Friday 08/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
दो किश्तें बकाया होने पर फाइनेंस कंपनी पर वाहन कब्जाने का आरोप, कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन रुद्रपुर। खेड़ा निवासी युवा व्यापारी इरफान अली ने चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इरफान अली के अनुसार उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व कंपनी से डिजायर कार फाइनेंस करवाई थी। पिछले दिनों उनके बेटे को स्पाइनल कॉर्ड से संबंधित गंभीर बीमारी होने के कारण उपचार में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो गए, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और वाहन की दो किश्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं।आरोप है कि 3 मई को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने हरिद्वार में वाहन को रोककर उसमें सवार यात्रियों को बीच रास्ते उतार दिया तथा गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जब इरफान अली रुद्रपुर स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की, तो कंपनी कर्मचारियों द्वारा दूसरी गाड़ी, जिसे कंपनी ने नहीं रोका था, उसकी भी किश्तों का हिसाब जोड़ते हुए अतिरिक्त चार्ज लगाए जाने की बात कही गई।इरफान अली का कहना है कि उन्होंने बकाया दो किश्तें जमा करने की बात कही, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया। इसके विरोध में सोमवार को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ढोल बजाकर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।मामले की गंभीरता को देखते हुए आवास विकास चौकी पुलिस एवं एलआईयू की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस प्रशासन द्वारा चोलामंडलम कंपनी के रीजनल मैनेजर शिवराज ब्रिज से फोन पर वार्ता कराई गई, जिसमें बुधवार सुबह मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।धरना-प्रदर्शन में मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, सौरभ राज बेहड़, परवेज कुरेशी, उमर अली, मोनिका ढाली, मोहम्मद अशफाक अंसारी, रणजीत सिंह राणा, अनंत बिश्नोई, मारूफ, रेहान, ताहिर, हैरी पन्नू, समप्रीत ग्रोवर, गौरव कुमार, गोविंद सिंह, सरजू सिंह सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।रीजनल पार्टी ने भाजपा को बादाम भेजकर याद दिलाया लोकायुक्त का वादाश्री जगरनाथ भक्त शिरोमणि मां कर्मा देवी की प्रदेशध्यक्ष बीना साहू ने स्कूल के बच्चों को बांटे ग्लूकोन डी के पैकेटमुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतरने की कवायद शुरूसरकारी जमीन पर ‘अवैध मजार’ का खेल बेनकाब15 साल में नहीं बदली गांवों की तस्वीर, जनता बदलाव चाहती है: सुमेंद्र सिंह बोहरा  कांग्रेस नेता सुमेन्द्र सिंह बोहरा इन दिनों मसूरी विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं। ग्राम गढ़, बुरांशखंडा, पन्याली और सरोना न्याय पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सुमेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को शहर तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।उन्होंने वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से लगातार विधानसभा जीतने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गांवों की सड़कें आज भी बदहाल हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बोहरा ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें मसूरी विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देती है और जनता का समर्थन मिलता है, तो वह अगले पांच वर्षों में क्षेत्र में सड़क निर्माण, अस्पतालों के विकास और स्कूलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि गांवों का समग्र विकास करना है।उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास के मुद्दों पर गंभीर नेतृत्व की तलाश में है। जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा।दिल्ली पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो में जीते स्वर्ण, स्कूल में हुआ भव्य सम्मान दिल्ली पब्लिक स्कूल देहरादून के खिलाड़ियों ने 16वीं डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का मंगलवार को विद्यालय परिसर में जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रशासन द्वारा विशेष सम्मान समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य बीके सिंह ने प्रार्थना सभा के दौरान खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर यह सफलता हासिल की है, जो पूरे विद्यालय के लिए गर्व की बात है।हाल ही में अपोलो इटंरनेषनल स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में करीब 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इसमें डीपीएस देहरादून के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए। 18 किलो से कम वजन वर्ग में त्रियक्ष सैनी, 29 किलो से कम वर्ग में विवान थपलियाल, 38 किलो से कम वर्ग में अतिक्ष व्यास तथा पूमसे इंडिविजुअल वर्ग में तक्ष चमोला ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं 26 किलो से कम बालिका वर्ग में दिविका दुआ ने भी गोल्ड मेडल हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।प्रधानाचार्य बीके सिंह ने बताया कि यह खिलाड़ी लंबे समय से लगातार मेहनत कर रहे थे और उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा था। उन्होंने कहा कि अब ये खिलाड़ी उत्तराखंड प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में स्कूल टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिससे विद्यालय को उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इस दौरान उप प्रधानाचार्य सुजाता सिंह ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मान समारोह के दौरान पूरे विद्यालय में उत्साह का माहौल रहा और विद्यार्थियों ने तालियों के साथ खिलाड़ियों का स्वागत किया।15 साल में नहीं बदली गांवों की तस्वीर, जनता बदलाव चाहती है: सुमेंद्र सिंह बोहरामसूरी,  कांग्रेस नेता सुमेन्द्र सिंह बोहरा इन दिनों मसूरी विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं। ग्राम गढ़, बुरांशखंडा, पन्याली और सरोना न्याय पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सुमेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को शहर तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।उन्होंने वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से लगातार विधानसभा जीतने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गांवों की सड़कें आज भी बदहाल हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।बोहरा ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें मसूरी विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर देती है और जनता का समर्थन मिलता है, तो वह अगले पांच वर्षों में क्षेत्र में सड़क निर्माण, अस्पतालों के विकास और स्कूलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि गांवों का समग्र विकास करना है।उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास के मुद्दों पर गंभीर नेतृत्व की तलाश में है। जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा।मसूरी-देहरादून मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रक, चालक की मौत देहरादून-मसूरी मार्ग पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में राशन और कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मसूरी पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को खाई से बाहर निकाला।जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 5ः30 बजे मसूरी झील से करीब 200 मीटर आगे देहरादून की ओर एक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस और उप जिला चिकित्सालय की टीम मौके पर पहुंची। परन्तु गहरी खाई होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही दिक्कत को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया जिसके बाद संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कर घायल और मृतक को खाई से निकाल कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार ट्रक संख्या यूके 07-सीबी-1727 रेलवे स्टेशन देहरादून से कोल्ड ड्रिंक, तेल और अन्य राशन सामग्री लेकर उत्तरकाशी जा रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक मुबारिक पुत्र इलियास अली निवासी टिमली, थाना सहसपुर, देहरादून की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेल्पर साजिद पुत्र रहमत गंभीर रूप से घायल हो गया। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को खाई से बाहर निकाला। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद का झोंका आने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा मृतक और घायल के परिजनों को सूचना दे दी गई है।हादसे के बाद कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने पहाड़ी मार्गों पर लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।सेवा,संवेदनशीलता और कौशल का संगम ही सच्चे चिकित्सक की पहचान-इंटर्नशिप ओरिएंटेशन में डॉ.आशुतोष सयाना का मार्गदर्शन
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सीयूईटी-यूजी 2026 को लेकर गढ़वाल विश्वविद्यालय का बड़ा शैक्षिक अभियान दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा प्रवेश जागरूकता संदेश


श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। स्नातक स्तर पर प्रवेश हेतु कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) 2026 को लेकर विश्वविद्यालय द्वारा विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है,जिसका उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को प्रवेश प्रक्रिया की समुचित जानकारी देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। इस अभियान के अंतर्गत अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं के निर्देशन में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों की चार विशेष टीमें गठित की गई हैं,जो 20 से 24 जनवरी 2026 तक गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों के दूरस्थ राजकीय एवं निजी इंटरमीडिएट कॉलेजों का भ्रमण कर कक्षा 12 वीं के छात्र-छात्राओं को सीयूईटी-यूजी से जुड़ी बारीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करेंगी। प्रधानाचार्यों के साथ संवाद,प्रवेश रणनीति पर मंथन इसी क्रम में विकासखंड खिर्सु एवं कीर्तिनगर के अंतर्गत आने वाले इंटरमीडिएट कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ विश्वविद्यालय स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातक प्रवेश हेतु सीयूईटी-यूजी 2026 की प्रक्रिया,विषय चयन,पात्रता और विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। सीयूईटी से पारदर्शी और समान अवसर प्रो.ओ.पी.गुसाईं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने कहा कि उच्च शिक्षा में पारदर्शिता,समानता और एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा सीयूईटी प्रणाली लागू की गई है। सीयूईटी-यूजी 2026 के माध्यम से देश के केंद्रीय,राज्य,निजी एवं डीम्ड विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलेगा। यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीयूईटी-यूजी 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन संचालित होगी। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी और विषय चयन विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित विषय मैपिंग के अनुरूप किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि सीयूईटी केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं,बल्कि छात्रों के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों के द्वार खोलने वाला मंच है। जब कोई अभ्यर्थी सीयूईटी के लिए आवेदन करता है,तो उसे कई विश्वविद्यालयों और पाठ्यक्रमों की जानकारी एक साथ मिलती है। सफल होने पर छात्र अपनी रुचि,विषय चयन और पारिवारिक परिस्थिति के अनुसार देश के किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश ले सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सीयूईटी लागू होने से छात्र-छात्राओं को अलग-अलग विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं से मुक्ति मिली है और बीए,बीएससी,बीकॉम सहित सभी स्नातक कार्यक्रमों में चयन अब एक ही राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा से संभव हो गया है। सही विषय चयन अनिवार्य-समर्थ पोर्टल समन्वयक डॉ.प्रीतम सिंह नेगी समन्वयक समर्थ ईआरपी पोर्टल ने बताया कि गढ़वाल विश्वविद्यालय के समस्त परिसरों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को सीयूईटी-यूजी में सही विषयों का चयन करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कर विश्वविद्यालय द्वारा जारी विषय मैपिंग और पात्रता मानदंडों का सावधानीपूर्वक अध्ययन जरूरी है। प्रो.प्रशान्त कण्डारी समन्वयक नई शिक्षा नीति 2020 ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत उच्च शिक्षा को लचीला,बहु-विकल्पीय और कौशल-आधारित बनाया गया है। बहु-प्रवेश एवं बहु-निकास प्रणाली से छात्र किसी भी चरण पर शिक्षा रोकने या पुनः प्रारंभ करने में सक्षम होंगे। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में यूजी सर्टिफिकेट,डिप्लोमा,स्नातक,ऑनर्स,ऑनर्स विद रिसर्च,परास्नातक और पीएचडी तक स्पष्ट शैक्षणिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं,जिससे ड्रॉपआउट दर कम होने और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। व्यापक सहभागिता,सफल अभियान की नींव बैठक में खिर्सु एवं कीर्तिनगर क्षेत्र के लगभग 40 इंटरमीडिएट कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर प्रो.एन.एस.पंवार (वित्तअधिकारी),प्रो.एम.एम.सेमवाल,प्रो.एम.एस.पंवार,डॉ.विजयकांत पुरोहित,आशुतोष बहुगुणा,सूर्य प्रकाश सिंह बादल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। सीयूईटी जागरूकता अभियान के लिए गठित टीमों में डॉ.सुरेन्द्र सिंह बिष्ट,डॉ.गंभीर सिंह कठैत,डॉ.वरुण बर्थवाल,डॉ.कपिल पंवार,डॉ.अनूप सेमवाल,डॉ.बालकृष्ण बधानी सहित अन्य संकाय सदस्य शामिल हैं। यह अभियान गढ़वाल विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है,जिसमें हर विद्यार्थी तक सही जानकारी,सही समय पर और सही माध्यम से पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है ताकि उच्च शिक्षा का सपना किसी भी छात्र के लिए अधूरा न रहे।

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