मां धारी देवी के आशीर्वाद से निभाऊंगा नई जिम्मेदारी-चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को मिलेगी नई गति–डॉ.आशुतोष सयाना

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा निदेशक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पुनः मिलने के बाद डॉ.आशुतोष सयाना ने मां धारी देवी के पावन धाम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि,उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं,चिकित्सा शिक्षा के सर्वांगीण विकास एवं जनकल्याण की कामना करते हुए देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत देवभूमि की अधिष्ठात्री मां धारी देवी के आशीर्वाद से होना उनके लिए सौभाग्य की बात है और इससे जनसेवा का उनका संकल्प और अधिक दृढ़ हुआ है। डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा निदेशक के रूप में उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण,आधुनिक,पारदर्शी एवं शोध आधारित बनाना है। साथ ही सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी,मरीज-केंद्रित एवं जनहितकारी बनाया जाएगा,ताकि आमजन को बेहतर उपचार सुविधाएं सहजता से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर एवं बेस चिकित्सालय में पिछले कार्यकाल के दौरान जो विकास कार्य प्रारंभ किए गए,उन्हें आगे भी निरंतर गति दी जाएगी। मरीजों की सुविधा,चिकित्सा सेवाओं के विस्तार,आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता,चिकित्सा अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक वातावरण को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। डॉ.सयाना के नेतृत्व में श्रीनगर बेस चिकित्सालय ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ,मरीजों को बेहतर एवं व्यवस्थित उपचार उपलब्ध कराने के लिए नई कार्यप्रणाली विकसित की गई तथा एमबीबीएस विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक वातावरण को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में संस्थान को एनएबीएच की मान्यता प्राप्त होना भी शामिल है,जिसने मेडिकल कॉलेज एवं बेस चिकित्सालय की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। इसके अतिरिक्त चौरास परिसर की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान कराया गया,अत्याधुनिक डिजिटल अल्ट्रासाउंड सेवा प्रारंभ की गई,आपातकालीन (इमरजेंसी) विभाग को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया तथा मरीजों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मरीज सहायता संपर्क कार्यालय की स्थापना की गई। वार्डों से लेकर ओपीडी तक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित,पारदर्शी और मरीजों के अनुकूल बनाया गया,जिसका लाभ प्रतिदिन हजारों मरीजों को मिल रहा है। डॉ.आशुतोष सयाना ने विश्वास व्यक्त किया कि मां धारी देवी के आशीर्वाद,शासन के सहयोग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों,चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा तथा प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य के रूप में डॉ.सीएमएस रावत को पुनः दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि डॉ.रावत एक अनुभवी,कुशल एवं दूरदर्शी प्रशासक हैं और उनके नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज शिक्षा,शोध,चिकित्सा सेवाओं,अधोसंरचना विकास तथा मरीजों को उत्कृष्ट उपचार उपलब्ध कराने के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। डॉ.सयाना ने कहा कि शासन के मार्गदर्शन,मेडिकल कॉलेज परिवार के समर्पण और जनसहयोग के बल पर संस्थान भविष्य में भी उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा,आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और जनसेवा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा तथा उत्तराखंड के लोगों की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरेगा। इस मौके पर उनके साथ मनमोहन सिंधवाल,राकेश जैन,दीपक उनियाल आदि मौजूद थे।
