बच्चों का खान-पान, चाल-चलन शुद्ध रखना जरूरी है और अगर वे भजन-भाव-भक्ति में लग जाएंगे तो खराब साथ मिलने पर भी नहीं बदलेंगे – बाबा उमाकान्त जी महाराज

हवा जहरीली हो जाएगी, पानी नहीं मिलेगा और बिजली भी बंद हो जाएगी, ऐसा समय आ रहा है
रुद्रपुर, उत्तराखंड परम् पूज्य परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 2 अप्रैल 2026 के सतसंग में कहा कि जैसे घड़े को जब बनाया जाता है तब पहले वह कच्चा बनता है और उसके बाद में उसे पकाया जाता है। अब अगर कच्चे घड़े में कोई सुराख बन गया तो फिर वह पकने के बाद भी बना ही रहता है। जैसे किसी पौधे को लगाते समय अगर वह टेढ़ा रहा तो फिर वह बड़ा होने के बाद भी टेढ़ा ही रहेगा।
इसीलिए आपसे कहा जा रहा है कि बच्चों की सम्हाल, उनका खानपान, चाल-चलन शुद्ध रखना जरूरी है। अगर वे भजन-भाव-भक्ति में लग जाएंगे तो उन्हें चाहे कितना भी खराब साथ मिले वे बदलते नहीं हैं। जब बच्चे रट लेते हैं कि हमको मांस, अण्डा नहीं खाना है, इससे बीमारी फैलती है। मछली तालाब की सफाई के लिए बनाई गई है, इसको हमें नहीं खाना चाहिए तो अगर बच्चे पर आपने ध्यान दिया तो फिर वह इन गंदी चीजों को नहीं खाएगा।
कुछ देशों की तो बड़ी हालत खराब हो रही है
पश्चिमी देशों में तो खून की नदी बह रही है। वहां की हवाएं भी खराब हो गईं। वहां पानी-बिजली की असुविधा हो गई। वहां का पूरा समाचार नहीं आ रहा है लेकिन हमको मालूम है कि कुछ देशों की तो बड़ी हालत खराब हो रही है। अभी तो और भी खराब हो जाएगी क्योंकि हीरो बनने के लिए जो ये सब कर रहे थे, वही अब जीरो बनने वाले हैं।
जहां पर बहुत साधन-सुविधा है और सारी चीजें उपलब्ध है वो सब भी मिट्टी में मिलेंगी; कुछ ही समय में आप देख लेना। सात देशों के ऊपर ज्यादा आफत आएगी। हवा जहरीली हो जाएगी, लोगों को पानी नहीं मिलेगा, बिजली भी बंद हो जाएगी और बिजली जैसे ही बंद होगी तैसे ही सब काम ठप्प हो जाएगा।
फिर पानी पीने के लिए लोग शहर छोड़ कर नदियों के किनारे भागेंगे। जहां की हवा जहरीली हो जाएगी उस जगह को छोड़-छोड़ कर के लोग भागेंगे। पूरे विश्व के देशों पर इसका असर पड़ेगा।
मेरी बातों पर अगर लोग ध्यान नहीं देंगे तो फिर समय निकल जाएगा और पछताना ही हाथ आएगा
जो लड़ाई चल रही है वह अब रुकने वाली नहीं है। जब मैं हाथ जोड़कर प्रार्थना करता था देश के लोगों से तब तो वे सुलह-समझौता कराने के लिए आगे नहीं बढ़े लेकिन अब हमको लगता है कि सुलह-समझौता नहीं होगा क्योंकि अब जो भी इसकी कोशिश करेगा वह सबको एकजुट नहीं कर पाएगा।
इस समय शिवजी और चंडी अपना काम कर रहे हैं। प्राकृतिक आपदाएं आएंगी। प्रकृति जब सजा देगी तब नास्तिक लोग भी भगवान के सहारे हो जाएंगे, उनको मानने लगेंगे। गुरु महाराज कहा करते थे कि ऐसा समय आएगा कि अगर एक मिनट में नास्तिक को भी भगवान याद ना आ जाए तो बाबाजी को बाबाजी मत कहना।
तो अब भी मेरी बातों पर अगर लोग ध्यान नहीं देंगे तो फिर समय निकल जाएगा और पछताना ही हाथ आएगा। इसीलिए अब भी चेतने की जरूरत है। बचेगा कौन? जो नामदान ले लेगा, नाम को पकड़ लेगा, साधना करने लग जाएगा, नामी का दर्शन करने लग जाएगा वह बच जाएगा।
