Wednesday 23/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
रामनगर के पीरूमदारा स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं को लेकर विधि प्रकोष्ठ, युवा कांग्रेस ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्लॉक इंचार्ज से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापनरामनगर में अवैध लीसा तस्करी का भंडाफोड़, कैंटर से 9 लांख के करीब के 390 कनस्तर लीसा बरामद; एक आरोपी गिरफ्तारउत्तराखंड युवा कांग्रेस का तीन दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर आयोजित, वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को दिए दिशा निर्देश​रामनगर।उत्तराखंड युवा कांग्रेस द्वारा तीन दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक एवं प्रदेश प्रभारी सुरभि द्विवेदी द्वारा संयुक्त रूप से की गई। शिविर में राज्य भर से युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।​कार्यकर्ताओं को वैचारिक, रणनीतिक और संगठनात्मक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में दिल्ली से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया।​शिविर के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की और युवा पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया।​प्रदेश कांग्रेस के उपनेता भुवन कापड़ी और विधायक काजी निजामुद्दीन ने युवाओं को जन-मुद्दों पर संघर्ष करने और जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत करने का आह्वान किया।​प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और गुरदीप सप्पल ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए और संगठन की भावी रणनीति साझा की।​प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक और प्रदेश प्रभारी सुरभि द्विवेदी ने कहा कि तीन दिनों के इस गहन प्रशिक्षण से पदाधिकारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। शिविर से प्राप्त सीख के आधार पर युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में जनता के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती से लड़ेगी।इस दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिवसुमित लोहनी,प्रदेश महासचिव चांद खान, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अब्दुल रहमान, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट फैजुल हक,विकाश कुमार आर्य,अमरजोत, नितिन शाह, अभय कत्यूरा,सचिन चौधरी,जुगल कंबोज,अर्णव कंबोज,गौरव सागर,उदित थपलियाल आदि मौजूद रहें।पर्यटकों की थाली में न पहुंचे खराब खाना, होटल-रेस्टोरेंट कर्मियों को दिए खाद्य सुरक्षा के गुर  पर्यटन नगरी मसूरी में हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। ऐसे में पर्यटकों की थाली तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी है। इसी को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसआई) की ओर से होटल और रेस्टोरेंट कर्मियों को खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान एफएसएसआई के वरिष्ठ सलाहकार जगदीश पांडे ने कर्मचारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के साथ ही एक्सपायरी डेट, कंपनी व ब्रांड की जानकारी और खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ खरीदने से लेकर उसे पर्यटकों को परोसने तक प्रत्येक स्तर पर सावधानी जरूरी है। गलत तरीके से रखे गए या एक्सपायरी खाद्य पदार्थ लोगों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि एफएसएसआई की ओर से देशभर में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका इसमें बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भोजन की खरीद, भंडारण और तैयार करने की प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका रहती है।प्रशिक्षण में मसूरी के विभिन्न होटल और रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रोमियो लेन के जीएम रोहित पाठक सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के जरिए कर्मचारियों को खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर व्यवहारिक जानकारी भी दी गई, ताकि पर्यटन नगरी में आने वाले लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।सीएम के सामने जसवीर कौर ने खोला मसूरी की समस्याओं का पिटारा, भद्राज मंदिर की बिजली से अस्पताल में डॉक्टर तक उठे मुद्दे पर्यटन नगरी के विकास के बीच स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर जसवीर कौर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने मसूरी के कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। मुलाकात में उन्होंने भद्राज मंदिर तक विद्युत लाइन पहुंचाने में वन विभाग की अनुमति की बाधा से लेकर सिविल अस्पताल में चिकित्सक की उपलब्धता तक के मामलों पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया।जसवीर कौर ने मुख्यमंत्री से कहा कि भद्राज मंदिर क्षेत्र में बिजली की सुविधा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वन विभाग की अनुमति संबंधी समस्या के कारण विद्युत लाइन का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने आवश्यक अनुमति दिलाकर कार्य जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया।उन्होंने मसूरी उप जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक डॉ. सुशील सैनी को सीएमओ कार्यालय से अटैच किए जाने का मामला भी उठाया। उनका कहना था कि मसूरी पर्यटन नगरी होने के कारण यहां स्थानीय आबादी के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने डॉ. सैनी की सेवाएं दोबारा मसूरी सिविल अस्पताल में सुनिश्चित कराने का आग्रह किया। जसबीर कौर ने बताया कि मुलाकात के दौरान आगामी मसूरी शरदोत्सव के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया। जसवीर कौर के अनुसार मुख्यमंत्री ने समारोह में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। उन्होंने कहा कि शरदोत्सव मसूरी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन है और मुख्यमंत्री के आने से आयोजन को और मजबूती मिलेगी।जसवीर कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष मसूरी की अन्य जनसमस्याओं और विकास से जुड़े विषय भी रखे गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भद्राज मंदिर की विद्युत लाइन, स्वास्थ्य सेवाओं समेत उठाए गए मुद्दों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का सहयोग के लिए आभार जताया।पोषण से संवरेगा किशोरों का स्वास्थ्य-जागरूकता से मजबूत होगी भविष्य की नींवएक क्लिक की चूक पड़ सकती है भारी-साइबर ठगी से बचाव को राजकीय पाॅलिटेक्निक श्रीनगर में छात्रों को किया जागरूकसतेराखाल में सजा ज्ञान और प्रतिभा का मंच-सामाजिक विज्ञान महोत्सव में विद्यार्थियों ने दिखाई बौद्धिक चमकपुरानी पेंशन से पदों के पुनर्गठन तक 12 सूत्रीय मांगों पर गरजे मिनिस्टीरियल कार्मिक,25 सितंबर को पौड़ी में जुटेगा श्रीनगर क्षेत्ररुद्रपुर के विकास को लेकर सीएम से मिले महापौर विकास शर्मा
राज्य

पोषण से संवरेगा किशोरों का स्वास्थ्य-जागरूकता से मजबूत होगी भविष्य की नींव


श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड में स्वस्थ एवं जागरूक समाज की मजबूत नींव तैयार करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से विद्यालय स्तर पर पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के तहत राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौडू-क्वीसू एवं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गहड़़ में पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को संतुलित आहार,पौष्टिक भोजन,व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौडू-क्वीसू विकास खण्ड खिर्सू में अध्यापिका सुबोध चमोली ने छात्र-छात्राओं को किशोरावस्था में पोषण की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था शरीर के विकास की महत्वपूर्ण अवस्था होती है। इस दौरान शरीर को पर्याप्त ऊर्जा,प्रोटीन,विटामिन एवं अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। ऐसे में बच्चों के भोजन में हरी सब्जियां,मौसमी फल,दालें,दूध एवं दूध से बने पदार्थ तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ खान-पान केवल शरीर को ताकत देने तक सीमित नहीं है,बल्कि इसका सीधा संबंध बच्चों की एकाग्रता,पढ़ाई,शारीरिक विकास और कार्यक्षमता से भी है। यदि बचपन और किशोरावस्था से ही बच्चों को सही पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी आदतों की जानकारी दी जाए तो वे आगे चलकर स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी पोषण विषय पर उत्साहपूर्वक अपने विचार रखे। अनमोल,राधिका,आयुष,अनुष्का,परिधि,निधि,भाष्कर एवं अमन ने पौष्टिक आहार के महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित भोजन के साथ स्वच्छता,पर्याप्त पानी का सेवन तथा नियमित शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी हैं। आरकेएसके काउंसलर मनमोहन सिंह ने किशोर-किशोरियों के समग्र विकास में पोषण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पोषण की कमी का प्रभाव बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पौष्टिक भोजन ग्रहण करने,पर्याप्त मात्रा में पानी पीने,व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा नियमित एवं संतुलित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किशोरों में स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर जागरूकता पैदा करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यालयों के माध्यम से यदि बच्चों को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए तो वे न केवल स्वयं स्वस्थ आदतें अपना सकते हैं,बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक कर सकते हैं। वहीं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गहड़ के शिक्षक जसपाल गुसाईं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। बच्चों को पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य,स्वच्छता,पोषण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी व्यवहारिक जानकारी देना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला हैं। इसलिए पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यालय स्तर पर निरंतर संचालित किया जाना चाहिए,ताकि इसका संदेश छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों और समुदाय तक भी पहुंचे। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को सही पोषण,बेहतर स्वास्थ्य और स्वस्थ भविष्य का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों में किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य,पोषण,स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर-किशोरियों को स्वस्थ खान-पान और जीवनशैली के प्रति जागरूक कर उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना रहा। जागरूकता कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पोषण केवल भोजन का विषय नहीं,बल्कि स्वस्थ जीवन और उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है।

Check Also
Close