Sunday 02/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
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छात्र हितों की बुलंद आवाज-जय हो छात्र संगठन ने परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन,परिणाम,बैक पेपर और मार्कशीट सुधार की उठाई मांग


श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं,बल्कि युवाओं के भविष्य की आधारशिला है। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता,समयबद्ध परिणाम और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सेवाएं प्रत्येक छात्र का अधिकार हैं। इसी भावना के साथ जय हो छात्र संगठन ने शुक्रवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। शिवांश डोभाल के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया कि परीक्षा परिणामों में हो रही अनावश्यक देरी,अंकपत्रों एवं डिग्री की गुणवत्ता संबंधी समस्याएं तथा सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत बैक पेपर से जुड़े मुद्दे हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर समाधान नहीं होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा,प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विभिन्न रोजगार प्रक्रियाओं में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से सभी मुख्य एवं अंक सुधार (इम्प्रूवमेंट) परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित करने की मांग की गई,ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश एवं रोजगार संबंधी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही डिग्री एवं मार्कशीट की गुणवत्ता में सुधार तथा परीक्षा संबंधी दस्तावेजों को अधिक सुरक्षित एवं मानक स्तर का बनाए जाने की मांग भी उठाई गई। छात्र संगठन ने सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत बैक पेपर वाले विद्यार्थियों को विशेष अवसर प्रदान करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे छात्र-छात्राओं को एक ही परीक्षा में अधिकतम चार बैक पेपर देने की अनुमति दी जाए,जिससे उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो और वे समय पर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि परीक्षा परिणामों में होने वाली त्रुटियों एवं तकनीकी गड़बड़ियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए,ताकि विद्यार्थियों को अनावश्यक मानसिक तनाव और प्रशासनिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो छात्र-छात्राएं लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे,जिसकी समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल,हिमांशु भंडारी,दिशांत धनाई,नामित बिष्ट,अमित कंडियाल,आयुष,आलोक बिष्ट और अमन सागर सहित संगठन के अनेक छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि उनका उद्देश्य केवल छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक हितों की रक्षा करना तथा विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी,उत्तरदायी और छात्र हितैषी बनाना है।

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