Wednesday 24/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
ग्रामीण जनसंवाद के जरिए विधायक तिलक राज बेहड़ ने करोड़ों की विकास योजनाओं को दी रफ्तारहेमकुंड साहिब यात्रियों पर हमले के विरोध में सिख समाज का अल्टीमेटम, 24 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन  किच्छा के गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा एवं गुरुद्वारा श्री नानक दरबार, आवास विकास की प्रबंधक समितियों ने हेमकुंड साहिब जा रहे सिख श्रद्धालुओं पर कर्णप्रयाग में हुए हमले के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी गौरव पांडे को ज्ञापन सौंपा। सिख समाज ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं पर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा हमला किया गया, जिससे पूरे सिख समाज में गहरा आक्रोश है। समिति ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां देश-विदेश से सभी धर्मों के श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसी घटनाएं राज्य की छवि को धूमिल करती हैं, इसलिए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।ज्ञापन प्राप्त करने के बाद उपजिलाधिकारी गौरव पांडे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले से शासन को अवगत कराया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में भाईचारा और शांति बनाए रखना है, लेकिन यदि 24 जून 2026 तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उत्तराखंड के सभी गुरुद्वारों के माध्यम से प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों के पदाधिकारी एवं सिख समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे।वार्ड नंबर 12 में नशे के कारोबार से दहशत, क्षेत्रवासियों ने पुलिस से की सख्त कार्रवाई की मांगकालाढूगी -आज कालाढूंगी विधानसभा के कोटाबाग विकास खंड के पवलगढ़ में क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती दीपा देवी जी के आवास पर स्थानीय जनता जनार्दन से आत्मीय भेंट एवं संवाद किया।इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों के साथ माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी एवं उत्तराखंड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री Pushkar Singh Dhami जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं तथा प्रदेश एवं क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।इस अवसर पर जनता जनार्दन से आदमी विधानसभा चुनाव में भाजपा को विजयी बनाने हेतु आशीर्वाद देने का अनुरोध भी किया।इस अवसर पर प्रधान श्रीमती रेखा बधानी जी, प्रधान श्री प्रकाश तिवारी जी (मारकंडपुर), श्री उमेश त्रिपाठी जी, मंडल महामंत्री श्री दीवान सिंह बिष्ट जी, श्री विनोद बधानी जी, श्री डूंगर सिंह मेहरा जी, श्री दीपक तिवारी जी, श्री जगदीश गर्जोला जी, श्री दिनेश बधानी जी, श्री सोनू बिष्ट जी, श्री लक्ष्मण बिष्ट जी, श्री हरीश बिष्ट जी, श्री संतोष गिरी जी, श्री नारायण पटवाल जी, श्री हरीश कांडपाल जी, श्री भुवन त्रिपाठी जी, श्री राजू त्रिपाठी जी, श्री पूरन त्रिपाठी जी, श्री किशन मेहरा जी, श्री जितेंद्र मियान जी, श्री भुवन चंद सती जी, श्री हरेंद्र रावत जी, श्री गौरव सती जी, श्री मोहन भट्ट जी, श्री नंदा बल्लभ बधानी जी, श्री गोपेश्वर पांडे जी, श्री देवी दत्त सुयाल जी, श्री हरीश त्रिपाठी जी, श्री नीरज त्रिपाठी जी, श्री महेंद्र आर्य जी, श्री गोपाल राम जी, श्रीमती कमला पैपने जी, श्री नवीन भट्ट जी एवं श्री कृपाल सिंह जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।जनता का स्नेह, विश्वास एवं आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा हैदेश की शिक्षा व्यवस्था बनी वसूली तंत्र: गावाकांग्रेस नेताओं ने कहा-पेपर लीक, महंगी कोचिंग और बेरोजगारी ने युवाओं के सपनों को तोड़ाबंद कट खुलवाने पर व्यापार मंडल ने महापौर को किया सम्मानितअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय योग संस्थान, रुद्रपुर जिला द्वारा भव्य योग कार्यक्रम का आयोजनमसूरी मॉल रोड पर गिरा विशाल पेड़, अग्निशमन दल ने त्वरित कार्रवाई कर टाला बड़ा हादसा पर्यटन नगरी मसूरी में रविवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब झूलाघर स्थित इलाहाबाद बैंक के समीप मॉल रोड पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। घटना के चलते कुछ देर के लिए मार्ग अवरुद्ध हो गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और पेड़ को काटकर मार्ग से हटाते हुए यातायात सुचारू कर दिया। अग्निशमन एवं आपात सेवा केंद्र मसूरी को शनिवार को सूचना मिली कि झूलाघर के निकट इलाहाबाद बैंक के पास मॉल रोड पर एक बड़ा पेड़ गिर गया है। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि विशाल पेड़ मुख्य मार्ग पर गिरा हुआ था, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही थी और दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। फायर यूनिट ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने दो वुडन कटरों की मदद से पेड़ को छोटे-छोटे हिस्सों में काटा और उन्हें सड़क से हटाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को पूरी तरह साफ कर यातायात के लिए खोल दिया गया। गनीमत रही कि पेड़ गिरने के समय वहां कोई राहगीर या वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। राहत एवं बचाव अभियान में चालक महेंद्र सिंह, फायरमैन शुभाष सिंह, नितिन सिंह और रोहित रावत शामिल रहे।उत्तरा केयर हॉस्पिटल के त्रिदिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 676 लाभार्थियों ने प्राप्त किया स्वास्थ्य लाभरोजगारपरक शिक्षा और मजबूत अधोसंरचना से होगा विश्वविद्यालय का विकास–कुलपति
राज्य

4 श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के विरोध में 12 फरवरी की राष्ट्रीय आम हड़ताल को सफल बनाने को लेकर श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने आज परशुराम चौक ट्रांजिट कैम्प से गांधी पार्क तक बाइक तक रैली निकाली।

परशुराम चौक पर हुई संक्षिप्त सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि 12 फरवरी 4 श्रम संहिताओं(कोड्स) को लागू करने से रोकने की मांग पर देशव्यापी हड़ताल आहूत है। जिसे व्यापक समर्थन मिल रहा है। श्रमिक वर्ग मजदूरों पर हो रहे शोषण से परेशान है। ऊपर से केंद्र सरकार ने मजदूर को बंधुवा गुलाम बनाने के लिए पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर पूंजीपतियों के पक्ष में 4 श्रम कोड्स लागू कर दिए हैं।

सभा को संबोधित करते हुए सीएसटीयू के मुकुल ने कहा कि
सरकार चार श्रम संहिताओं को मीठे मीठे शब्दों में परिभाषित करके मजदूरों को गुमराह कर रही है। ये श्रम कानून पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं। पुराने 29 श्रम कानूनों में जो अधिकार मजदूरों को हासिल थे, उन अधिकारों में कटौती करके सरकार ने नए सिरे से 4 श्रम संहिता बना दी हैं। पहले से ही सरकार के मजदूर विरोधी रुख के कारण मजदूर बदहाली में जी रहा था। लेकिन अब नए श्रम संहिताओं में मजदूरों के हालत बंधुआ गुलाम जैसे हो जाएंगे। पहले श्रमिक अपनी योग्यता के दम पर 58 वर्ष की उम्र तक स्थाई नौकरी फैक्ट्रियों में पा लेते थे। लेकिन इन 4 श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद स्थाई नौकरी के बजाय निश्चित अवधि यानि फिक्स्ड टर्म जॉब होगी। यह निश्चित अवधि अलग –अलग फैक्ट्रियों के स्टैंडिंग ऑर्डर के अलग–अलग हो सकती है। निश्चित अवधि की नौकरी के बावजूद श्रमिक के ऊपर हमेशा हायर एंड फायर पॉलिसी के तहत फायर होने(नौकरी से निकाले जाने ) का खतरा बना रहेगा।
इन नए कानूनों के तहत मजदूरों का यूनियन बनाकर अपने हक अधिकार के लिए एकताबद्ध होना और लड़ना असंभव हो जाएगा। जिस कारण कंपनी मालिक मजदूरों का बेतहाशा शोषण करने में कामयाब होगा। नए श्रम संहिताओं में अब कोई भी 300 श्रमिक नियुक्त करने वाला कंपनी मालिक मनमर्जी से जब चाहे तब , बिना राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त किए कंपनी बंद कर सकता है। पहले श्रम कानूनों में यह सीमा 100 श्रमिक की थी।

देश के श्रम बल को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है। देश की जमीनों को धड़ल्ले से अडानी, अंबानी जैसे पूंजीपतियों के हाथों लूटा रही है। और यह सब देश में अमृतकाल के दौर के नए कानूनों के माध्यम से कर रही है। यानी हर गैर संविधानिक कार्यवाहियों को संवैधानिक बनाकर पूंजीपतियों का हित साध रही है।

इस दौरान भाकपा(माले) के ललित मटियाली, इंकलाबी मजदूर केंद्र के दिनेश चंद्र, ऐक्टू जिला सचिव अनिता अन्ना, हरेंद्र सिंह, महेंद्र राणा, जगमोहन, पुष्कर खाती, भीम सिंह, कमल, डूंगर सिंह, धीरज जोशी, हीरा राठौर समेत दर्जनों श्रमिक उपस्थित थे।

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