज ने सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए धर्म,संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। उनके उद्बोधन ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। इस धार्मिक आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध किया,बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। श्रीनगर क्षेत्र में इस आयोजन के चलते भक्ति,उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर आशीष सडाना,दर्शन भण्डारी,भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,भाजपा जिला महामंत्री गणेश भट्ट,साध्वी मां देवेश्वरी,रजनी चंदोला,करन नेगी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के दौरान कथावाचक डॉ.शंशाक शेखर डिमरी एवं आशीष सडाना द्वारा स्वामी रसिक महाराज का विशेष स्वागत किया गया। इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं,बल्कि समाज को नैतिकता,सद्भाव और संस्कृति के सूत्र में पिरोने का भी कार्य करते हैं।
