Sunday 01/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
रीजनल पार्टी ने की तकनीकी विश्वविद्यालय की दोषपूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली पर कार्रवाई की मांगसतत उद्यमिता के लिए नवाचार, नैतिकता, सहयोग अनिवार्यसितारगंज में आगामी होली पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।होली पर्व और ईद की शुभकामनाओं के साथ 34 जरूरतमंदों को प्रदान की खाद्य सामग्री एवं वस्त्रगुरु नानक स्कूल में बच्चों के प्रवेश के लिए विशेष छूट दिए जाने की जानकारी दी गईकाशीपुर -राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दिनांक 16, 17 तथा 18 मार्च 2026 को उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास अलग-अलग तहसीलों में कराया जाएगा, ताकि जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील स्तर पर भी आपदा से निपटने की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया जा सके।स्लग सितारगंज इंटर कॉलेज ग्राउंड में स्थित प्राचीन भूमिया मंदिर में किया गया भंडारे का आयोजनअनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में खेलों की अहम भूमिकाः विकास शर्माबंगाली समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने महापौर को सौंपा ज्ञापनहोली हमारी समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान-मुख्यमंत्री
राज्य

सतत उद्यमिता के लिए नवाचार, नैतिकता, सहयोग अनिवार्य

तीर्थंकर महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी-टिमिट के आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के तत्वावधान में उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार प्रेरित उद्यमिताः सतत विकास के लिए रणनीतियों पर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय संगोष्ठी

तीर्थंकर महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी-टिमिट के आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के तत्वावधान में उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार प्रेरित उद्यमिताः सतत विकास के लिए रणनीतियों पर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कैंपस में हुई आईएसटीडी की पहली राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा, नवाचार, नैतिकता, सहयोग और संस्थागत समर्थन के जरिए ही भारत जैसे उभरते देशों में सशक्त और सतत उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकता है। टिमिट के 300 से अधिक छात्रों की उत्साही सहभागिता के बीच रिसर्च पेपर्स बेस्ड एसडीजीएस एंड इन्नोवेशनः एंटरप्रिन्यूरियल स्ट्रेटेजीज़ एंड स्टार्टअप परसेप्टिपस पुस्तक का विमोचन भी हुआ। इससे पूर्व दीप प्रज्जवलन के संग मेडिकल एलटी में राष्ट्रीय संगोष्ठी का श्रीगणेश हुआ। अतिथियों का बुके और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। संचालन स्टुडेंट पर्व जैन ने किया।

नैतिक चिंतन के संग हो एआई का उपयोगः प्रो. संगीता जैन
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के प्रबंधन अध्ययन संस्थान की पूर्व निदेशक प्रो. संगीता जैन ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा, यद्यपि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अत्यंत सक्षम तकनीक है, फिर भी अंतिम निर्णय मानवीय विवेक और दूरदर्शिता पर आधारित होना चाहिए। साथ ही उन्होंने सलाह दी, एआई का उपयोग मजबूत नैतिक चिंतन और उत्तरदायी व्यवहार के साथ किया जाए ताकि नवाचार समाज के व्यापक हित में हो। प्रो. जैन ने कहा, स्पष्टता, सहयोग और विश्वसनीयता को सफल एआई-आधारित उद्यमों की आधारशिला है।

सफलता को धैर्य और लचीलापन महत्वपूर्णः डॉ. सिद्धार्थ जैन
मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ के व्यवसाय प्रबंधन संस्थान के डॉ. सिद्धार्थ जैन ने कहा, स्टार्टअप्स की स्थिरता के लिए रणनीतिक योजना, जोखिम आकलन और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन अनिवार्य हैं। उद्यमिता में तनाव प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रो. जैन ने कहा कि अनिश्चितताओं और दबाव के बीच संतुलित निर्णय, धैर्य और लचीलापन दीर्घकालिक सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप के लिए निरंतर सीखने, प्रतिक्रिया स्वीकार करने और स्वयं को अनुकूलित करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

सजग, सतर्क और अवसरों के प्रति रहें जागरूकः सीए अभिनव अग्रवाल
मुरादाबाद के सीनियर सीए एवम् एंटरप्रिन्योर श्री अभिनव अग्रवाल ने कहा, व्यक्तिगत खुशी और कार्य संतोष के बिना सफलता अधूरी है, इसलिए कैरियर विकास का सामंजस्य व्यक्तिगत कल्याण से होना चाहिए। उन्होंने उद्यमियों और पेशेवरों को सदैव सजग, सतर्क और अवसरों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी ताकि वे जोखिमों से बचते हुए नए अवसरों की पहचान कर सकें। सीए अग्रवाल ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस- जेम पोर्टल पर पंजीकरण की विस्तृत प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को विस्तार से समझाया।

टीएमयू के वीसी बोले, कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एक उपकरण
टीएमयू के वीसी एवम् आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. वीके जैन ने कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एक उपकरण है, अंतिम निर्णय मनुष्य को ही लेना है। उन्होंने प्रभावी नेतृत्व, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण एवम् सतत सीखने की आवश्यकता पर बल दिया। संस्थागत सहयोग और अवसर पर बोलते हुए प्रो. अमित कंसल ने आइएसटीडी की भूमिका और टीएमयू के उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा, स्टुडेंट्स अवसरों का लाभ उठाएं।

नवाचार आधारित उद्यमिता सतत विकास की कुंजीः प्रो. विपिन जैन
टिमिट के निदेशक एवम् आईएसटीडी मुरादाबाद के सचिव प्रो. विपिन जैन ने कहा, उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार आधारित उद्यमिता ही सतत विकास की कुंजी है। उन्होंने स्टुडेंट्स को शोध, कौशल एवम् व्यावहारिक ज्ञान के समन्वय से आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफल उद्यमिता का मूल आधार उत्पादों, सेवाओं, प्रक्रियाओं और व्यवसाय मॉडल में निरंतर नवाचार है। स्टार्टअप प्रारंभ करने से पूर्व उद्यमियों को बाजार की वास्तविकताओं, उपभोक्ता आवश्यकताओं, प्रतिस्पर्धा और वित्तीय व्यवहार्यता का गहन विश्लेषण करना चाहिए। राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में डॉ. चंचल चावला, डॉ. सतेन्द्र आर्य, डॉ. विभोर जैन, डॉ. मोहित रस्तोगी, डॉ. राजीव वर्मा, डॉ. प्रतिभा शर्मा, डॉ. चारुल वर्मा, श्रीमती दीप्ति वर्मा, श्रीमती अंशु चौहान आदि की मौजूदगी रही।

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