सांस्कृतिक मंचों से निखरती है प्रतिभा और व्यक्तित्व–कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-महाविद्यालयी सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महोत्सव-2026 के भव्य समापन अवसर पर कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं,बल्कि प्रतिभा को पहचान देने और व्यक्तित्व को संवारने का सशक्त मंच होते हैं। अपने प्रेरणादायक संबोधन में कुलपति ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात की सराहना की कि प्रतिकूल मौसम और लगातार हो रही बारिश के बावजूद छात्रों ने अद्भुत उत्साह,ऊर्जा और अनुशासन का परिचय दिया,जो उनके जज्बे और समर्पण को दर्शाता है। कुलपति प्रो.सिंह ने महोत्सव के दौरान प्रस्तुत की गई कव्वाली,शास्त्रीय नृत्य एवं उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों में न केवल कला की उत्कृष्टता दिखी,बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति की जीवंत झलक भी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें,उसे निरंतर निखारें और बड़े मंचों तक पहुंचाने का प्रयास करें। ऐसे मंच आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ भी विकसित करते हैं। युवा शक्ति ही भविष्य की दिशा कुलपति ने कहा कि आज के युवा ही देश का भविष्य हैं,और उनकी सकारात्मक ऊर्जा को सही दिशा देना आवश्यक है। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सुव्यवस्थित आयोजन विश्वविद्यालय की गरिमा को और ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। समापन समारोह में उपस्थित छात्रों,शिक्षकों और अतिथियों ने कुलपति के विचारों का स्वागत करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन न केवल प्रतिभा के प्रदर्शन का मंच बना,बल्कि विद्यार्थियों के लिए सीख और प्रेरणा का भी सशक्त माध्यम साबित हुआ।
