Thursday 12/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
नियमितीकरण की मांग को लेकर महापौर और नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापननगर निगम की गौशाला के लिए 84 लाख की अतिरिक्त राशि स्वीकृतएनएसएस स्वयंसेवियों ने निकाली पर्यावरण संरक्षण व एड्स जागरूकता रैली, युवाओं को बताया समाज की जिम्मेदारी।ग्रीष्मकालीन धान नष्ट करने के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन, सितारगंज तहसील में दिया धरना सितारगंज। प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन धान की फसल नष्ट किए जाने के विरोध में क्षेत्र के किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों ने सितारगंज तहसील परिसर में एकत्र होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।धरने का नेतृत्व पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे और कांग्रेस नेता नवतेज पाल सिंह ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार की गई ग्रीष्मकालीन धान की फसल को नष्ट कर प्रशासन ने किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए या किसानों की बात सुने इस प्रकार की कार्रवाई करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।धरने को संबोधित करते हुए पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे ने कहा कि किसान पहले ही बढ़ती लागत, मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहा है। ऐसे समय में प्रशासन द्वारा फसल को नष्ट करना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई और समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।कांग्रेस नेता नवतेज पाल सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत किसानों की फसल ही उजाड़ दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि जिन किसानों की फसल नष्ट की गई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले किसानों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।धरने के दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रीष्मकालीन धान को नष्ट करने की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की। प्रदर्शन में क्षेत्र के कई किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।एलपीजी की कमी से होटल-रेस्टोरेंट पर संकट, पेट्रोलियम दानों (कच्चा माल) के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें भी हो सकती हैं महंगी :– संजय जुनेजाअवैध स्मैक के साथ एक तस्कर को भगवानपुर पुलिस में गिरफ्तार कियानैनीताल महिला आयोग आपके द्वार के तहत जनसुनवाई कार्यक्रम हुआ आयोजित । सरोवर नगरी नैनीताल राज्य अतिथि गृह सभागार में महिला आयोग आपके द्वार के तहत जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो ने कहा राज्य सरकार और महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े रामपुर तिराहा कांड मामले सुनवाई हुई जिसमें निर्णय सुरक्षित रख दिया है। सरोवर नगरी नैनीताल केउत्तराखंड हाईकोर्ट में उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े बहुचर्चित रामपुर तिराहा कांड मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।महिला दिवस पर खटीमा में मिलेट मेले की धूम, लेकिन मुख्य अतिथि महिला ब्लॉक प्रमुख ही रहीं नदारद !

जिले में अत्यंत वर्षा के चलते जारी रेड अलर्ट पर dm ने ली अधिकारियों की बैठक

रुद्रपुर,मौसम विभाग, देहरादून से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 21 एवं 22 जुलाई को जिले में भारी से अत्यन्त भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। जिसको देखते हुए जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते हुये कहा कि इस अवधि में अतिवृटि/ओलावृटि/आंधी तूफान से संभावित क्षति एवं मार्ग बाधित होने, नगरीय-ग्रामीण और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में होने वाली घटनाओं आदि से तत्परता से निपटने हेतु जनपद के समस्त अधिकारी हाई अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने जनता से भी सतर्क रहने की अपील की।
जिलाधिकारी ने जिले के सभी एसडीएम को जलभराव वाले क्षेत्रों में सभी सुरक्षात्मक उपाय, जोखिम भरे स्थानों से लोगों को तुरंत स्थानांतरित करने, स्थानीय निकाय पर्याप्त मशीनरी और जनशक्ति को अलर्ट पर रखने, स्वास्थ्य टीम अलर्ट मोड पर रहते हुए गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को अस्पतालों में स्थानांतरित करने, आवासीय क्षेत्रों में पानी जाने से रोकने के लिए सभी उपाय और सभी विभागों को समन्वय बनाते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा राहत कार्य में कोई कोताई-ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, सभी विभागीय अधिकारी पास जो भी संसाधन हैं को तैयार रखें तथा फील्ड स्टाफ को भी सतर्क रखें। उन्होंने नदी, नालों, डैम के जलस्तर पर पैनी नजर रखने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए साथ ही बाढ जलभराव संभावित क्षेत्रों में पैनी नजर रखने के निर्देश उपजिलाधिकारियों व संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विशेषकर जिले में अतिवृ्ष्टि के दौरान पेड़ों के गिरने से यातायात बाधित होने के दृष्टिगत पेड़ों के त्वरित निस्तारण के साथ सतर्कता बनाएं रखें। लोनिवि के समस्त खण्डों मे संवेदनशील मार्गां पर उक्त अवधि में जेसीबी मशीनो एवं कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक मार्गों को यातायात हेतु सुगम रखा जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि समस्त जिला, परगना, विकास खण्ड एवं सम्बन्धित क्षेत्र के अधिकारी अपने-अपने मुख्यालय पर बने रहेंगे तथा अधिकारी, कर्मचारी अपने मोबाइल 24 घंटे ऑन रखेंगे तथा प्रत्येक घण्टे की आपदा सम्बन्धी सूचना तहसील कन्ट्रोल रूम एवं जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र 05944-250250, 250719, 250222, 250500 तथा ट्रोल फ्री नम्बर 1077 तथा मो0नं- 9412088410 पर आवश्यक रूप से सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में वीसी प्राधिकरण अभिषेक रूहेला, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, एडीएम अशोक जोशी, पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, गौरव पांडे, उप नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, असिस्टेंट कमाण्डेंट एनडीआरएफ सुनील कुमार, एसीएमओ डॉ. राजेश आर्य, डीएसओ विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि ओपी सिंह, सिंचाई पीसी पाण्डे, ए एस नेगी, विद्युत विजय सकारिया, पुलिस उपाधीक्षक आर डी मठपाल, जिला शिक्षा अधिकारी डीएस राजपूत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।