
राष्ट्रीय सेवा योजना के एक दिवसीय शिविर में साहित्यिक पुस्तकें देकर सम्मानित किया
चमोली। स्व. संग्राम सेनानी आलम सिंह फरस्वाण राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी- थराली में प्रभारी प्राचार्य डॉ. शंकर राम की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सेवा योजना का एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवियों ने राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत ‘उठें समाज के लिए, उठें-उठें, जगें स्वराष्ट्र के लिए जगें-जगें’ गीत गाकर सर्वप्रथम राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति अपनी सेवा एवं प्रतिबद्धता व्यक्त की। उसके बाद महाविद्यालय में प्रशासनिक भवन प्रांगण और विज्ञान भवन क्रीड़ांगन में उगे झाड़-झाड़ियों को काटकर, मैदान में झाड़ू लगाकर और पौधों के लिए क्यारियाँ बनाकर साफ-सफाई की। स्वयंसेवियों के साथ अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर रजनीश कुमार, इतिहास विभाग के अनुज कुमार, हिंदी विभाग की पुष्पा रानी, संस्कृत विभाग की रजनी नेगी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी थान सिंह, एनएसएस लिपिक हुकम सिंह रावत और आशीष कुमार ने भी श्रमदान किया।
श्रमदान के पश्चात कार्यक्रम अधिकारी डॉ. खेमकरण सोमन ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए सेवा और श्रम का व्यक्तिगत जीवन एवं राष्ट्रीय में महत्व बताया। उन्होंने कहा कि लगन, श्रम और नेतृत्व से ही व्यक्ति और क्षेत्र आगे बढ़ता है। इसी दृष्टि से आज के शिविर में बीए द्वितीय सेमेस्टर की कोमल शाह, बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर की दीक्षा, बीए द्वितीय सेमेस्टर की अनमोल जोशी, बीए षष्ठ सेमेस्टर के दर्शन सिंह और बीए द्वितीय सेमेस्टर की दीक्षा रावत का चयन किया गया। इन स्वयंसेवियों को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर विभिन्न कवि-लेखकों की साहित्यिक पुस्तकें उपहार स्वरूप प्रदान कर सम्मानित किया गया।
एक दिवसीय शिविर में भौतिक विज्ञान विभाग की डॉ. नीतू पाण्डे, प्रदीप कुमार, गायत्री, शिवानी, रश्मि, सोनी, कविता, किरण, संध्या, सुमित कुमार, कामिनी, हिमांशी, साक्षी, रोशनी, लक्ष्मी रतूड़ी, निशा, भारती, कोमल, मंजू, सपना, छात्र-कवि अशोक कुमार, पूनम, भावना, अवंतिका, और जयकृत सिंह आदि स्वयंसेवी उपस्थित थे। शिविर का समापन राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत ‘उठें समाज के लिए, उठें-उठें, जगें स्वराष्ट्र के लिए जगें-जगें गाकर किया गया।
