गढ़वाल के मरीजों को बड़ी राहत-श्रीनगर बेस अस्पताल में एमआरआई जांच प्रक्रिया होगी सरल,बाहरी पर्चे पर सीधे मिलेगी सुविधा

श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल मंडल के पहाड़ी जिलों से इलाज के लिए लंबी दूरी तय कर श्रीनगर पहुंचने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में अब एमआरआई जांच प्रक्रिया को सरल और मरीज हितैषी बनाने की पहल शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बाहरी जिलों के सरकारी अस्पतालों से रेफर होकर आने वाले मरीजों को अब बेस अस्पताल की आंतरिक ओपीडी पर्ची बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह निर्णय खास तौर पर गढ़वाल क्षेत्र के चार जिलों से आने वाले उन मरीजों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है,जिन्हें गंभीर बीमारियों की जांच के लिए एमआरआई करानी पड़ती है और पर्ची,रजिस्ट्रेशन व अन्य औपचारिकताओं में अनावश्यक समय व्यतीत करना पड़ता था। बाहरी पर्चे पर सीधे होगी जांच नई व्यवस्था के तहत किसी भी सरकारी चिकित्सक द्वारा जारी नॉन-कॉन्ट्रास्ट एमआरआई अनुरोध पत्र को सीधे इमेजिंग के लिए स्वीकार किया जाएगा। मरीज या उसके अधिकृत परिजन से आवश्यक सहमति लेने और निर्धारित शासकीय शुल्क जमा करने के बाद एमआरआई जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि जांच के एक घंटे के भीतर मरीज को एमआरआई फिल्म उपलब्ध करा दी जाएगी,जबकि 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट भी प्रदान कर दी जाएगी। इससे गंभीर रोगियों को शीघ्र उपचार निर्णय लेने में मदद मिलेगी। रेडियोलॉजी विभाग में नई ऊर्जा रेडियोलॉजी विभाग में पूर्व से कार्यरत डॉ.नुपूर अरोड़ा के साथ अब एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर डॉ.सौरभ सच्चर ने कार्यभार ग्रहण किया है। डॉ.सच्चर ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा के बाद इस जनहितकारी व्यवस्था को लागू करने की पहल की है। डॉ.सच्चर के अनुसार चार जिलों से आने वाले मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाहरी अस्पतालों के पर्चे पर सीधे एमआरआई जांच शुरू की जा रही है। शुल्क जमा करने के बाद एक घंटे में फिल्म और 24 घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए संबद्ध जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को औपचारिक पत्र भेजने जा रहा है। साथ ही बेस अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड विभाग को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। यह सूचना सीएचसी,उप जिला अस्पताल,जिला अस्पतालों,समीपवर्ती जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों तथा सीएपीएफ और सशस्त्र बलों के चिकित्सीय संस्थानों तक पहुंचाई जाएगी,ताकि अधिक से अधिक मरीज इस सुविधा का लाभ उठा सकें। श्रीनगर बेस अस्पताल गढ़वाल मंडल के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एमआरआई सुविधा का प्रमुख केंद्र है। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अक्सर लंबी प्रतीक्षा,दोबारा पर्ची बनवाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय गंवाना पड़ता था। नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी,बल्कि गंभीर मरीजों को शीघ्र निदान और उपचार की दिशा में तेजी मिलेगी। रेडियोलॉजी विभाग के इस जनहितकारी निर्णय से स्पष्ट है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन पहाड़ के मरीजों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। औपचारिकताएं पूर्ण होते ही यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी,जिससे गढ़वाल क्षेत्र के मरीजों को एमआरआई जांच में किसी प्रकार की परेशानी न हो। स्वास्थ्य सेवाओं को सरल,सुलभ और पारदर्शी बनाने की यह पहल निश्चित ही गढ़वाल के लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित होगी।
