गांव-गांव पहुंच रहा उच्च शिक्षा का संदेश-हिमवंत चन्द्र कुंवर बर्तवाल महाविद्यालय ने शुरू किया व्यापक प्रवेश जागरूकता अभियान

चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल राजकीय महाविद्यालय नागनाथ पोखरी चमोली द्वारा एक अभिनव और सराहनीय पहल शुरू की गई है। महाविद्यालय प्रशासन इन दिनों गांव-गांव जाकर छात्रों और अभिभावकों को उच्च शिक्षा,आधुनिक सुविधाओं,छात्रवृत्तियों और कैरियर संभावनाओं की जानकारी दे रहा है। महाविद्यालय के प्रवेश प्रचार-प्रसार अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्राध्यापकों की विभिन्न टीमें दूरस्थ गांवों और विद्यालयों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं से अवगत करा रही हैं। यह अभियान क्षेत्र में शिक्षा के प्रति नई जागरूकता और सकारात्मक वातावरण तैयार करता दिखाई दे रहा है। अभियान की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य प्रो.डॉ.रीटा शर्मा ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में महाविद्यालय में व्यापक परिवर्तन हुए हैं,लेकिन इसकी संपूर्ण जानकारी अब भी अनेक छात्रों और अभिभावकों तक नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महाविद्यालय आधुनिक शिक्षा सुविधाओं से सुसज्जित है,जहां अनुभवी शिक्षकों,आधुनिक प्रयोगशालाओं,समृद्ध पुस्तकालय एवं डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को यह विश्वास दिलाना है कि बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के अवसर अब उनके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थियों में महाविद्यालय में प्रवेश लेने की रुचि बढ़ेगी और क्षेत्रीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकतम लाभ मिल सकेगा। प्रचार-प्रसार अभियान के मुख्य संयोजक डॉ.राजेश भट्ट ने बताया कि अभियान को दस दिनों से अधिक समय हो चुका है। प्रथम चरण में महाविद्यालय के निकटवर्ती 18 इंटर कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया,जबकि अब द्वितीय चरण में ग्राम स्तर पर पहुंचकर छात्रों और अभिभावकों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों,छात्रवृत्तियों,प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी,कैरियर काउंसलिंग एवं रोजगारपरक अवसरों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अभियान के लिए पांच अलग-अलग दल गठित किए गए हैं,जो लगातार विभिन्न गांवों का भ्रमण कर रहे हैं। प्रथम दल के संयोजक डॉ.प्रवीण मैठाणी ने बताया कि उनके दल द्वारा थाला,चन्द्रनगर,टैगोर चिल्ड्रन अकादमी एवं कनकचौरी क्षेत्र में छात्रों और अभिभावकों से संवाद स्थापित किया गया। उनके साथ डॉ.केवलानन्द,डॉ.अनुपम रावत,चन्दन एवं चन्द्रेश भी उपस्थित रहे। द्वितीय दल के संयोजक डॉ.जगजीत सिंह ने जानकारी दी कि उनके दल ने देवीखेत,काफलपानी,सोडा मंगरा,त्रिशूला,मल्ला बीणा,तल्ला बीणा,आली,सतूड,काण्डई,नैल,सांकरी एवं सैम गांवों में पहुंचकर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जुड़ी जानकारियां प्रदान कीं। इस दौरान डॉ.अंशु सिंह,डॉ.किरन चौहान,डॉ.आरती रावत एवं दिनेश नेगी भी उनके साथ रहे। तृतीय दल के संयोजक डॉ.रामानन्द उनियाल ने बताया कि उन्होंने अपने सहयोगी प्राध्यापकों डॉ.कंचन सहगल एवं डॉ.कीर्ति गिल के साथ भिकौना,चांदनीखाल,हापला एवं बंगथल गांवों का भ्रमण किया और विद्यार्थियों को महाविद्यालय की सुविधाओं की जानकारी दी। चतुर्थ दल के संयोजक डॉ.अभय कुमार श्रीवास्तव एवं डॉ.रेनू सनवाल ने बताया कि उन्होंने अपने दल के साथ पोगठा एवं देवीसैण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दल में डॉ.श्वेता रावत एवं ललिता कण्डारी भी शामिल रहीं। पंचम दल के संयोजक डॉ.आयुष बर्तवाल ने बताया कि उनके दल द्वारा सरमौला,खाल,बिनगढ़,उमेडा,कर्चुना,बमौथ एवं सूगी गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। उनके साथ डॉ.शशि चौहान एवं डॉ.शाजिया सिद्दीकी भी उपस्थित रहीं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए समर्थ पोर्टल में पंजीकरण की विशेष व्यवस्था भी की गई है। विमल एवं शिवा कुंवर द्वारा छात्रों का ऑनलाइन पंजीकरण कर उन्हें प्रवेश प्रक्रिया में हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है,ताकि किसी भी छात्र को तकनीकी या अन्य प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रचार-प्रसार अभियान का संपूर्ण रोडमैप वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.संजीव कुमार जुयाल एवं डॉ.नन्द किशोर चमोला द्वारा तैयार किया गया है। महाविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यापक जागरूकता अभियान से क्षेत्रीय विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी और आगामी सत्र में प्रवेश संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। ग्रामीण अंचलों तक पहुंचकर शिक्षा का दीप जलाने की यह पहल न केवल सराहनीय है,बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार और युवा प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम भी साबित हो रही है।
