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ग्रीष्मकालीन धान नष्ट करने के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन, सितारगंज तहसील में दिया धरना सितारगंज। प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन धान की फसल नष्ट किए जाने के विरोध में क्षेत्र के किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों ने सितारगंज तहसील परिसर में एकत्र होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।धरने का नेतृत्व पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे और कांग्रेस नेता नवतेज पाल सिंह ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार की गई ग्रीष्मकालीन धान की फसल को नष्ट कर प्रशासन ने किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए या किसानों की बात सुने इस प्रकार की कार्रवाई करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।धरने को संबोधित करते हुए पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे ने कहा कि किसान पहले ही बढ़ती लागत, मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहा है। ऐसे समय में प्रशासन द्वारा फसल को नष्ट करना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई और समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।कांग्रेस नेता नवतेज पाल सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत किसानों की फसल ही उजाड़ दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि जिन किसानों की फसल नष्ट की गई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले किसानों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।धरने के दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रीष्मकालीन धान को नष्ट करने की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की। प्रदर्शन में क्षेत्र के कई किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

