Sunday 02/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
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सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी पर श्रीनगर बद्रीनाथ मठ-लक्ष्मी नारायण मंदिर में होगा 21 फलों के रस से दिव्य रुद्राभिषेक


श्रीनगर गढ़वाल। श्रावण मास भगवान शिव की आराधना,भक्ति और आध्यात्मिक साधना का सर्वोत्तम काल माना जाता है। सावन का प्रत्येक सोमवार शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है,वहीं नाग पंचमी का पावन पर्व भगवान शिव और नाग देवता की आराधना का अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। इसी पावन अवसर पर तिवारी मोहल्ला स्थित प्राचीन बद्रीनाथ मठ लक्ष्मी नारायण मंदिर में धार्मिक आस्था,सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत भव्य आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति के तत्वावधान में सावन के तीसरे सोमवार एवं नाग पंचमी के शुभ अवसर पर भगवान भोलेनाथ का 21 प्रकार के फलों के पवित्र रस से दिव्य रुद्राभिषेक संपन्न कराया जाएगा। इस विशेष अनुष्ठान में श्रद्धालु सामूहिक रूप से सहभागी बनकर भगवान शिव का जलाभिषेक,रुद्राभिषेक,पूजन एवं आरती करेंगे तथा विश्व कल्याण,सुख-समृद्धि,उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यता है कि सावन मास में श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए रुद्राभिषेक से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। विशेष रूप से 21 प्रकार के फलों के रस से अभिषेक समृद्धि,आरोग्य,आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं,मातृशक्ति,युवाओं एवं नगरवासियों से इस पावन आयोजन में परिवार सहित सहभागिता करने का आग्रह किया है। समिति का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को सुदृढ़ करते हैं,बल्कि समाज में आपसी भाईचारे,सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को भी मजबूत बनाते हैं। मंदिर परिसर में पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार,रुद्रपाठ,शिव स्तुति,भजन-कीर्तन और सामूहिक आरती का आयोजन होगा,जिससे वातावरण पूर्णतः शिवमय और भक्तिमय हो उठेगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की जाएगी। यह आयोजन सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज में धार्मिक,सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का भी प्रेरक संदेश देगा। सभी शिवभक्तों से समय पर पहुंचकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है।

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