Wednesday 08/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की जांच को प्रवर्तन टीमों का औचक निरीक्षण अभियानइन्कस्पायर पहल बनी शिक्षा की नई रोशनी,दूरस्थ विद्यालयों के बच्चों को मिला संबल और आत्मविश्वासपुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी हुए एकजुट-12 अप्रैल को देहरादून बाइक रैली को सफल बनाने का लिया संकल्पएचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स के छठे दिन तकनीक और दर्शन का संगमकर्तव्य,कर्म और ईमानदारी की जीत-पौड़ी पुलिस के दो जांबाज अधिकारी बने पुलिस उपाधीक्षकश्रीनगर में श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य आयोजन में स्वामी रसिक महाराज के प्रवचनों से गूंजा आध्यात्मिक संदेशरूद्रपुर। पूर्व विधायक एवं कद्दावर नेता राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस पार्टी में सम्मिलित होने के बाद प्रथम बार मुख्य बाजार आगमन पर स्थानीय व्यापारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने व्यापारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रूद्रपुर का व्यापारी वर्ग उनके परिवार के समान है और उनके सुख-दुख में वे हमेशा चट्टान की तरह खड़े रहे हैं। ठुकराल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की जनहितैषी नीतियों और व्यापारियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को देखते हुए उन्होंने पार्टी का दामन थामा है। उन्होंने संकल्प लिया कि व्यापारियों के मान-सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए वे सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस ही प्रदेश और देश को विकास की सही दिशा दे सकती है। कार्यक्रम में पूर्व सांसद महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि राजकुमार ठुकराल के आने से रूद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में कांग्रेस को एक नई ऊर्जा और मजबूती मिली है। नगर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा ममता रानी ने भी ठुकराल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी संगठन और अधिक गतिशील होगा। स्वागत समारोह के दौरान जीत सिंह चाचू, डॉ. अजय सिंह, परगट सिंह, गोपाल भसीन, तजिंदर सिंह लाटू, मुक्तेश्वर शाही, जगदेव सिंह, नाथूलाल कोली, सुरेंद्र अरोड़ा रज्जी, सुमुख सिंह विर्क और संजय जुनेजा, केवल बत्रा, हरजीत कालड़ा, रणजीत सिंह, गुरचरण सिंह, करण सिंह, ओमपाल कोली, इंद्रजीत सिंह, गौरव दीक्षित, गोविंद अग्रवाल, रमेश भुसरी, जसवंत पहवा, मनजीत सिंह, मनमोहन सिंह, भीम पपनेजा, मनजीत सिंह सेतिया, अपार सिंह बेदी, अवतार सिंह खुराना, मोंटी, संजू बेदी, कर्मवीर सिंह, मोहन गुप्ता, ईश्वर सिंह, हरविंदर सिंह जॉनी, रणधीर सिंह, विक्रम सिंह, गुरविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह सोखी, अमरजीत सिंह, करण सिंह, गुरमीत सिंह बतला, रणवीर सिंह, यादराम कोहली, अफजल भाई, सलीम खान, इरफान खान, अनिल नागपाल, शकील खान, केतु मंडल, सुनील चुग, आनंद शर्मा, अजय नारायण सिंह, ललित सिंह बिष्ट, सागर छाबड़ा, डिंपल और बृजेश कंबोज सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में ठुकराल के निर्णय का स्वागत करते हुए कांग्रेस को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।महापौर ने मुख्य बाजार से किया विशेष स्वच्छता अभियान का आगाज
राज्य

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स के छठे दिन तकनीक और दर्शन का संगम


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित आईसीएसएसआर प्रायोजित 10 दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स का छठा दिन ज्ञान,तकनीक और शोध के गहन आयामों के साथ अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चल रही इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को आधुनिक शोध पद्धतियों और डिजिटल उपकरणों से जोड़ते हुए एक सशक्त अकादमिक मंच प्रदान किया। आज के सत्रों में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता से प्रतिभागियों को शोध के व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों पक्षों की गहराई से समझ विकसित कराई। कार्यशाला में बतौर रिसोर्स पर्सन डॉ.सुरेन्द्र सिंह जाटव अर्थशास्त्र विभाग बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ एवं डॉ.शैलेन्द्र कुमार सिंह उच्च शिक्षा विभाग सचिवालय उत्तराखंड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रथम एवं द्वितीय सत्र में डॉ.सुरेन्द्र सिंह जाटव ने डाटा विश्लेषण सॉफ्टवेयर-अनुभवजन्य विश्लेषण विषय पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने शोध कार्य में डाटा विश्लेषण की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स्टाटा सॉफ्टवेयर के महत्व,उपयोगिता और तकनीकी पक्षों को सरल भाषा में समझाया। विशेष बात यह रही कि प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं,बल्कि स्टाटा सॉफ्टवेयर पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी दिया गया,जिससे वे वास्तविक शोध कार्य में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें। इसके बाद तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में डॉ.शैलेन्द्र कुमार सिंह ने शोध के दार्शनिक आधारों पर गहन चर्चा करते हुए ऑन्टोलॉजी,एपिस्टेमोलॉजी और अनुसंधान पद्धति जैसे जटिल विषयों को सहज ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एक सशक्त शोध केवल आंकड़ों का विश्लेषण नहीं,बल्कि उसके पीछे की वैचारिक संरचना को समझना भी उतना ही आवश्यक है। चतुर्थ सत्र में आधुनिक डिजिटल युग के अनुरूप शोध को सशक्त बनाने वाले उपकरणों ग्रामरली,क्विलबॉट,चैटजीपीटी और टैब्लो के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि किस प्रकार ये टूल्स शोध लेखन,विचार निर्माण और डाटा के प्रभावी विजुअल प्रेजेंटेशन में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। इस सत्र ने शोधार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए। कार्यक्रम के अंत में निदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह एवं सह-कोर्स निदेशक डॉ.आलोक सागर गौतम ने सभी प्रतिभागियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला की सार्थकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शोध की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन आरएचजीपीजी कॉलेज,काशीपुर के क्षितिज कुमार एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के योगेश लाल यादव द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। यह कार्यशाला न केवल शोधार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हो रही है,बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों और गहन वैचारिक दृष्टिकोण से लैस कर एक बेहतर शोधकर्ता बनने की दिशा में प्रेरित भी कर रही है।

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