कानूनी जागरूकता से सशक्त होगा समाज-बछेली में विधिक जागरूकता शिविर,छात्रों को बताए अधिकार और कानून

श्रीनगर गढ़वाल। जनसामान्य को कानून की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी के तत्वावधान में विकास खण्ड खिर्सू के ग्राम बछेली (निकट खण्डहा) में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक श्रीनगर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत आयोजित किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पीएलबी सदस्य प्रियंका राय एवं पूनम हटवाल ने छात्रों को भारतीय संविधान में निहित मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है,तभी एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण संभव हो सकता है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को निःशुल्क विधिक सहायता योजना,बाल संरक्षण से जुड़े कानून,महिलाओं के अधिकारों,घरेलू हिंसा से सुरक्षा,तथा लोक अदालत की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो,इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है। पीएलबी सदस्यों ने छात्रों को यह भी बताया कि लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के विवादों का त्वरित और सरल समाधान संभव है,जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं भी कानूनी रूप से जागरूक बनें और समाज में अन्य लोगों को भी उनके अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक करें। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए,ताकि समाज में कानूनी साक्षरता को बढ़ावा मिल सके और लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें। उन्होंने कहा कि जब नागरिक अपने अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक होंगे,तभी समाज में न्याय और समानता की भावना मजबूत होगी। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी विधिक विषयों से जुड़े कई सवाल पूछे,जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों को कानून और न्याय व्यवस्था के प्रति बेहतर समझ प्रदान की। यह शिविर छात्रों को न्यायिक व्यवस्था,नागरिक अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। साथ ही इसने युवाओं के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूक नागरिक बनने की भावना को भी मजबूत किया।
