Wednesday 01/ 07/ 2026 

Bharat Najariya
रुद्रपुर के ड्रेनेज प्रोजेक्ट को मिली रफ्तारनगर पंचायत थलीसैंण में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत विशेष शिविर आयोजितपूर्वी और पश्चिमी नयार में वैज्ञानिक हस्तक्षेप से सुधरेगा जल प्रवाह और पर्यावरणीय संतुलन–प्रभारी सचिवजनता की चौखट पर प्रशासन-एडीएम ने सुनीं 25 शिकायतें,अधिकांश मामलों का मौके पर समाधानआपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह रहे सक्रिय,संसाधनों की न हो कमी–दिलीप जावलकरसहकारिता से सशक्त होंगे किसान,युवा और महिलाएं–कैबिनेट मंत्रीएक वृक्ष ओपीएस के नाम से गूंजेगी पुरानी पेंशन की मांग,12 जुलाई को पूरे उत्तराखंड में चलेगा महाअभियानजनता के हक की लड़ाई में विभागीय सीमाओं से ऊपर उठीं मेयर आरती भण्डारी-जल संस्थान को दोटूक-समस्याएं नहीं सुलझीं तो होगा बड़ा एक्शनडॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत गढ़ने का संकल्प दोहराया,कार्यकर्ता सम्मेलन में गूंजा राष्ट्रवाद का स्वरउत्तराखंड पिकलबॉल एसोसिएशन की ओर से आयोजित द्वितीय उत्तराखंड पिकलबॉल चैंपियनशिप में अनमोल मलिक और अनुभव ने दोहरा खिताब जीता।
राज्य

पूर्वी और पश्चिमी नयार में वैज्ञानिक हस्तक्षेप से सुधरेगा जल प्रवाह और पर्यावरणीय संतुलन–प्रभारी सचिव


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। प्रमुख सचिव एवं जनपद के प्रभारी सचिव दिलीप जावलकर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (सारा) की बैठक में नयार नदी पुनर्जीवन के लिए तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीपीआर एक सप्ताह के भीतर शासन को प्रेषित की जाए,ताकि परियोजना पर शीघ्र कार्रवाई शुरू की जा सके। बैठक में जलागम विभाग के उप निदेशक ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। प्रभारी सचिव ने कहा कि नयार घाटी जनपद की पेयजल,सिंचाई एवं ग्रामीण आजीविका का प्रमुख आधार रही है। ऐसे में नदी और उससे जुड़े जल स्रोतों का संरक्षण पर्यावरणीय आवश्यकता के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नदी पुनर्जीवन योजना के माध्यम से सूखते जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर क्षेत्र की दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जलागम आधारित उपचार,कंटूर ट्रेंच, तालाब एवं चेकडैम निर्माण,माइक्रोप्लानिंग,जियोटैगिंग तथा डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएंगे। इन प्रयासों से वर्षाजल का बेहतर संरक्षण होगा,भूजल स्तर में सुधार आएगा,मृदा अपरदन पर नियंत्रण मिलेगा तथा नदी तंत्र का पारिस्थितिक संतुलन सुदृढ़ होगा। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण जियोटैग लोकेशन के आधार पर किया जाए,जिससे कार्यों की गुणवत्ता,पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग,जल स्तर के आकलन तथा चरणबद्ध माइक्रोप्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को पूर्वी एवं पश्चिमी नयार क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों का समेकित एवं अद्यतन डाटा तैयार कराने तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए गए सर्वेक्षणों की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेकडैमों की गुणवत्ता में सुधार,नियमित निरीक्षण तथा उनके आसपास व्यापक पौधारोपण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जल संरक्षण गतिविधियों में स्थानीय समुदाय,स्वयंसेवी संगठनों और इच्छुक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया,ताकि अभियान जनभागीदारी का स्वरूप ग्रहण कर सके। प्रभारी सचिव ने बैठक के उपरांत पुराने कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज भवन के रूप में विकसित किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन की ऐतिहासिक पहचान और मूल स्वरूप को संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने आगंतुकों की सुविधा के लिए परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव,सिविल एवं सोयम पवन सिंह नेगी,अपर जिलाधिकारी एफ आर चौहान,संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,उप निदेशक जलागम अजय कुमार,अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी,अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त,अधिशासी अभियंता पेयजल निगम नवनीत कटारिया,जल संस्थान के टी.एस.रावत,जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Check Also
Close