सुशासन की कसौटी पर विकास योजनाओं की समीक्षा-सचिव दीपक कुमार ने तय किया विकास का रोडमैप

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृत शिक्षा,जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति,मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन,कृषि,स्वास्थ्य,पर्यटन,आजीविका,शिक्षा तथा साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध,गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं,बल्कि आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसके लिए सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सचिव दीपक कुमार ने शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी विभागों के कार्यालयों के नामपट्ट संस्कृत भाषा में भी अंकित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता दरबार एवं चौपाल के दौरान संबंधित क्षेत्रों में रात्रि विश्राम भी करें,ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को नजदीक से समझकर उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जा सके। साथ ही अधीनस्थ कार्यालयों के नियमित निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान सचिव ने कृषि यंत्रों की उपलब्धता,बीज वितरण एवं किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी ली। उन्होंने कृषि,उद्यान,डेयरी,जलागम एवं मत्स्य विभागों के समन्वय से एकीकृत कृषि मॉडल विकसित करने के निर्देश देते हुए जुलाई तक तीन विकासखंडों में इसका मॉडल तैयार करने तथा सितंबर तक सभी विकासखंडों में इसे लागू करने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने वन पंचायतों को भी घेरबाड़ सहित अन्य विकास कार्यों में सहभागी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित मामलों का नियमित अनुश्रवण करने तथा अधिक शिकायत वाले विभागों को शिकायतों का शीघ्र,पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में सचिव ने जनपद के शीर्ष-10 स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदी समूहों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। पर्यटन क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने सतपुली झील परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने तथा स्यूंसी झील को भी उसी तर्ज पर विकसित करने को कहा। साथ ही पर्यटन,होमस्टे एवं होटल व्यवसाय से जुड़े लंबित सब्सिडी प्रकरणों का बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शिशु मृत्यु दर,मातृ मृत्यु दर एवं टीबी मुक्त अभियान की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त लैंड होल्डिंग के सरलीकरण,कीवी,सेब एवं ड्रैगन फ्रूट मिशन,मत्स्य पालन,लोक निर्माण विभाग,पीएमजीएसवाई,शिक्षा,युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए सचिव ने जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नवाचारी उपाय अपनाने पर बल दिया। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सचिव ने साइबर फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों के प्रशिक्षण,विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने,साइबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा नशीली दवाओं की अवैध बिक्री करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अन्य राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बस अड्डों एवं रेलवे स्टेशनों पर नियमित निगरानी एवं सघन जांच अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,अपर जिलाधिकारी एफ.आर.चौहान,परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.शिवमोहन शुक्ला,क्षेत्राधिकारी तपेश कुमार चंद,डीएसटीओ राम सलोने,सहायक निदेशक संस्कृत मनोज कुमार सिमल्टी,जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी,मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल,अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस.रावत,जल निगम के नवनीत कटारिया,विद्युत विभाग के अभिनव रावत,पीएमजीएसवाई के परशुराम चमोली,सिंचाई विभाग के सचिन शर्मा,प्रभारी मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सचिव दीपक कुमार ने कहा कि विकास योजनाओं की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता की संतुष्टि है। सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शिता,जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें,ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके।
