श्रीनगर विधानसभा में हिमालय क्रांति पार्टी की बड़ी राजनीतिक दस्तक-पोखरी से उठी बदलाव की हुंकार,2027 में राष्ट्रीय दलों को चुनौती

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की राजनीति में क्षेत्रीय अस्मिता,मूल निवास और मजबूत भू-कानून जैसे मुद्दों को लेकर सक्रिय हिमालय क्रांति पार्टी ने अब श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में भी अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। ग्राम सभा पोखरी में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के माध्यम से पार्टी ने न केवल क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई,बल्कि कई स्थानीय लोगों को अपने साथ जोड़कर आगामी राजनीतिक समीकरणों के संकेत भी दे दिए। ग्राम पंचायत भवन पोखरी में महिला मंगल दल अध्यक्ष नीलम नेगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व प्रधान जयपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने हिमालय क्रांति पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान क्षेत्र में राजनीतिक बदलाव और स्थानीय मुद्दों को लेकर जोरदार चर्चा देखने को मिली। कार्यक्रम में पहुंचे हिमालय क्रांति पार्टी के प्रदेश महासचिव डॉ.दिनेश सिंह बिष्ट ने सभी नवागंतुक सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और कहा कि उत्तराखंड की जनता पिछले 26 वर्षों से राष्ट्रीय दलों की राजनीति से निराश है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े राजनीतिक दल केवल सत्ता और अपने संगठनात्मक हितों तक सीमित रह गए हैं,जबकि गांव,किसान,युवा और स्थानीय समस्याएं लगातार उपेक्षित होती रही हैं। डॉ.बिष्ट ने कहा कि हिमालय क्रांति पार्टी मिट्टी,मेहनत और मिशन की भावना के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता राष्ट्रीय दलों को जवाब देने के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने पार्टी के चार प्रमुख संकल्पों को दोहराते हुए कहा कि हिमालय क्रांति पार्टी सत्ता में आने पर मूल निवास 1950 को पुनः लागू करेगी,प्रत्येक परिवार को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा,सशक्त भू-कानून लागू होगा तथा गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाएगा। प्रदेश महासचिव ने स्थानीय विधायक एवं मंत्री डॉ.धन सिंह रावत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में कटुलस्यूं पट्टी विकास के बजाय बदहाल सड़कों और अधूरी योजनाओं की प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि गड्ढों में सड़क ढूंढना अंधेरे में परछाई खोजने जैसा हो गया है। बैठक में पूर्व प्रधान जयपाल सिंह नेगी ने कहा कि ग्रामीण अब केवल चुनावी वादों और नारों से प्रभावित होने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से राष्ट्रीय दलों ने जनता को आश्वासन तो दिए,लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांवों की सुध लेने कोई नहीं आया। अब क्षेत्र की जनता राज्यहित और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने वाली राजनीतिक सोच के साथ खड़ी होगी। जिला महासचिव पपेंद्र सिंह रावत ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि हिमालय क्रांति पार्टी स्थानीय नेतृत्व और जनभागीदारी में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह नेगी के जुड़ने से श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को नई मजबूती मिली है और संगठन को गांव स्तर तक विस्तार देने में सहायता मिलेगी। बैठक में सुरेश चमोली,विपिन कुकरेती,राजेंद्र सिंह रावत,शिव कुमार पांडे,नीलम नेगी,लक्ष्मी देवी,मीना देवी,सुनीता देवी,पार्वती देवी,विमला देवी,रेखा देवी,रिया,अनूप सिंह बिष्ट,प्रताप सिंह,वासुदेव सिंह सहित अनेक ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान क्षेत्रीय मुद्दों,बेरोजगारी,पलायन,सड़क,शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने कहा कि अब उत्तराखंड की राजनीति में स्थानीय सरोकारों और पहाड़ के वास्तविक मुद्दों को केंद्र में लाने की आवश्यकता है। पोखरी में आयोजित यह बैठक स्पष्ट संकेत दे रही है कि आगामी चुनावों को लेकर क्षेत्रीय दल भी अब गांव-गांव में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहे हैं।
