अलविदा जुमा और रोजे की विदाई के साथ गूंजा मुहब्बत का पैगाम,मीठी ईद की दी गई दिली मुबारकबाद

श्रीनगर गढ़वाल। रहमत,बरकत और मगफिरत के पाक महीने रमजान की रुखसती के साथ अलविदा जुमा ने पूरे क्षेत्र को एक भावुक लेकिन रूहानी माहौल में सराबोर कर दिया। मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी,जहां लोगों ने नम आंखों और झुके सिर के साथ अल्लाह की बारगाह में इबादत की और पूरे मुल्क की सलामती,अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। अलविदा जुमा की नमाज के दौरान इमामों ने रमजान की अहमियत,रोजों की फजीलत और इंसानियत के असली मायने पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रमजान केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं,बल्कि यह आत्मशुद्धि,संयम,सहनशीलता और गरीबों के प्रति संवेदना का संदेश देता है। यही वह महीना है जो इंसान को अपने भीतर झांकने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है। रमजान की विदाई के इस खास मौके पर लोगों के चेहरों पर एक ओर जहां इबादतों के मुकम्मल होने की सुकून भरी मुस्कान थी,वहीं इस पाक महीने के जुदा होने का गम भी साफ झलक रहा था। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर अलविदा जुमा,अलविदा रोजा कहा और मीठी ईद की अग्रिम मुबारकबाद दी। इस दौरान हर तरफ भाईचारे,प्रेम और एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। शहर के बाजारों में भी ईद की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। कपड़ों,सेवइयों,मिठाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर खासी भीड़ उमड़ रही है। छोटे-छोटे बच्चे नए कपड़े और ईदी को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं,वहीं महिलाएं घरों की साज-सज्जा और पकवानों की तैयारियों में जुटी हुई हैं। इस पावन अवसर पर मुस्लिम समुदाय के प्रमुख लोगों में वकील अहमद,जामिन अंसारी,परवेज अहमद,निशांत अनवर,अदनान,आकिब,नफीस अहमद,शमीम अहमद,जावेद,आसिफ अंसारी,नजबुल राव,अवीब अहमद,जुनैद अनवर,गुलफाम सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने क्षेत्रवासियों को मीठी ईद की दिली मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद का त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं बल्कि यह आपसी प्रेम,भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश भी देता है। उन्होंने सभी से अपील की कि इस पावन अवसर पर जरूरतमंदों की मदद करें,गरीबों और असहायों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करें और समाज में एकता एवं सद्भाव बनाए रखें। समाज के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि आज के दौर में जब सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाए रखने की जरूरत है,ऐसे त्योहार हमें एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं। ईद का संदेश है-नफरत को मिटाकर मोहब्बत को अपनाना और इंसानियत की राह पर चलना। अंत में सभी ने मिलकर दुआ की कि आने वाली मीठी ईद सभी के जीवन में खुशियां,शांति,समृद्धि और बरकत लेकर आए तथा देश में आपसी भाईचारा,सौहार्द और एकता की भावना निरंतर मजबूत होती रहे।
