Thursday 07/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
तीन राज्यों की जीत पर भाजपाईयों ने भगत सिंह चौक पर मनाया जश्नपुरानी पेंशन बहाली पर आर-पार का ऐलान-2027 बनेगा निर्णायक रण,कर्मचारियों की हुंकार से गूंजा उत्तराखंडगढ़वाली अस्मिता का उत्सव-इन्कलाब आणु चा के विमोचन से श्रीनगर में गूंजे शब्दों के स्वरमसूरी में जाम से बेहाल लोग, सड़क किनारे खड़े वाहनों ने रोकी रफ्तार, पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल पर्यटन सीजन के बीच मसूरी में रविवार को भी लोगों को जाम से राहत नहीं मिल सकी। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आई और प्रशासन के तमाम दावे धरातल पर फेल होते दिखाई दिए। रात करीब नौ बजे मसूरी-देहरादून मार्ग पर लाइब्रेरी बस स्टैंड के नीचे सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण लंबा जाम लग गया, जिससे रोडवेज बस समेत कई वाहन घंटों फंसे रहे।स्थिति इतनी खराब हो गई कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन एक ओर सड़क किनारे वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खुलेआम वाहन खड़े किए जा रहे हैं और कोई रोक-टोक नहीं दिखाई दे रही।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां बाहरी राज्यों, खासकर हरियाणा नंबर की थीं। लोगों का आरोप है कि इन वाहनों को घंटों सड़क किनारे खड़ा रहने दिया जाता है, जिससे हर दिन जाम की स्थिति पैदा होती है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह अवैध पार्किंग कैसे हो रही है।स्थानीय नागरिकों ने पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर कथित मिलीभगत और लापरवाही के कारण वाहन चालक बेखौफ होकर सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो पर्यटन सीजन में हालात और बिगड़ सकते हैं।व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि लगातार लग रहे जाम का सीधा असर मसूरी के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। पर्यटक घंटों जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं, जिससे शहर की छवि खराब हो रही है। लोगों ने मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी में हर साल पर्यटन सीजन के दौरान जाम की यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन केवल कागजी योजनाओं तक सीमित रहता है। उन्होंने मांग की कि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए स्थायी योजना बनाई जाए, ताकि लोगों और पर्यटकों को राहत मिल सके।नो एंट्री’ पर बवाल: मसूरी माल रोड बैरियर पर पर्यटक दंपती और स्थानीय लोगों में मारपीट, चप्पल-घूंसे चले, देर रात तक कोतवाली में हंगामाएक घंटे तक सड़क पर खड़ी रही कार, लगा लंबा जाम; दोनों पक्षों पर कार्रवाई की तैयारी पर्यटन नगरी मसूरी में रविवार देर शाम माल रोड बैरियर पर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब दिल्ली से आए एक पर्यटक ने प्रतिबंधित समय में माल रोड के अंदर वाहन ले जाने की जिद पकड़ ली। मामूली कहासुनी देखते ही देखते सड़क पर खुलेआम मारपीट में बदल गई। पर्यटक दंपती और स्थानीय लोगों के बीच जमकर चप्पल, लात-घूंसे चले, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस को हालात संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।बंगाल-असम में भाजपा की जीत पर मसूरी में जश्न, मंत्री गणेश जोशी बोले— “मोदी मैजिक बरकरार”में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की खुशी मसूरी में भी देखने को मिली। सोमवार को मसूरी के माल रोड पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मिठाई बांटकर तथा आतिशबाजी कर जोरदार जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी और भाजपा के समर्थन में नारेबाजी भी की।
राज्य

एआई टूल्स से एजुकेशन, रिसर्चऔर इंडस्ट्रीज़ में नई संभावनाएं

एफओई और सीसीएसआईटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवम् जनरेटिव एआई पर पांच दिनी एफ़डीपी में गुरुग्राम के एडुनेट फ़ाउंडेशन के एक्सपर्ट ट्रेनर्स श्री अमन श्रीवास्तव और सुश्री दृष्टि ने की शिरकत

एडुनेट फ़ाउंडेशन, गुरुग्राम के एक्सपर्ट ट्रेनर श्री अमन श्रीवास्तव कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं है, बल्कि यह कार्य संस्कृति और ज्ञान व्यवस्था को पूरी तरह बदलने वाली भावी शक्ति है। उन्होंने बताया, एआई आधारित उपकरणों के माध्यम से शिक्षा, शोध और उद्योग के अनेक क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। एक्सपर्ट ट्रेनर सुश्री दृष्टि ने कहा, जनरेटिव एआई, बड़े भाषा मॉडल तथा एआई एजेंट जैसी तकनीकों के माध्यम से शिक्षण और अधिगम की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रचनात्मक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक इन तकनीकों को समझकर उनका उपयोग करेंगे, तो वे स्टुडेंट्स के लिए अधिक रोचक और परिणामदायी शिक्षण वातावरण तैयार कर सकते हैं। ये एक्सपर्ट्स तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग- एफओई और कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- सीसीएसआईटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवम् जनरेटिव एआई पर पांच दिनी एफ़डीपी में बोल रहे थे। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के संग एफडीपी का शंखनाद हुआ। इस मौके पर गुरुग्राम के विशेषज्ञ प्रशिक्षक श्री अमन श्रीवास्तव और सुश्री दृष्टि, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी सीसीएसआईटी के एचओडी प्रो. शंभु भारद्वाज, डॉ. रूपल गुप्ता, श्री हरजिंदर सिंह, श्री अजय चक्रवर्ती आदि मौजूद रहे।

एफओई के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने कहा, वर्तमान समय में एआई शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के क्षेत्र में तीव्र परिवर्तन ला रही है। शिक्षकों के लिए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि वे नई डिजिटल तकनीकों को समझें और उन्हें अपनी शिक्षण प्रक्रिया में समाहित करें। टीएमयू का उद्देश्य केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि नवाचार, शोध तथा रचनात्मकता की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करना है। एफ़डीपी में माइक्रोसॉफ्ट एलीवेट प्लेटफॉर्म के सहयोग से सभी फैकल्टीज़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई जैसी उभरती हुई तकनीकों का सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, जनरेटिव एआई, कंप्यूटर विज़न और स्वचालन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। प्रशिक्षकों ने क्लाउड तकनीक की उपयोगिता, उसके विभिन्न मॉडल और आधुनिक डिजिटल प्रणालियों में उसकी भूमिका को विस्तार से स्पष्ट किया। जुपिटर नोटबुक के माध्यम से डेटा विश्लेषण और प्रयोगात्मक कार्यों की विधि भी समझाई गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि मशीन लर्निंग में कंप्यूटर प्रणालियां डेटा के आधार पर स्वयं सीखने की क्षमता विकसित करती हैं। इसके बाद प्रतिभागियों को ईमेल प्रबंधन, एक्सेल विश्लेषण तथा प्रोग्रामिंग सहायता के लिए कोपायलट जैसे एआई उपकरणों के उपयोग का अभ्यास कराया गया। संचालन डॉ. रूपल गुप्ता ने किया।

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