किच्छा पालिका चुनाव में भाजपा का डैमेज कंट्रोल सफल

- महापौर विकास शर्मा और कमल जिंदल के प्रयासों से माने बागी, संदीप के समर्थन में नाम वापस
- मुख्यमंत्री धामी से फोन पर हुई वार्ता के बाद शैली फुटेला और लवी सहगल ने छोड़ा चुनाव मैदान
- किच्छा में डटे रहे भाजपा जिलाध्यक्ष और रुद्रपुर महापौर, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भी निभाई अहम भूमिका
किच्छा। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में बगावत से जूझ रही भाजपा को नाम वापसी के अंतिम दिन बड़ी राहत मिली। भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे शैली फुटेला और लवी सहगल ने आखिरकार अपना नामांकन वापस लेते हुए संदीप अरोड़ा को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। दोनों बागी प्रत्याशियों को मनाने में भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, रुद्रपुर महापौर विकास शर्मा और किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की अहम भूमिका रही। इसके साथ ही भाजपा ने मतदान से पहले अपने घर की नाराजगी दूर कर चुनावी मैदान में एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया है।
नामांकन वापसी का अंतिम दिन होने के कारण रविवार को किच्छा में सुबह से ही सियासी सरगर्मियां तेज रहीं। दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित होने के चलते भाजपा नेतृत्व की निगाहें दोनों बागी प्रत्याशियों के फैसले पर टिकी थीं। भाजपा की ओर से संदीप अरोड़ा को पालिकाध्यक्ष पद का अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के बाद शैली फुटेला और लवी सहगल ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर पार्टी की चिंता बढ़ा दी थी। दोनों के चुनाव मैदान में बने रहने से भाजपा के वोटों में सेंध लगने की आशंका जताई जा रही थी।
पार्टी नेतृत्व ने इस नाराजगी को दूर करने के लिए अंतिम समय तक प्रयास जारी रखे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिलाध्यक्ष कमल जिंदल और रुद्रपुर महापौर विकास शर्मा सुबह से ही किच्छा में डटे रहे। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी दोनों नाराज नेताओं को मनाने की कवायद में जुटे रहे। कई दौर की बातचीत के दौरान संगठन और पार्टी हित को सर्वोपरि रखते हुए चुनाव मैदान से हटने का आग्रह किया गया।
महापौर विकास शर्मा ने दोनों नेताओं की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी दूरभाष पर वार्ता कराई गई। मान-मनौव्वल और बातचीत के बाद आखिरकार शैली फुटेला और लवी सहगल ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के समर्थन में अपना नामांकन वापस लेने पर सहमति जता दी। दोनों ने चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का साथ देने और उन्हें विजयी बनाने के लिए काम करने का ऐलान भी किया। इसके बाद भाजपा खेमे मैं खुशी की लहर दौड़ गई।
चुनावी सरगर्मियों के बीच महापौर विकास शर्मा ने भाजपा पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन भी किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव अभियान में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया गया।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि किच्छा नगर पालिका में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज करेगी। पालिकाध्यक्ष पद के साथ ही वार्डों में भी भाजपा प्रत्याशियों को जनता का व्यापक समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और जनसेवा के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नकारात्मक राजनीति और भ्रम फैलाने की कोशिशों को जनता स्वीकार नहीं करेगी और चुनाव में इसका जवाब देगी।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचा है। इसका लाभ निकाय चुनाव में भी भाजपा को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि किच्छा के साथ सिरौली नगर पालिका में भी भाजपा जीत दर्ज करेगी।
भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने कार्यकर्ताओं से मतभेद भुलाकर चुनाव में एकजुट होकर जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले किच्छा तथा सिरौली नगर पालिका के चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों का परिणाम आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देगा।
उन्होंने कहा कि अब पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और मनोयोग के साथ भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा की जीत सुनिश्चित करने में जुटे। बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करते हुए घर-घर जनसंपर्क किया जाए और केंद्र एवं प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के साथ भाजपा का विकास का विजन जनता तक पहुंचाया जाए।
शैली फुटेला और लवी सहगल के नाम वापस लेने को भाजपा के लिए बड़ी चुनावी राहत माना जा रहा है। दोनों के मैदान में रहने से भाजपा समर्थक मतों के बंटवारे की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में नाम वापसी के अंतिम दिन संगठन की सक्रियता से दोनों को मनाने में मिली सफलता ने भाजपा को एकजुट होकर चुनाव लड़ने का अवसर दिया है। अब पार्टी नेतृत्व का पूरा फोकस संदीप अरोड़ा के पक्ष में संगठन और कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारने पर रहेगा।
