Tuesday 12/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
आर्ट ऑफ लिविंग की स्थानीय इकाई ने संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी के अवतरण दिवस के पूर्व दिवस पर राजकीय संयुक्त उपजिला चिकित्सालय में रक्तदान किया गया व रोगियों को फल वितरण किया गया।इस अवसर पर उपस्थित साधकों ने सेवा,समर्पण और सत्संग का संकल्प लिया गया।श्री श्री रविशंकर जी द्वारा मानवता के लिए किए जा रहे प्रयासों में स्वयं को आत्मसात करने की बात कही गई।रक्त दान में शामिल सुदर्शन बिष्ट,मंजू,वीना नेगी,मनीष पांडे,उर्मिला पांडे,आशीष पंवार,उषा चौधरी आदि का संस्था के सदस्यों का अस्पताल प्रबंधन ने सराहना की।संस्था ने इस अवसर पर रोगियों को फल वितरण भी किया गया। इस अवसर पर संस्था के कई स्वयं सेवी उपस्थित रहे।उत्तराखंड में फॉरेंसिक सेवाओं की डिजिटल क्रांति,मेडिकल कॉलेज श्रीनगर ने शुरू की हाईटेक एमएलसी व्यवस्थाजिला गंगा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने नगर निकायों को निर्देश दिये कि जनपद में शतप्रतिशत सरकारी व निजी सीवर टैंक वाहनों में जीपीएस अवश्य लगवाये व उनकी निगरानी भी करें। उन्होने कहा कि जो निजी सीवर टैंक वाहन पंजीकरण न कराकर कार्य कर रहे है उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए उन्हे सीज किया जाये। उन्होने कहा कि सीवर टैंक वाहन एसटीपी प्लांट में ही सीवर डालें, अन्य जगह सीवर डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये। उन्होने नगर आयुक्त नगर निगम काशीपुर व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका किच्छा को एक माह के भीतर कूड़ा निस्तारण कराने फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि लिगेसी वेस्ट को नियमित निस्तारण कराते रहे, कही भी कूड़ा डम्प न किया जाये। उन्होने खटीमा में एफएसटीपी प्लांट लगाने हेतु अधिशासी अभियंता पेयजल निगम स्टीमेट बनाकर शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिये।मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को सख्त निर्देश दिये कि ग्राम पंचायतो में कूड़ा निस्तारण हेतु 15 दिन के भीतर नगर निकायों से ओएमयू कराकर अवगत कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि ग्राम पंचायतो से निकलने वाले कूड़े को नजदीकी निकायो में भेजने के निर्देश डीपीआरओ को दिये। उन्होनेे क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी को निर्देश दिये कि औद्योगिक संस्थानों में नियमित निरीक्षण करें व बिना ट्रीट किये पानी यदि कोई नदी, नालों में पानी डालता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होने प्राइवेट व सकारी चिकित्सालयों से प्रतिदिन निकलने वाला बायोमेडिकल वेस्ट का मानकों के अनुसार निस्तारण कराने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिये। उन्होने सभी विभागीय अधिकारियों को नमामि गंगे व एनजीटी के गाइड लाइनों का अनुपालन करने के निर्देश दिये।विज्ञान नवाचार और युवा सोच का महाकुंभ-एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर गूंजा आत्मनिर्भर भारत का संकल्पपैठाणी महाविद्यालय का प्रथम वार्षिकोत्सव बना ऐतिहासिक-उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने की विकास योजनाओं की झड़ीपौड़ी की वादियों से मिला अपनापन कभी नहीं भूलूंगा-भावुक विदाई में छलका मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत का आत्मीय जुड़ावश्रीनगर विधानसभा में हिमालय क्रांति पार्टी की बड़ी राजनीतिक दस्तक-पोखरी से उठी बदलाव की हुंकार,2027 में राष्ट्रीय दलों को चुनौतीगांव-गांव पहुंच रहा उच्च शिक्षा का संदेश-हिमवंत चन्द्र कुंवर बर्तवाल महाविद्यालय ने शुरू किया व्यापक प्रवेश जागरूकता अभियानअब विकास की रफ्तार से जुड़ेगा संगलाकोटी-73 लाख की लागत से मोटर मार्ग के द्वितीय चरण का शिलान्यासडीपीएस में आयोजित हुआ जापानी भाषा पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम “द मैजिक ऑफ जापान”दिल्ली पब्लिक स्कूल रुद्रपुर में जापानी भाषा पर आधारित एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभा का उद्देश्य विद्यार्थियों को जापान की भाषा, संस्कृति और अनुशासन से परिचित कराना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार एवं पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र, थे। विशिष्ट अतिथि श्री विकास शर्मा जी, मेयर नगर निगम रुद्रपुर तथा श्री कोजी सतो जी, अध्यक्ष जापान फाउंडेशन, नई दिल्ली, उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का विद्यालय द्वारा उत्तराखंड की पहचान पारंपरिक पिछौड़ा भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं प्रसिद्ध जापानी संगीत के साथ की गई।इसके बाद विद्यार्थियों ने जापानी भाषा एवं संस्कृति पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें जापानी गीत-संगीत, प्रसिद्ध जापानी थिएटर तथा पारंपरिक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। इसके साथ ही जापान की संस्कृति, तकनीकी प्रगति और वहाँ के अनुशासन पर रोचक जानकारी भी साझा की गई। कुछ विद्यार्थियों ने पारंपरिक जापानी परिधान एवं कला शैली का सुंदर प्रदर्शन किया।विद्यार्थियों ने जापानी प्रतिनिधियों एवं अन्य अतिथियों के मार्गदर्शन में ओरिगामी, कैलिग्राफी तथा जापानी व्यंजन बनाने जैसी गतिविधियों में भी भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए जापानी व्यंजनों और सांस्कृतिक गतिविधियों ने विद्यालय में जापानी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को जापान की परंपराओं, कला एवं संस्कृति को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया।मुख्य अतिथि श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने अपने भाषण में कहा कि नई भाषाएँ सीखने से ज्ञान बढ़ता है और विभिन्न देशों की संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल रुद्रपुर के छात्रों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की प्रशंसा की तथा आमंत्रण के लिए विद्यालय का धन्यवाद किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के चेयरमैन श्री सुरजीत सिंह ग्रोवर जी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों के आत्मविश्वास और वैश्विक दृष्टिकोण को विकसित करती हैं तथा छात्रों को सीखने के लिए नए अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों को और बेहतर तरीके से सीखने हेतु विद्यालय में स्किल लैब का भी उद्घाटन किया जा चुका है।पूरा कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और सीखने की भावना से भरपूर रहा। विद्यार्थियों ने इस अनोखी प्रस्तुति का आनंद लिया और जापानी भाषा एवं संस्कृति के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की।
राज्य

विज्ञान नवाचार और युवा सोच का महाकुंभ-एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर गूंजा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर विज्ञान,नवाचार और तकनीकी चेतना का प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला। संस्थान नवाचार परिषद (IIC) द्वारा विज्ञान भारती (विभा) उत्तराखंड के सहयोग से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में शिक्षाविदों,वैज्ञानिक चिंतकों,शोधार्थियों,विद्यार्थियों एवं नवाचारकर्ताओं ने एक मंच पर एकत्र होकर राष्ट्र निर्माण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका पर गंभीर मंथन किया। कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं,बल्कि युवा प्रतिभाओं को वैज्ञानिक सोच,नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा से जोड़ने का सशक्त प्रयास बनकर उभरा। विश्वविद्यालय परिसर पूरे दिन तकनीकी ऊर्जा,शोधपरक संवाद और रचनात्मक विचारों से जीवंत दिखाई दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। ज्ञान,अनुसंधान और प्रबोधन के प्रतीक इस शुभारंभ ने पूरे आयोजन को गरिमामयी स्वरूप प्रदान किया। स्वागत संबोधन देते हुए प्रो.टी.सी.उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान युग विज्ञान और तकनीक का युग है,जहां नवाचार ही विकास की सबसे बड़ी शक्ति बन चुका है। उन्होंने उपस्थित अतिथियों,शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। इसके पश्चात प्रो.हेमवती नंदन ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की तकनीकी उपलब्धियां आज विश्व मंच पर देश की नई पहचान बन रही हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान और अनुसंधान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने चाहिए,तभी उनका वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। संस्थान नवाचार परिषद (IIC) की कार्यप्रणाली एवं उद्देश्यों को प्रस्तुत करते हुए प्रो.नटनम गोविंदम ने विद्यार्थियों में नवाचार,उद्यमिता और रचनात्मक सोच को विकसित करने के लिए परिषद द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका अब केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रह गई है,बल्कि उन्हें नवाचार आधारित नेतृत्व तैयार करना होगा। डॉ.वरुण बड़थ्वाल ने कार्यक्रम की गतिविधियों एवं समकालीन तकनीकी चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक समस्याओं का समाधान विज्ञान एवं तकनीकी उन्नति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से शोध और तकनीकी प्रयोगों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान राष्ट्र की वैज्ञानिक चेतना के केंद्र होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुसंधान,नवाचार और तकनीकी दक्षता के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्री रामा हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजेंद्र डोभाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। आवश्यकता केवल उस प्रतिभा को पहचानने और समर्पण के साथ उसे विकसित करने की है। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास,निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। जी.बी.पंत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान पौड़ी के निदेशक प्रो.वी.के.बांगा ने आधुनिक जीवन में तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता,डिजिटल तकनीक और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियां समाज की कार्यप्रणाली को तेजी से बदल रही हैं और आने वाला समय तकनीकी नवाचारों का होगा। कार्यक्रम में डॉ.शुभ्रा काला ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के ऐतिहासिक महत्व तथा भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीकी आत्मनिर्भरता किसी भी राष्ट्र की प्रगति का मूल आधार होती है। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा आयोजित पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता रही,जिसमें विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े नवाचारी विचारों और शोध आधारित अवधारणाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने उपस्थित विशेषज्ञों एवं शिक्षकों को प्रभावित किया। विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत डॉ.वरुण बड़थ्वाल के संचालन में आयोजित खुले परिचर्चा सत्र में प्रतिभागियों ने उभरती तकनीकों,नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र,स्टार्टअप संस्कृति और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। संवाद आधारित इस सत्र ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और शोध के प्रति उत्साह का संचार किया। समापन अवसर पर प्रो.हेमवती नंदन ने विद्यार्थियों से सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज और मानवता तक पहुंचे। अंत में डॉ.भास्करन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों,आयोजकों,प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

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