265 किलो की डेडलिफ्ट ने दिलाया आशु तोमर को स्वर्ण गौरव-श्रीनगर पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं से हुआ भव्य स्वागत

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड के श्रीनगर के युवा पावरलिफ्टर आशु तोमर ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दिल्ली के पीतमपुरा स्थित दिल्ली हाट में 8 से 11 सितंबर तक आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में आशु तोमर ने 265 किलोग्राम की शानदार डेडलिफ्ट लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से श्रीनगर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। प्रतियोगिता के दौरान आशु तोमर ने अदम्य साहस,शारीरिक क्षमता और उत्कृष्ट तकनीक का परिचय देते हुए 265 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर उनके दमदार प्रदर्शन ने न केवल उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया,बल्कि श्रीनगर गढ़वाल की खेल प्रतिभा को भी नई पहचान दी है। आशु की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया जा रहा है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर श्रीनगर लौटे आशु तोमर का रविवार को उनके परिजनों,मित्रों और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। आशु के पहुंचते ही उनके पड़ोस और परिचितों में उत्साह का माहौल बन गया। लोगों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाईं और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया। आशु के स्वागत के दौरान उनके छोटे भाई सावन तोमर सहित बड़ी संख्या में दोस्त और शुभचिंतक मौजूद रहे। सभी ने आशु को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आशु तोमर के पड़ोस में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल ने भावुक होकर बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर जब आशु श्रीनगर पहुंचा तो उसके घर में खुशी का माहौल देखते ही बनता था। आशु की सफलता की खबर और उसके सम्मान को देखकर उसकी मां,दादी और नानी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिवार के लिए यह क्षण बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि आशु ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 265 किलोग्राम की डेडलिफ्ट लगाकर स्वर्ण पदक जीतना उसकी कड़ी मेहनत,अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। आशु तोमर की सफलता से श्रीनगर और आसपास के युवाओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ की प्रतिभाओं में किसी भी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता है,आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच,मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है। आशु की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास के बल पर पहाड़ का युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। स्थानीय लोगों ने आशु तोमर को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वह भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड और श्रीनगर का नाम गौरवान्वित करेंगे।
