Friday 13/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
नारी हमारी शान 2026 से पुरस्कृत हुई समाजसेविका विभा तिवारीगैरसैण विधानसभा सत्र के दौरान विधायक शिव अरोरा ने कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाक़ात! जल्द आरम्भ होगा मोदी मैदान मे इंडोर आउटडोर खेल स्टेडियम का निर्माणपंतनगर में 13 से 16 मार्च तक लगेगा 119वां अखिल भारतीय किसान मेला, मुख्यमंत्री धामी करेंगे उद्घाटन पंतनगर। गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में 13 से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन पुष्कर सिंह धामी करेंगे। मेले का विधिवत उद्घाटन 14 मार्च को दोपहर 3 बजे गांधी हॉल में किया जाएगा।विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि चार दिवसीय यह किसान मेला पंतनगर में कृषि कुम्भ के रूप में प्रसिद्ध है। मेले में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीनतम कृषि तकनीकों का एक ही स्थान पर प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी मिल सकेगी।उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेले की पशु प्रदर्शनी में पहली बार कुत्तों की प्रदर्शनी को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा “समृद्ध महिला, सशक्त महिला” थीम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।मेले में विश्वविद्यालय तथा विभिन्न निजी संस्थानों द्वारा बीज, उद्यानिकी, खाद, कृषि मशीनरी और कृषि से जुड़ी अन्य सामग्री के लगभग 500 स्टॉल लगाए जाएंगे। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों किसान इस मेले में प्रतिभाग कर आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करेंगे।उद्घाटन समारोह में सांसद, कृषि मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक भी मौजूद रहेंगे। वहीं मेले का समापन 16 मार्च को अपराह्न 3 बजे होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भगत सिंह कोश्यारी शामिल होंगे।डी.पी.एस रुद्रपुर के छात्रों ने सीए इंटरमीडिएट में किया शानदार प्रदर्शन——जिले में घरेलू गैस (LPG) की कालाबाजारी रोकने हेतु एसएसपी अजय गणपति ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी थाना प्रभारियों के साथ की गोष्ठी।उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल माफिया सक्रिय न हो : अलका पाल काशीपुर : महानगर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अलका पाल ने कहा कि रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम जनता को मुश्किल में डाल दिया है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल की किल्लत को राज्य सरकार नियंत्रित करने में असफल हो रही है। जिससे हर परिवार का बजट पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है । लेकिन केंद्र और राज्य की सरकार असंवेदनशील बनी हुई है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल ने कहा की महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है । रसोई गैस की बढ़ती कीमतें लगातार परिवार का बजट बिगाड़ रही है। पेट्रोलडीजल के दाम बढ़ने से परिवहन महंगा हो रहा है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थ और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है। अलका पाल ने कहा कि प्रदेश और देश के अंदर जनता असमंजस्य की स्थिति में है। पेट्रोल और डीजल में कमी से प्रदेश में तेल माफिया सक्रिय हो गए हैं। देश और प्रदेश की जनता को बताना होगा कि उत्तराखंड सहित किसी भी हिस्से में पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है। कहीं ऐसा ना हो कि खनन और भू_माफियाओं की तरह पेट्रोल और डीजल माफिया भी प्रदेश में सक्रिय हो जाए। कांग्रेस भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से सदन तक विरोध करती रहेगी।मझेड़ा के जंगल में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू।गैस सिलेंडर के लिए उमड़ी भीड़, घंटों इंतजार से नाराज़ उपभोक्ताओं का हंगामा; पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने संभाला मोर्चारुद्रपुर। गुरुवार को शहर स्थित Indane Gas एजेंसी के गोदाम पर गैस सिलेंडर लेने के लिए हजारों की संख्या में उपभोक्ता पहुंच गए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घंटों तक इंतजार करने के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज़ लोगों ने एजेंसी परिसर में जमकर हंगामा किया और अव्यवस्थित वितरण प्रणाली के खिलाफ नाराजगी जताई।सूचना मिलने पर पूर्व विधायक Rajkumar Thukral अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और गैस वितरण व्यवस्था को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने एजेंसी के प्रबंधक प्रमोद पांडे को व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश देते हुए उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई।पूर्व विधायक ठुकराल ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लोग सुबह से लंबी कतारों में खड़े हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। यह आम जनता के साथ अन्याय है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मौके से ही उन्होंने दूरभाष के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क साधते हुए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), उप जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार दिनेश कुटौला तथा जिला पूर्ति अधिकारी से गैस वितरण व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधरी तो जनता का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा।उन्होंने ऑनलाइन गैस बुकिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों और सर्वर की समस्या पर भी अधिकारियों के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई तथा ऑनलाइन व्यवस्था सुचारु होने तक ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू करने की मांग की।पूर्व विधायक से वार्ता के बाद तहसीलदार दिनेश कुटौला तत्काल एजेंसी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद भीड़ को शांत कराते हुए जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।हंगामे के बाद पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडरों का वितरण शुरू कराया गया। इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी कई घंटों तक मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था को सुचारु कराने में जुटे रहे।नियमितीकरण की मांग को लेकर महापौर और नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

गांव में जंगली जानवरों का आतंग


रमेश राम
चंपावत/टनकपुर । उत्तराखण्ड के पहाड़ों में हरे -भरे पेड़ो क्रमश: चीड़,देवदार,बाज़,भुराश,उतिश अकेसिया,काफल,बेडू, जामुन,मेहल सहतूत,पया आदि लहराते थे,जहा आज की तारीख में हरियाली का स्तर काफी गिरता हुआ नजर आ रहा हैं। जंगलों में सारे पुराने पेड़ अपनी क्षमता खोकर सुख चुके हैं। फलसरूप आलम यह हैं कि जहा एक ओर प्रकृति व पहाड़ों की सुंदरता समाप्त हो रही हैं। वही दूसरी ओर नंगे होते जा रहे पहाड़ों की वजह से हमारा पर्यावरण भी दिनोंदिन प्रदूषित होता जा रहा हैं। पुराने पानी के सारे स्रोत नौले धारे, गाड़-गधेरे, पोखर इत्यादि सब सूखते जा रहे हैं। जो कि एक चिंतनीय विषय है। जबकि कई क्षेत्रो में वन विभाग द्वारा बरसात में बाज,बुराश,उतीश,अकेसियां आदी के वृक्ष लगाकर वृक्षारोपण का कार्य किया जाता हैं। परंतु उसकी सही देख-रेख नही हो पाने की वजह से वन विभाग की यह योजना भी फ्लॉप होती नजर आ रही हैं। आज जंगलों में इस तरह पेड़–पौधों की कमी होने की वजह से जंगली जानवरों बंदर, सुअर,चीतल,लोमड़ी व बाग आदि को भी जंगलों में छुपने के लिए जगह नही मिल पा रही हैं । और उनके खाने हेतु जंगली फल किलमौङा, हिसालू, घिघांरू, चेरी का भी आज काफी अभाव हो चुका हैं। फालसरूप सभी जंगली जानवर गांवो की ओर को पलायन कर रहे हैं। झुंड बनाकर गांवो में बेखौफ गुम रहे हैं। तथा दिन तो क्या रात मे भी खेतो मे आकर कास्तकारो की फसल, सब्जी एवं फल इत्यादि को नष्ट कर जा रहे हैं।स्थिति भयावह तब हो रही हैं। जब बाग और तेंदुआ जैसे आदमखोर जंगली जानवर दिन-दिहाड़े गांवों की बस्तियों मे निडर होकर घूमते नजर आ रहे है। जिससे कि गांव वासियो मे काफ़ी भय का माहौल पैदा हो रहा हैं। जहा एक ओर बंदरों वह सुअरो के झुंडके झुंड खेतो में आकर छोटे–मोटे कास्तकारों की फसलों वह सब्जियों तथा फलों इत्यादि को बर्बाद कर भारी नुकसान पहुंचा रहे है। वही दूसरी ओर बाग,सुअर व तेंदुए जैसे आदमखोर जंगली जानवर रात में तो क्या दिन में भी गांवों मे विचरण कर रहे हैं। जिससे की लोगो का इक्का–दुक्का घर से बाहर निकलना खतरे की घंटी साबित हो रहा हैं। बकरी, गांयो के छोटे–छोटे बछड़े इत्यादि जैसे मवेशी तो दिन दहाड़े ही बाघों की चपेट में आकर उनके निवाले बन जा रहे हैं।हालाकि कई बार वन विभाग को भी छेत्र मे आदमखोर बाघ होने की सूचना दिये जाने पर संबंधित विभाग पिंजड़ा लगाकर भी बाघों को पकड़ा जाता हैं। परंतु फिर भी आज की तारीख मे इन आदमखोर बाघों की संख्या इतनी हो चुकी हैं जिन्हे पहाड़ों की दुर्गम छेत्रो मे बसे गांव से पिंजड़ा लगाकर लाना काफी असंभव हो रहा हैं यदि यही क्रम चलता रहा तो एक दिन गांव में जनमानस का रहना काफी दुभर हो जाएगा, तथा मजबूरन सभी को अपना घर गांवों को छोड़कर बाहर पलायन करना पड़ेगा। इसलिए आज सरकार को चाहिए कि वह ग्रामीण कास्तकारो को इस समस्या से निजात दिलाये जाने हेतु पुख्ता इंतजाम करते हुए इन सभी जंगली जानवरों बंदर, सुअर, लोमड़ी, लंगूर, बाघ, तेंदुआ तथा चीतल आदि को पकड़ने की उचित व्यवस्था कर उन्हे संबंधित चिड़याघरो मे भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।