उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक छलांग-हर ब्लॉक में रेडियोलॉजिस्ट,टेक्नीशियन होंगे तैनात–डॉ.धन सिंह रावत

श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी और निर्णायक घोषणा करते हुए उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य के सभी 95 विकासखंडों में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक ब्लॉक अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की नियुक्ति भी सुनिश्चित की जाएगी,ताकि ग्रामीण अंचलों में रहने वाली महिलाओं को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। श्रीनगर बेस चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा प्रदेश बने,जहां ब्लॉक स्तर पर ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी अत्यावश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्लॉक अस्पतालों में टेक्नीशियनों की नियुक्ति के साथ एक्सरे मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं,वहीं रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के साथ अल्ट्रासाउंड मशीनें भी स्थापित की जा रही हैं। मंत्री ने कहा अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को साधारण जांच के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। यह सुविधा गांव के नजदीक ही उपलब्ध होगी। विशेष रूप से महिलाओं की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में भटकना पड़ता था,जिससे समय और संसाधनों की हानि होती थी। ब्लॉक स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। डॉ.रावत ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक में महिला डॉक्टर की नियुक्ति से प्रसूति सेवाओं के साथ-साथ महिलाओं की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी समुचित समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य,शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर ठोस कदम उठा रही हैं और यह निर्णय उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। मंत्री की इस घोषणा को प्रदेश के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरती है तो उत्तराखंड स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण और सुदृढ़ीकरण के मामले में देश के लिए एक मिसाल बन सकता है।
