सड़क पर दौड़ता भूसी – बकास का ओवरलोडिंग शैतान

सड़क सुरक्षा की परिवहन विभाग की व पुलिस विभाग की जिम्मेदारी है, वही अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटते नजर आ रहे हैं। ऐसे में विभागीय लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं और समाज सेवी कार्यकर्ता के द्वारा संबंधित अधिकारियों के ट्रांसफर की मांग भी तेज हो गई है।
विशेष अभियान चलाने की मांग – स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने मांग की है की शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों व हाइवे पर मौत बनकर दौड़ रहें ओवरलोड और ओवर-हाइट भूसी, लकड़ी, वकास के ड़ग्गामार वाहनों के खिलाफ दिन-रात विशेष अभियान चलाया जाए
रात्रि में चेकिंग बढ़ाई जाए नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए आखिर किच्छा में परिवहन विभाग का सचल दल 3-3 टीमें होने वाबजूद ओवर लोडिंग क्यों नहीं रुक रही हैं ।पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ।
सामाजिक संस्था लोक मानव विकास समाज कल्याण समिति, अखिल भारतीय भ्रष्टाचार एवं अपराध निवारण परिषद एवं लोक जन शक्ति पार्टी ने संयुक्त रूप से परिवहन अधिकारीयों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ओवरलोडिंग पर रोक नहीं लगाई गई तो एआरटीओ कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो इसके लिए पूरी तरह परिवहन विभाग जिम्मेदार होगा।
समाज सेवी कार्यकर्त्ता राधेश्याम अरोड़ा ,दिलीप अरोड़ा व बलदेव सिंह ने कहा है कि परिवहन प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेकर जल्द ठोस कदम उठाएगा, ताकि सड़क सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सके और हादसों पर अंकुश लगाया जा सके
