जुमे की बरकत में गूंजी अमन की दुआएं-श्रीनगर मस्जिद में शांतिपूर्वक रोजा इफ्तार,मुल्क की सलामती के लिए की गई विशेष प्रार्थना

श्रीनगर गढ़वाल। पवित्र रमजान माह के जुमे की मुबारक घड़ी में 27 फरवरी को श्रीनगर की मस्जिद में मुस्लिम समाज द्वारा रोजा इफ्तार का आयोजन शांतिपूर्वक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इबादत,संयम और भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत इस अवसर पर मुल्क की तरक्की,शांति और आपसी सद्भाव के लिए विशेष दुआएं की गई। इफ्तार से पूर्व नमाज-ए-जुमा अदा की गई,जिसके बाद रोजेदारों ने खजूर और पानी के साथ रोजा खोला। पूरे वातावरण में आध्यात्मिक आस्था और अनुशासन की झलक स्पष्ट दिखाई दी। मस्जिद परिसर में सामाजिक एकता और परस्पर सम्मान का सुंदर संदेश प्रतिध्वनित हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि रमजान का महीना आत्मसंयम,सेवा और मानवता की सीख देता है। रोजा केवल भूख-प्यास का त्याग नहीं,बल्कि मन,वचन और कर्म की पवित्रता का प्रतीक है। इस अवसर पर देश में अमन-चैन,भाईचारे और सामाजिक समरसता की कामना की गई। कार्यक्रम में जामिन अंसारी,मजमुल राव,समीम अहमद,वकील अहमद,जावेद,हसन,जाहिद,शाह आलम,गुलफाम, आसिफ अदनान,निशात अनवर सहित मुस्लिम समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। श्रीनगर में आयोजित यह रोजा इफ्तार केवल एक धार्मिक आयोजन भर नहीं रहा,बल्कि सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश बनकर उभरा-जहां इबादत के साथ-साथ इंसानियत की रोशनी भी पूरे वातावरण में फैलती नजर आई।
