Monday 04/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
असम, पुंडुचेरी, पश्चिम बंगाल मे भाजपा की ऐतिहासिक जीत का विधायक शिव अरोरा अपने कार्यालय पर कार्यकताओं संग आतिशबाजी,मिष्ठान खिलाकर मनाया जश्ननविधायक बोले पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मा नेतृत्व का परिणाम, टीएमसी के अराजकता गुंडाराज का हुआ अंतरुद्रपुर मे भी छाई बंगाल की झालमुड़ी, विधायक कार्यालय पर समर्थकों ने जमकर खायी झालमुड़ीरुद्रपुर। ग्राम पिपलिया नंबर एक में आयोजित श्री श्री अखण्ड महानाम संकीर्तन के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आई कीर्तन मंडलियों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से समां बांध दिया और उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संकीर्तन समारोह में पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने भगवान के दरबार में मत्था टेककर क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें श्रद्धा के प्रतीक के रूप में अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजकुमार ठुकराल ने धार्मिक आयोजनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संकीर्तन से न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य सुखदेव हाल्दार, अंति बठला, ओमियो कुमार, जीवन कुमार, सूरज विश्वास, अतुल पोद्दार, हरीपद राहा, विमल विश्वस, श्याम बाला, जयदेव, किशोर बाला, सुभाष व्यापारी, रवि सरकार, मनोरंजन साना, विभूती विश्वास, निताई हाल्दार, जयदेव राहा, जतीश बाला, गुरूचांद ढाली, गौतम विश्वस, राकेश बाला, भवेन्द्र राय, चेतन मैत्र, वरूण हाल्दार, राज राहा, पिंकू राय, विजय मंडल, दीपांकर मण्डल, मनोज विश्वास, नवीन सरकार, मनीष विश्वास और तुषार बाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे।धरा सेवा फाउंडेशन ने पेश की मानवता की मिसालरूद्रपुर। शिवनगर स्थित चामुण्डा मंदिर के सामने इंडियन पब्लिक स्कूल प्रांगण में आयोजित भव्य श्री श्याम कृपा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में संपन्न हुआ, जहां देर रात तक चले संकीर्तन में श्रद्धालु श्याम बाबा के भजनों में लीन होकर भावविभोर होते नजर आए। पूरे कार्यक्रम स्थल पर भक्ति का ऐसा माहौल बना रहा कि हर कोई भजनों की धुन पर झूमता दिखाई दिया और वातावरण ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। महोत्सव का शुभारंभ पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल, राजीव अरोरा, डिम्पल गुप्ता, गौरव गुप्ता, फतेह चन्द्र बंसल, संजीव गुप्ता, महंत सोमानंद जी, महंत अशोक नाथ जी, स्वामी शिवानंद जी महाराज सहित अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से ज्योत प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान आयोजकों ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजकुमार ठुकराल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को आपसी भाईचारे व सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि श्याम बाबा की भक्ति से जीवन में आने वाली कठिनाइयों से पार पाने की शक्ति मिलती है और व्यक्ति के मन को शांति प्राप्त होती है। संकीर्तन में भजन गायक संजू पागपाल, खुशबू राधा, नरेश सैनी और हिमांशु मारवाड़ी ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों की मधुर आवाज और भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे और कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। महोत्सव में संजीव गुप्ता, विकास बंसल, संजय ठुकराल, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी, सुशील गाबा, पंडित राकेश शर्मा, पार्षद शुभम दास, सुरेन्द्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, हिमांशु मारवाड़ी, गगन ग्रोवर, केरू मण्डल, सुनील, हिम्मत राम कोली, संजीव पाठक, विपिन सक्सेना, बाबू राम प्रजापति, सुरजीत गुप्ता, फतेह चन्द्र बंसल, श्रीनिवास गुप्ता, अनुज गंगवार, उमा सरकार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन के सफल संचालन के लिए आयोजक मंडल की सराहना की गई।राष्ट्रीय स्तरीय अस्मिता वूमेन लीग का शानदार शुभारंभमसूरी घूमने आई बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत पर्यटन नगरी मसूरी घूमने आई एक बुजुर्ग महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। महिला को आनन-फानन में सिविल अस्पताल मसूरी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान चित्रा राज पत्नी तरुण राय निवासी इंदिरापुरम, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। उनकी उम्र करीब 74 वर्ष बताई जा रही है। बताया गया कि वह अपने परिवार के साथ देहरादून से मसूरी घूमने आई थीं। जानकारी के अनुसार पिक्चर पैलेस क्षेत्र के आसपास अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत खराब होने पर परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल मसूरी लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सूचना मिलने पर लंढौर चौकी पुलिस के जवान और चौकी इंचार्ज अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। वहीं पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी में बढ़ती भीड़ और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।देवलगढ़ में गूंजेगी आस्था की दिव्य ध्वनि-छठवीं बार अखण्ड महायज्ञ से सजेगा सिद्धपीठ राजराजेश्वरी धामश्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों का हो शीघ्र निर्माण–डॉ.धन सिंह रावतनये सहकारी बैंक खोलने को आरबीआई को भेजे प्रस्ताव–डॉ.धन सिंह रावत
राज्य

श्रीनगर के गोलापार्क में गूंजा श्रमिक एकता का स्वर-मजदूर दिवस पर उठी श्रम कानूनों के खिलाफ बुलंद आवाज


श्रीनगर गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रीनगर के ऐतिहासिक गोलापार्क में अखिल भारतीय यूनाइटेड ट्रेड यूनियन केंद्र (एआईयूटीयूसी) द्वारा एक प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों,सामाजिक कार्यकर्ताओं,छात्र संगठनों एवं आमजन की भागीदारी रही,जहां श्रमिक अधिकारों,वर्तमान श्रम नीतियों और मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई। सभा को संबोधित करते हुए भारत संचार निगम लिमिटेड के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पी.वी.डोभाल ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार श्रम कानूनों में बदलाव को मिठास के साथ प्रस्तुत कर रही है,जबकि वास्तविकता यह है कि चार नए श्रम कानून मजदूर वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने वाले साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से श्रमिक संगठनों को कमजोर कर रही है और मजदूरों को बड़े उद्योग घरानों के हितों के अनुरूप काम करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता भरत सिंह असवाल ने अपने संबोधन में मजदूरों की वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि आज श्रमिक वर्ग आर्थिक,सामाजिक और मानसिक दबावों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई,रोजगार की अनिश्चितता और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने मजदूरों का जीवन कठिन बना दिया है। सभा को संबोधित करते हुए मुकेश सेमवाल ने कहा कि आज का मजदूर अमानवीय परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर है। उन्होंने एलपीजी संकट का जिक्र करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की कठिनाइयों के कारण मजदूर अपने गृह राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं,जिससे भविष्य में श्रम व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। कार्यक्रम के दौरान भारत संचार निगम लिमिटेड के श्रमिक नेता गणेश कला और प्रमोद कुमार ने अपने प्रेरणादायक श्रमिक गीतों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह में जोश और उत्साह का संचार किया। वहीं छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) के सदस्यों ने भी जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन मोनिका चौहान द्वारा किया गया। अंत में आयोजकों ने श्रमिक एकता को मजबूत करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। मजदूर दिवस के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्रमिक वर्ग अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने को तैयार है।

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