तकनीकी नवाचार की ओर बढ़ते कदम-श्रीनगर पॉलिटेक्निक के स्किल वीक में इनोवेशन और रैपिड प्रोटोटाइपिंग पर मंथन

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड सरकार का इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटेक्निक श्रीनगर में आयोजित स्किल वीक कार्यक्रम के तीसरे दिन ज्ञान,नवाचार और तकनीकी दक्षता का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी और शैक्षणिक विषयों पर विशेषज्ञों ने सारगर्भित व्याख्यान दिए,जिसने छात्र-छात्राओं में नवाचार की नई चेतना जागृत की। कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी डायरेक्टर/प्रिंसिपल एस.के.वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है,बल्कि तकनीकी कौशल,सृजनात्मक सोच और व्यवहारिक ज्ञान ही युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। स्किल वीक जैसे आयोजन विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से रूबरू कराते हैं। नवाचार पर विशेष जोर मुख्य वक्ता के रूप में एनआईटी श्रीनगर गढ़वाल से आईं डॉ.स्नेहा चौहान ने इनोवेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का युग विचारों की शक्ति का युग है। उन्होंने विद्यार्थियों को समस्याओं को अवसर में बदलने की सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भी बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। इसी क्रम में Gurinder Singh Brar एसोसिएट प्रोफेसर एनआईटी श्रीनगर ने रैपिड प्रोटोटाइपिंग विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी विचार को शीघ्रता से मॉडल या प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करना आज स्टार्टअप संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आधुनिक तकनीकों और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसे उपकरणों की सहायता से कैसे नवाचार को वास्तविक उत्पाद में बदला जा सकता है,इस पर उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों सहित प्रकाश डाला। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से आए डॉ.आलोक सागर गौतम ने नवाचार की व्यापक अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इनोवेशन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है,बल्कि यह सोच प्रक्रिया और दृष्टिकोण का परिवर्तन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध,प्रयोग और निरंतर सीखने की संस्कृति अपनाने की सलाह दी। प्रेरणादायी रहा आयोजन कार्यक्रम के अंत में रीना नवानी ने सभी अतिथियों,वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्किल वीक जैसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। इस अवसर पर सुशील बहुगुणा,अशुतोष नौटियाल,बुटोला,विकास भट्ट,पल्लवी,प्रेरणा,निष्ठा,अनुराधा तथा भूपेंद्र राणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। समग्र रूप से देखा जाए तो स्किल वीक का तीसरा दिन ज्ञानवर्धक,प्रेरणादायी और दूरदर्शी विचारों से परिपूर्ण रहा। इस आयोजन ने न केवल तकनीकी शिक्षा की प्रासंगिकता को रेखांकित किया,बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश भी दिया।
