बणासी में गुलदार का आतंक-महिला की मौत के बाद वन विभाग का बड़ा एक्शन,ड्रोन,ट्रैप कैमरों और पिंजरों से शुरू हुआ ऑपरेशन

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। बणासी गांव में गुलदार के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की सुरक्षा अब प्रशासन और वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। गुलदार की तलाश में आधुनिक तकनीक और विशेष टीमों की मदद से व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है,ताकि आदमखोर बन चुके गुलदार को जल्द से जल्द पकड़कर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई जा सके। घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र में व्यापक निगरानी एवं सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारी लगातार गांव में डेरा डाले हुए हैं और गुलदार की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। आधुनिक तकनीक के साथ-साथ विशेषज्ञ टीमों को भी अभियान में लगाया गया है,जिससे जल्द सफलता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) महातिम यादव स्वयं बणासी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि शासन के नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है,ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सके। डीएफओ ने बताया कि वन क्षेत्राधिकारी सुभाष घिल्डियाल के नेतृत्व में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में 10 अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं, जबकि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए 4 पिंजरे भी स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से जंगल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की हवाई निगरानी की जा रही है,जिससे गुलदार की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि अभियान में ट्रैंकुलाइजिंग (बेहोश करने) वाली विशेषज्ञ टीम,प्रशिक्षित निगरानी दल और विभागीय शूटर भी तैनात किए गए हैं। सभी टीमें चौबीसों घंटे क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे फिलहाल अनावश्यक रूप से जंगल या सुनसान क्षेत्रों की ओर अकेले न जाएं। खेतों और जंगल में जाने के दौरान समूह में रहें तथा बच्चों और बुजुर्गों को अकेला बाहर न भेजें। यदि कहीं भी गुलदार दिखाई दे या उसकी गतिविधि के संकेत मिलें तो तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें,ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों ने भी वन विभाग से अभियान को और तेज करने तथा गुलदार को शीघ्र पकड़ने की मांग की है। क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि विभाग की सक्रिय कार्रवाई से जल्द ही उन्हें इस आतंक से राहत मिलेगी।
