पौड़ी की वादियों से मिला अपनापन कभी नहीं भूलूंगा-भावुक विदाई में छलका मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत का आत्मीय जुड़ाव

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पर्वतीय जनपद पौड़ी की शांत वादियों में शुक्रवार का दिन प्रशासनिक आत्मीयता,सम्मान और भावुक क्षणों का साक्षी बना। विकास भवन सभागार में उस समय एक अलग ही भावनात्मक वातावरण देखने को मिला,जब जनपद के मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत को उनके स्थानांतरण पर गरिमामयी विदाई दी गई। अधिकारियों,कर्मचारियों और सहयोगियों ने उन्हें केवल एक अधिकारी नहीं,बल्कि एक सरल,संवेदनशील और समाधानोन्मुख व्यक्तित्व के रूप में याद किया। संभागीय खाद्य नियंत्रक गढ़वाल परिक्षेत्र के महत्वपूर्ण दायित्व पर स्थानांतरित हुए मुख्य विकास अधिकारी के सम्मान में आयोजित समारोह में जनपद के अधिकारियों ने उनके कार्यकाल को पौड़ी के प्रशासनिक इतिहास का प्रेरणादायी अध्याय बताया। सभागार तालियों की गूंज और आत्मीय शब्दों से बार-बार भावुक होता रहा। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने मुख्य विकास अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके साथ कार्य करने का अनुभव अत्यंत सकारात्मक,प्रेरणादायी और सीख देने वाला रहा। उन्होंने कहा कि गिरीश गुणवंत ने विकास योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा,बल्कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर उन्हें धरातल पर प्रभावी रूप से लागू कराया। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक विकासखंडों वाले पर्वतीय जनपद में लगातार क्षेत्र भ्रमण कर मुख्य विकास अधिकारी ने गांवों की वास्तविक समस्याओं को समझा और संवेदनशीलता के साथ उनके समाधान का प्रयास किया। यही कारण रहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में बेहतर समन्वय स्थापित हुआ और विकास कार्यों में नई गति देखने को मिली। जिलाधिकारी ने कहा कि गिरीश गुणवंत की सबसे बड़ी विशेषता उनका सहज व्यवहार और टीम भावना रही। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सदैव प्रेरित किया तथा हर परिस्थिति में सकारात्मक वातावरण बनाकर कार्य किया। जनसमस्याओं के प्रति उनका संवेदनशील दृष्टिकोण और निर्णय क्षमता लंबे समय तक याद की जाएगी। विदाई समारोह में भावुक होते हुए मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि पौड़ी जनपद में बिताया गया कार्यकाल उनके प्रशासनिक जीवन का सबसे यादगार और सीख देने वाला समय रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण प्रशासनिक सेवा की सामान्य प्रक्रिया है,लेकिन यहां के लोगों का स्नेह,सहयोग और आत्मीयता जीवनभर स्मृतियों में बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि विकास विभाग में कार्य करने से प्रशासन को समाज की जमीनी वास्तविकताओं को समझने का अवसर मिलता है। यही अनुभव भविष्य के निर्णयों को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाता है। मुख्य विकास अधिकारी ने जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनका तनावमुक्त और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रशासनिक सेवा के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि समस्याओं से घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से उनका समाधान निकालना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में व्यवहार कुशलता,सरलता और सहजता व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। साथ ही उन्होंने पौड़ी की जलवायु को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए सभी से व्यस्त जीवन के बीच अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने के लिए विभागों के बीच समन्वय और टीम भावना अत्यंत आवश्यक है। जनहित सर्वोपरि होना चाहिए और प्रशासन का हर प्रयास समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। समारोह के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल,बीडीओ थलीसैंण टीकाराम पुरोहित तथा दुगड्डा विद्यादत्त रतूड़ी सहित कई अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने मुख्य विकास अधिकारी को एक ईमानदार,कर्मठ और पारदर्शी अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विकास योजनाओं को नई दिशा और गति मिली। कार्यक्रम का संचालन स्वजल परियोजना प्रबंधक दीपक रावत ने किया। समारोह के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पौड़ी में मिला सहयोग और अपनापन उनके जीवन की अमूल्य पूंजी रहेगा। विदाई के इस भावुक अवसर पर विकास भवन का वातावरण आत्मीयता,सम्मान और प्रेरणा से सराबोर दिखाई दिया। जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों ने खड़े होकर तालियों के साथ मुख्य विकास अधिकारी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
