पूर्व छात्र विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी-उनके अनुभव से नई पीढ़ी को मिलेगी नई दिशा–कुलपति

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह से विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं पूर्व पूर्व छात्र संघ (एलुमनाई एसोसिएशन) के सचिव महिपाल सिंह रावत ने सोमवार को कुलपति कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास,पूर्व छात्र संघ के पुनर्गठन एवं सशक्तीकरण,विद्यार्थियों के कौशल विकास,रोजगार तथा परिसर चयन (प्लेसमेंट) के अवसरों के विस्तार सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक शक्ति उसके पूर्व छात्र होते हैं। उनके अनुभव,विशेषज्ञता और सामाजिक-व्यावसायिक उपलब्धियों का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पूर्व छात्र संघ को अधिक सक्रिय,सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए सकारात्मक पहल करेगा,ताकि देश-विदेश में कार्यरत पूर्व छात्रों को विश्वविद्यालय से जोड़कर शैक्षणिक,शोध एवं रोजगार संबंधी गतिविधियों को नई गति दी जा सके। पूर्व छात्र महिपाल सिंह रावत ने भी विश्वविद्यालय के विकास में पूर्व छात्रों की सक्रिय एवं संगठित भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व छात्र संघ को नियमित रूप से सक्रिय करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सफल पूर्व छात्रों के अनुभव विद्यार्थियों तक पहुंचाए जाएं। साथ ही रोजगारोन्मुख कार्यक्रमों,करियर मार्गदर्शन,उद्योग-जगत से समन्वय तथा परिसर चयन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए ठोस पहल की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि विश्वविद्यालय,पूर्व छात्र और उद्योग जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि महिपाल सिंह रावत हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्यटन अध्ययन केंद्र से वर्ष 1999-2001 बैच के स्नातकोत्तर पर्यटन के विद्यार्थी रहे हैं। वे पूर्व में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ के सचिव के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। विश्वविद्यालय एवं पूर्व छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने और संगठन को सक्रिय बनाने की दिशा में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। शिष्टाचार भेंट के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की ऊर्जा,अनुभव और सहयोग को संस्थान के विकास तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रभावी ढंग से उपयोग में लाया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता,सामाजिक प्रतिष्ठा तथा रोजगारपरक गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।
