जनता की चौखट पर प्रशासन-एडीएम ने सुनीं 25 शिकायतें,अधिकांश मामलों का मौके पर समाधान

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम एक बार फिर आमजन की उम्मीदों पर खरा उतरता नजर आया। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी एफ.आर.चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में कुल 25 शिकायतें दर्ज की गईं,जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया,जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पेयजल संकट,सड़क,सिंचाई,वन्यजीवों के बढ़ते आतंक,भूमि सीमांकन,अतिक्रमण,सड़क सुरक्षा और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। अपर जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर कार्रवाई करने तथा समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्राम स्वीत निवासी उषा देवी ने क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर के पुनर्निर्माण एवं स्वीत-गहड़ मोटर मार्ग के डामरीकरण की मांग उठाई। इस पर अपर जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग को नहर की मरम्मत तथा लोक निर्माण विभाग को मोटर मार्ग की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नगर पालिका पौड़ी के वार्ड-4 के राजेंद्र शाह,ग्वाड़ निवासी महावीर सिंह,जसकोट के भीम सिंह रावत तथा धूलेत क्षेत्र के ग्रामीणों ने पेयजल संकट की समस्या प्रमुखता से उठाई। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। नगर पालिका पौड़ी के सभासद अरविंद रावत ने पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग पर डीएवी स्कूल के समीप सड़क के ऊपर झुके पेड़ से संभावित दुर्घटना की आशंका जताई। वहीं भैंसवाड़ा निवासी राजपाल सिंह रावत ने वनाग्नि में क्षतिग्रस्त फलदार पेड़ों के मुआवजे की मांग रखी। इस पर अपर जिलाधिकारी ने वन विभाग को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोक सिंह रावत ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 में संशोधन की मांग उठाई। साथ ही बाजारों में फल एवं सब्जी विक्रेताओं द्वारा रेट सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने का भी अनुरोध किया। अपर जिलाधिकारी ने इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी एवं नगर पालिका को आवश्यक परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।इसके अतिरिक्त सड़क मरम्मत,मोटर मार्गों पर सुरक्षा कार्य,भूमि सीमांकन,अतिक्रमण हटाने तथा अन्य विकास कार्यों से संबंधित शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान प्रशासन की तत्परता का उदाहरण भी देखने को मिला। कल्जीखाल विकासखंड के ग्राम सूला निवासी रजनी देवी की पेयजल समस्या का मौके पर ही समाधान कराया गया। अधिशासी अभियंता जल संस्थान ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन पर लगा फैरूल (कंट्रोलर) पूरी तरह चोक मिला था, जिससे तीन से चार परिवारों की जलापूर्ति बाधित हो रही थी। विभागीय फिटर द्वारा तत्काल खराबी दूर कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी गई,जिससे प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिली। अपर जिलाधिकारी एफ.आर.चौहान ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं,बल्कि उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव,संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,डीपीआरओ जितेंद्र कुमार,मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना,मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती,अधिशासी अभियंता सिंचाई सचिन शर्मा,जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह,जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
