Saturday 14/ 02/ 2026 

Bharat Najariya
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण,शीघ्र होगा पुनर्निर्माण कार्यकांवरियों की सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजामः कमल जिंदलजनसंवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजनरूद्रपुर में ऐतिहासिक होेगा एक साल बेमिसाल उत्सवः विकास शर्मासीएम धामी 100 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की देंगे सौगातरूद्रपुर। एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने जा रहा“एक साल बेमिसाल” उत्सव ऐतिहासिक स्वरूप ग्रहण करने को तैयार है। महापौर विकास शर्मा ने इसे जनभागीदारी, विकास और सांस्कृतिक समन्वय का अद्वितीय पर्व बताते हुए कहा कि 14 फरवरी से प्रारंभ होने वाला यह दस दिवसीय आयोजन नगर के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। उन्होंने बताया कि इस भव्य उत्सव का शुभारम्भ प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करकमलों द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर सीएम धामी रूद्रपुरवासियों को 100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात देंगे।“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अन्तर्गत शिविर का आयोजनवॉइस ऑफ मीडिया के प्रदेश अध्यक्ष बने बेणीराम उनियालराजभवन घेराव की तैयारी तेज, हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अहम बैठकदेहरादून में 16 फरवरी को प्रस्तावित राजभवन घेराव की तैयारियों को लेकर हल्द्वानी स्थित स्वराज आश्रम में कांग्रेस की चुनाव संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने की, जबकि प्रदेश कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता यशपाल आर्य की अगुवाई में संगठनात्मक रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक में 16 फरवरी को देहरादून में होने वाले राजभवन घेराव को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की भागीदारी, जिम्मेदारियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। इस अवसर पर रुद्रपुर से पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं वर्ष 2022 में कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ चुकीं मीना शर्मा भी उपस्थित रहीं।श्रीमती शर्मा ने महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी, उमा सरकार सहित अन्य नेताओं के साथ वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, सीएलपी नेता यशपाल आर्य तथा डिप्टी सीएलपी नेता भुवन कापड़ी का फूलों के गुलदस्ते भेंट कर भव्य स्वागत किया। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आंदोलन को प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया गया।गंगनहर में डूबे IIT छात्र की तलाश तेज, एसएसपी हरिद्वार ने संभाली रेस्क्यू ऑपरेशन की कमानरुड़की की गंगनहर में डूबे आईआईटी रुड़की के छात्र की तलाश को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं ग्राउंड ज़ीरो पर डटे हुए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते रोज रविदास घाट के पास गंगनहर में एक छात्र के डूबने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। डूबने वाला छात्र आईआईटी रुड़की में एमबीए द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी आशीष शुक्ला बताया जा रहा है, जो अपने दोस्तों के साथ गंगनहर किनारे घूमने गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह नहर में गिर गया और तेज बहाव के कारण लापता हो गया।घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी हरिद्वार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए रेस्क्यू अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। इसके बाद तत्काल प्रभाव से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस तथा रुड़की आर्मी की संयुक्त टीमों को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया।गंगनहर के बहाव क्षेत्र में अत्यंत सतर्कता के साथ लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सर्च ऑपरेशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित गोताखोरों की सहायता ली जाए तथा परिजनों को समय-समय पर हर अपडेट उपलब्ध कराया जाए।फिलहाल छात्र की तलाश जारी है और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ रेस्क्यू मिशन को अंजाम देने में जुटा हुआ है।कृषि व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, समझौता वापस लेने की मांगसितारगंज।संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान मोर्चा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन किसान नेता योगेंद्र यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय किसान यूनियन से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने भाग लिया।प्रदर्शन के दौरान सितारगंज ब्लॉक के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते को किसान विरोधी करार दिया। किसानों का कहना था कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय समझौते लागू होने से देश के छोटे और मझोले किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा।किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए देश के किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यह कृषि व्यापार समझौता वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक व तेज किया जाएगा।इस अवसर पर किसान नेताओं ने सरकार से मांग की कि किसानों से जुड़े किसी भी समझौते से पहले किसान संगठनों से संवाद किया जाए और उनकी सहमति सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।हल्द्वानी । खुले सरिया-पाइप ले जाना पड़ेगा भारी, नियम तोड़े तो वाहन होगा सीज: आरटीओ प्रवर्तनहल्द्वानी। सड़क सुरक्षा को लेकर आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पाण्डे ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि मालवाहक वाहनों में खुले रूप से बाहर निकले सरिया, लोहे के पाइप या अन्य लंबी धातु सामग्री का परिवहन जानलेवा साबित हो सकता है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरिया या लंबे पाइप हमेशा उसी लंबाई के उपयुक्त ट्रक या मालवाहक वाहन में ही ले जाए जाने चाहिए, ताकि सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों और राहगीरों को किसी तरह का खतरा न हो। आरटीओ प्रवर्तन ने कहा कि यदि मजबूरी में ऐसी सामग्री का परिवहन किया जा रहा है तो उसे पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पैक करना अनिवार्य है। सरिया या पाइप के खुले सिरे कपड़े या अन्य सुरक्षा सामग्री से ढके होने चाहिए, ताकि पीछे से आने वाले वाहन या व्यक्ति को चोट न पहुंचे।नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वाहन के खिलाफ कठोर प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने स्वयं एक ई-रिक्शा को पकड़ा है, जिसमें लंबा पाइप लदा हुआ था और वह पीछे की ओर खतरनाक तरीके से बाहर निकला हुआ था। ऐसे छोटे वाहनों में इस प्रकार की भारी और लंबी सामग्री ले जाना अत्यंत जोखिमपूर्ण है और किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है। इसी को देखते हुए उक्त ई-रिक्शा को मौके पर ही जब्त किया गया। आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पाण्डे ने मालवाहक चालकों, ई-रिक्शा संचालकों और यात्री वाहनों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की खतरनाक या असुरक्षित सामग्री अपने वाहन में न ले जाएं और परिवहन के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने दो टूक कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा।रिपोर्टर । महेंद्र कुमार खबर पड़ताल हल्द्वानी नैनीताल उत्तराखंड

बोला कुंभकर्ण- भईया यह याद रखना, यदि मारा गया मैं युद्ध भूमि में तो युद्ध को तुम विराम देना।

रूद्रपुर- मुख्य रामलीला मंे विगत रात्रि हनुुमान जी की लंका से राम दल में वापसी, विभीषण निष्कासन, राम द्वारा अंतिम दूत के रूप में अंगद को रावण दरबार भेजना, रावण – अंगद संवाद, कुंभकर्ण को जगाना, कुंभकर्ण वध तक की लीला का का मंचन हुआ।

विगत रात्रि की रामलीला का उद्घाटन मुख्य अतिथि रूद्रपुर के समाजसेवी एवं लालकुंआ स्टोन क्रेशर के एमडी श्री अभिषेक अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्षा मीना शर्मा, अनिल शर्मा, विनोद छाबड़ा बिट्टू, बंशीधर गुम्बर, आशू गुम्बर, आशीष अग्रवाल नें संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। रामलीला कमेटी ने सभी अतिथिगणो को माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मनित किया।

आज गणेश वंदन, राम वंदना एवं हनुमान वंदना के बाद प्रारम्भ हुयी लीला के प्रथम दृश्य में हनुमान लंका से वापस रामदल पहुंचकर राम को सीता के जीवित होनें लेकिन भीषण संकट में होनें की सूचना देते है। हनुमान राम को लंका में रावण से हुयी मुलाकात एवं लंका दहन की खबर भी देते हैं। उधर लंका में हनुमान द्वारा किये गये दहन से रावण क्रोधित है। वह विभीषण को तंज कसते हुये कहता है कि तुमनें ही मेरा हाथ रोक दिया, नही ंतो मे हनुमान का सर धड़ से अलग कर देता। विभीषण राजनीति की दुहाई देता है तो रावण उसे और अधिक अपमानित करता है। गुस्से में कांपते हुये रावण विभीषण को लात मारकर लंका से भगा देता है। अपमानित विभीषण राम से पनाह मांगता है। राम विभीषण से मित्रता कर उसे अपने दल में षामिल करा लेते है। विभीषण राम दल में घुसपैठ कर बैठे लंका के दो दूतों को पकड़कर राम को सौंपते है। हनुमान उनकी खासी मरम्मत करते हैं।

रामदल में व्यापक विचार विमर्ष के बाद अंतिम शांति दूत के रूप में अंगद को रावण दरबार भेजा जाता है। अंगद रावण को संधि प्रस्ताव देता है लेकिन रावण उसे ठुकरा देता है। अंगद वहीं अपने पैर जमा कर सभी को चुनौती देता है कि यदि किसी भी राक्षस में बाहुबल है तो उसका पैर जमीन से उखाड़ दे। सभी राक्षस हार जाते है तो आखिर में रावण अंगद के पैर की तरफ बढ़ता है लेकिन अंगद कहता है कि इससे बढ़िया तो राम के पैर पड़ जाओ। अंगद युद्ध की घोषणा कर वापस आता है।
दोनों दलों मे युद्ध का मैदान सज जाता है। रावण के अनेकों वीर युद्धभूमि में मारे जाते है तो रावण अपने भाई कुभंकर्ण को जगाता है। रावण कुंभकर्ण को सीता हरण का वृतांत बताते हुये युद्ध के हाल से अवगत कराता है। तब रावण के वचन सुनकर कुंभकर्ण बिलखकर (दुःखी होकर) बोला- अरे मूर्ख! जगतजननी जानकी को हर लाकर अब कल्याण चाहता है। अपनी शक्ति के मद में चूर रावण कुंभकर्ण को उलाहना देते हुये कहता है कि हुये उसे युद्धभूमि में नहीं जाना है, तो जा दोबारा जाकर महलो मे ंसो जा। कुंभकर्ण रावण को कहता है कि मैं डरता नहीं युद्ध संग्राम से, नाही डरता हूँ राम से परंतु भईया यह याद रखना, हो सके तो अमल करना। यदि मारा गया मैं युद्ध भूमि में तो युद्ध को तुम विराम देना। यह कहकर कुंभकर्ण युद्धभूमि में जाकर राम से युद्ध करता है, जहां वह मारा जाता है।

आज राम की भूमिका में मनोज अरोरा, रावण की भूमिका में विशाल भुड्डी, लक्ष्मण की भूमिका में राजकुमार कक्कड़़, हनुमान – सुशील गाबा, मेघनाद की भूमिका मे रमन अरोरा, कुंभकर्ण की भूमिका में अमन गुम्बर, विभीषण की भूमिका में सचिन आनन्द, गणेश भगवान की भूमिका में आशीष ग्रोवर, नें शानदार अभिनय कर उपस्थित हजारो जनता का मन मोह लिया। संचालन मंच सचिव संदीप धीर एवं विजय जग्गा नें किया।

इस दौरान श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष पवन अग्रवाल, महामंत्री विजय अरोरा, कोषाध्यक्ष अमित गंभीर सीए, समन्यवयक नरेश शर्मा, बीना बेहड़, पूर्वा बेहड़, अनीशा बेहड़, मिनाक्षी गाबा, वअमित अरोरा बोबी, राजेश छाबड़ा, महावीर आजाद, पत्रकार परमपाल सुखीजा पम्मी, भानु चुघ, सुरेन्द्र षर्मा, दीपक कुकरेजा, चन्द्र गंगवार, अर्जुन माहेेष्वरी, राकेष सुखीजा, कर्मचन्द राजदेव, हरीष अरोरा, सुभाष खंडेलवाल, केवल कृष्ण बत्रा, गौरव तनेजा, प्रेम खुराना, संजीव आनन्द, हरीश सुखीजा, मनोज मंुजाल, विशाल भुड्डी, राम कृश्ण कन्नौजिया, अनिल तनेजा, रमन अरोरा, कुक्कू शर्मा, गौरव राज बेहड़, सौरभ राज बेहड़, विजय विरमानी, मनोज गाबा, अमित चावला, आशीष मिड्ढा, पवन गाबा पल्ली, राजकुमार कक्कड़, सचिन मंुजाल, सुभाश तनेजा, पुलकित बांबा, सुमित आनन्द, वैभव भुड्डी, रोहित नागपाल, गोगी, सन्नी आहूजा अमित वर्मा, कपिश सुखीजा, बिट्टू ग्रोवर, रवि अरोरा, चिराग कालड़ा, रोहित जग्गा, सचिन तनेजा, आदि उपस्थित थे।