Friday 27/ 02/ 2026 

Bharat Najariya
नानकमत्ता में कांग्रेस नेता हरिओम राणा के आवास पर होली मिलन समारोह, नेपाल से आए कलाकारों ने बांधा समांखबर:कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरिओम राणा ने अपने निज निवास नानकमत्ता में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय गणमान्य लोगों ने शिरकत की।होली मिलन समारोह के दौरान रंग, गुलाल और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया गया। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नेपाल से आए कलाकार रहे, जिन्होंने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कलाकारों की लोकनृत्य और संगीत प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और देर तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही।इस अवसर पर हरिओम राणा ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश देता है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और सांस्कृतिक आदान–प्रदान को भी बढ़ावा देते हैं।समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां राजनीति से इतर सामाजिक और सांस्कृतिक एकता की झलक देखने को मिली।उधम सिंह नगर में दर्ज गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, एसएसपी को सौंपा गया ज्ञापन रुद्रपुर/उधम सिंह नगर।उधम सिंह नगर में 24 फरवरी 2026 को हुई एक गंभीर एवं संवेदनशील घटना को लेकर पुलिस प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया गया है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि घटना से संबंधित वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिनसे परिस्थितियां स्पष्ट होती हैं। आरोप है कि आरोपी द्वारा शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधि कर रहे व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार, लात-घूंसे से मारपीट, धमकी, अपमानजनक भाषा का प्रयोग तथा उकसाने वाले नारे लगाने का प्रयास किया गया। यह कृत्य न केवल मानवीय गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को भी प्रभावित करता है।शिकायतकर्ताओं ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्हें यह आश्वासन मिला था कि विधि के अनुसार कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही, यह भी कहा गया कि संबंधित पक्ष द्वारा प्रतिशोध की भावना से उनके विरुद्ध भी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसकी निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच आवश्यक है, ताकि किसी निर्दोष को अनावश्यक रूप से उत्पीड़ित न किया जाए।फुटेला दंपत्ति ने लिया देहदान का संकल्प, 7 मार्च को जिलाधिकारी नैनीताल करेंगे सम्मानित गदरपुर। समाज में सेवा और जागरूकता का संदेश देते हुए कुमाऊँ केसरी से जुड़े फुटेला दंपत्ति ने देहदान का संकल्प लिया है। उन्होंने औपचारिक रूप से देहदान का फॉर्म भरकर यह घोषणा की कि मृत्यु के उपरांत उनका शरीर मेडिकल रिसर्च और चिकित्सा शिक्षा के कार्यों में उपयोग किया जाए। इस पहल को सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में एक प्रेरक कदम माना जा रहा है।देहदान का यह संकल्प अनमोल संकल्प सिद्धि फाउंडेशन की अध्यक्षा सुचित्रा पंकज जायसवाल की उपस्थिति में लिया गया। उन्होंने स्वयं फॉर्म भरवाते हुए बताया कि समाज में अभी भी देहदान को लेकर जागरूकता की कमी है,जबकि चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए मानव शरीर की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उनका कहना था कि यदि अधिक लोग आगे आएं तो भविष्य के डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा और चिकित्सा अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी।फुटेला दंपत्ति को इस निर्णय के लिए आध्यात्मिक शिक्षक आचार्य प्रशांत जी के विचारों से प्रेरणा मिली। आचार्य प्रशांत जी अक्सर अपने प्रवचनों में कहते हैं कि “यह शरीर अंततः मिट्टी में मिल जाना है,तो क्यों न जाते-जाते किसी के काम आ जाए।” इसी सोच को आत्मसात करते हुए दंपत्ति ने सामाजिक उपयोगिता को प्राथमिकता दी। उनका मानना है कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल विचारों तक सीमित नहीं,बल्कि व्यवहार में दिखाई देनी चाहिए।फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि 7 मार्च को इस मानवीय संकल्प के लिए फुटेला दंपत्ति को नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में नैनीताल के जिलाधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और समाज के सामने इस पहल को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा।चिकित्सकों के अनुसार,देहदान से मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों को मानव शरीर की संरचना को समझने का वास्तविक अवसर मिलता है। यह चिकित्सा विज्ञान के विकास की आधारशिला है।फुटेला दंपत्ति का यह कदम न केवल एक व्यक्तिगत निर्णय है, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है—जीवन के बाद भी मानव सेवा संभव है। यदि अधिक लोग इस दिशा में सोचें, तो चिकित्सा क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिल सकती है और मानवता के प्रति उत्तरदायित्व की भावना और गहरी हो सकती है।रूद्रपुर को स्वच्छता के शिखर पर पहुंचाने के लिए कसी कमररुद्रपुर गैंगरेप प्रकरण में पुलिस का त्वरित एक्शन, 3 आरोपी गिरफ्तार, एक उपचाराधीनरुद्रपुर।जनपद ऊधम सिंह नगर के कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र में सामने आए जघन्य गैंगरेप प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के सख्त निर्देशों पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी जिला चिकित्सालय में उपचाराधीन है।पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली रुद्रपुर में एफआईआर संख्या 85/2026 धारा 351(3), 70(1) बीएनएस के अंतर्गत दर्ज की गई। आरोप है कि 22 फरवरी की रात गांधी पार्क सरस मेले से लौटते समय पीड़िता को सुनसान स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया गया। विवेचना के दौरान मामले में धारा 3(5) व 115(2) बीएनएस की वृद्धि की गई।पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों में राजा रस्तोगी, विशाल गुप्ता उर्फ बिट्टू और करन सिंह शामिल हैं। मुख्य आरोपी अभय सक्सेना उर्फ चाइना द्वारा विषाक्त पदार्थ सेवन किए जाने की सूचना पर उसका उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा है, चिकित्सकीय अनुमति के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि महिला संबंधी अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने के लिए सशक्त पैरवी सुनिश्चित कीनैनीताल में न्याय की डिजिटल उड़ान: ई-लाइब्रेरी का शुभारंभअध्यात्मिक उर्जा का केन्द्र बनेगा संजय नगर क्षेत्रः विकास शर्माप्रथम बिसंग होली रंग महोत्सव का शानदार आगाज सैकड़ो महिलाओं व पुरुषों ने किया होली गायन।
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उधम सिंह नगर में दर्ज गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, एसएसपी को सौंपा गया ज्ञापन रुद्रपुर/उधम सिंह नगर।उधम सिंह नगर में 24 फरवरी 2026 को हुई एक गंभीर एवं संवेदनशील घटना को लेकर पुलिस प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया गया है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि घटना से संबंधित वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिनसे परिस्थितियां स्पष्ट होती हैं। आरोप है कि आरोपी द्वारा शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधि कर रहे व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार, लात-घूंसे से मारपीट, धमकी, अपमानजनक भाषा का प्रयोग तथा उकसाने वाले नारे लगाने का प्रयास किया गया। यह कृत्य न केवल मानवीय गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को भी प्रभावित करता है।शिकायतकर्ताओं ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्हें यह आश्वासन मिला था कि विधि के अनुसार कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही, यह भी कहा गया कि संबंधित पक्ष द्वारा प्रतिशोध की भावना से उनके विरुद्ध भी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसकी निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच आवश्यक है, ताकि किसी निर्दोष को अनावश्यक रूप से उत्पीड़ित न किया जाए।

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