बेटी है तो भविष्य है-कन्या जन्मोत्सव में गूंजा सम्मान का संदेश,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को मिला जनसमर्थन

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त पहल करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत विकासखण्ड थलीसैंण के आंगनबाड़ी केंद्र बगेली में भव्य कन्या जन्मोत्सव एवं बेटी से पहचान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने न केवल बालिकाओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया,बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल भी साबित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान सीता देवी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों ने पारंपरिक मांगल गीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। लोकधुनों की मधुर गूंज के बीच कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बालिकाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बालिका सान्वी का जन्मोत्सव रहा,जिसे आंगनबाड़ी केंद्र के नौनिहालों के साथ बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बच्चों की खिलखिलाहट और उत्साह ने पूरे परिसर को जीवंत बना दिया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि बेटियां परिवार और समाज की खुशियों का आधार हैं। इसी क्रम में चार बालिकाओं में अनन्या,अंकिता,आरती एवं रिया को नाम पट्टिका भेंट कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने समाज में बालिकाओं के प्रति समानता,सम्मान और स्वाभिमान का सशक्त संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा रावत ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक सरकारी अभियान नहीं,बल्कि समाज में सोच बदलने का एक व्यापक आंदोलन है। उन्होंने बालिकाओं के संरक्षण,शिक्षा,पोषण एवं सशक्तिकरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब तक बेटियां सुरक्षित,शिक्षित और आत्मनिर्भर नहीं होंगी,तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों,सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए अपील की कि वे अपनी बेटियों को शिक्षा के अवसर प्रदान करें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। कार्यक्रम में राजकीय प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका सीमा,सुपरवाइजर सांबरी,आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां,अभिभावक एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में बालिकाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि उन्हें सही अवसर और सम्मान मिले,तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं। अंततः यह आयोजन बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ के मूल मंत्र को साकार करते हुए समाज को एक नई दिशा देने में सफल रहा,जहां हर बेटी को समान अधिकार,सम्मान और अवसर मिल सके।
