Tuesday 07/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
हिन्दू शौर्य यात्रा मे भगवा रंग मे नजर आया रम्पुरा! विधायक शिव अरोरा के नेतृत्व मे हजारों लोग हुऐ शामिल,युवा मे नजर आया जोश, जय श्रीराम के नाम की नजर आई गूंजटीएमयू सीसीएसआईटी और सीओई के250 छात्र प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनितरूद्रपुर। कांग्रेस में शामिल होने के बाद पहली बार ग्राम सभा कीरतपुर कोलड़ा पहुंचे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का कार्यकर्ताओं ने अभूतपूर्व स्वागत किया। कुरैया की जिला पंचायत सदस्य सुनीता सिंह एवं बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव सर्वेश सिंह के आवास पर आयोजित स्वागत समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं ने राजकुमार ठुकराल का फूल-मालाओं ओर नारेबाजी के साथ जोरदार अभिनंदन किया। आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राजकुमार ठुकराल ने अपने राजनैतिक भविष्य और कांग्रेस की विचारधारा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की जनहितकारी नीतियों और आम आदमी के प्रति उसके समर्पण को देखते हुए ही उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कांग्रेस ही वह विकल्प है जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चल सकती है। राजकुमार ठुकराल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य क्षेत्र की जनता की सेवा करना और विकास की मुख्यधारा से वंचित लोगों को उनका हक दिलाना है। उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए माध्यम है जिससे वह जन-जन की समस्याओं का समाधान कर सकें और कांग्रेस के झंडे तले वह इस लक्ष्य को और अधिक मजबूती से प्राप्त करेंगे। ठुकराल ने अपने संबोधन में विश्वास दिलाया कि कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान में कभी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और वह दिन-रात जनता के बीच रहकर उनकी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आ“वान किया कि वे एकजुट होकर पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करें ताकि आगामी समय में क्षेत्र में एक नई विकास क्रांति की शुरुआत की जा सके। इस दौरान ग्रामीणों ने ठुकराल को आगामी चुनाव में भरपूर समर्थन देने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर सर्वेश सिंह पूर्व बार एसोसिएशन सचिव, सुनीता सिंह सदस्य जिला पंचायत, गोपाल सिंह, मलखान सिंह, राघव सिंह पूर्व प्रधान, रमेश सिंह, अंग्रेज सिंह, अवतार सिंह, वीरेंद्र पाल, अंकुर चौधरी, गौरव गिरी पार्षद, एडवोकेट इंद्रजीत सिंह बिट्टा, पारस नाथ, निशांत सिंह, दासानी सिंह, वशिष्ठ, अवध धामा, संजय चौहान, बलराम सिंह, जयप्रकाश, रामप्रवेश पांडे, गुल मोहम्मद पूर्व प्रधान, एसएन वर्मा, विजय दास, प्रदीप यादव, अली मलिक, ललित यादव, एडवोकेट मनीष सिंह, शत्रुघ्न सिंह, राजेश पांडे, अजय मेहता, शारदानंद, गीता दत्त ध्यानी, सतीश चंद्र, राजेश मेहता, चंदन विशिष्ट, अजय मेहता, हरीश बिष्ट, सतवीर सिंह, पापिंदर सिंह, रिशु पलाया, विपिन सैनी, सनी धवन, अनिल लोहनी, रामप्रवेश पांडे, रामकुमार यादव, अनुज सैनी, भानु सिंह, आशीष जायसवाल, विनय शारदा, विजय शर्मा, सुरेंद्र सिंह, सलीम, दिल रंजन, तेजपाल राणा, महेश सिंह चौहान, चंदन बिष्ट, नंदकिशोर पांडे, शैलेश यादव, सुशील, सुरेंद्र डिब्बा, चेतन मांगत, अमृत चीमा, मधुर चौहान, देवांशु त्रिपाठी, हर्षित चौहान, हरेंद्र विर्क, आकाश, बी एस खाती, कौशल किशोर, वीरेंद्र पाल, हरीश बिष्ट, मलखान, वीरेंद्र सिंह, कृष्णा, शैलेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, दीनदयाल सिंह, संजय ठुकराल, मनीष चुग, अजय नारायण सिंह, केरू मंडल, रुद्रा सिंह, सुदीप सिंह और राजीव गुप्ता शामिल रहे।रुद्रपुर में खेलो इंडिया अस्मिता फेंसिंग सिटी लीग का सफल आयोजननन्हे तलवारबाजों ने दिखाया दमरुद्रपुर में खेलो इंडिया अस्मिता फेंसिंग सिटी लीग का सफल आयोजननन्हे तलवारबाजों ने दिखाया दमगढ़वाल की माटी की महक दिल्ली में छाई-प्रो.मंजुला राणा की कहानी डॉलर को मिला राष्ट्रीय सम्मानशोध की नई दिशा गढ़ता गढ़वाल विश्वविद्यालय में आईसीएसएसआर कार्यशाला का चौथा दिन ज्ञान,अनुशासन और नवाचार से हुआ परिपूर्णसंगठन सशक्तिकरण की ओर निर्णायक कदम-पौड़ी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतिम चरण में कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साहमानव-वन्यजीव संघर्ष पर कड़ा कदम-गुलदार को पकड़ने के साथ ही नष्ट करने के आदेश
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गढ़वाल की माटी की महक दिल्ली में छाई-प्रो.मंजुला राणा की कहानी डॉलर को मिला राष्ट्रीय सम्मान


श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी के भव्य साहित्योत्सव-2026 में उत्तराखंड की धरती से एक बार फिर साहित्यिक प्रतिभा ने अपनी चमक बिखेरी है। प्रो.मंजुला राणा को उनकी चर्चित कहानी डॉलर के लिए हिंदी की सर्वश्रेष्ठ कहानी के सम्मान से नवाजा गया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत साहित्यिक सफर की बड़ी पहचान है,बल्कि पूरे गढ़वाल और उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण भी है। नई दिल्ली स्थित रवींद्र भवन में 30 मार्च से 4 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस भव्य साहित्यिक महाकुंभ में देशभर के नामचीन साहित्यकारों ने अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई। हिंदी कहानी वाचन सत्र में जब प्रो.मंजुला राणा ने डॉलर का पाठ किया,तो श्रोतागण उसकी संवेदनशीलता और यथार्थ के सशक्त चित्रण से भाव-विभोर हो उठे। यह कहानी केवल एक आर्थिक प्रतीक डॉलर तक सीमित नहीं है,बल्कि इसके माध्यम से आधुनिक समाज में बदलते रिश्तों,प्रवासी जीवन की विडंबनाओं और पारिवारिक मूल्यों के क्षरण को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यही कारण रहा कि यह कहानी साहित्य के मर्मज्ञों के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बनी और अंततः सर्वश्रेष्ठ कहानी के सम्मान से अलंकृत हुई। इस विशेष सत्र का संचालन पद्म भूषण एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित सुप्रसिद्ध लेखिका डॉ.प्रतिभा राय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ,जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की। अपने सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो.मंजुला राणा ने भावुक स्वर में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का क्षण है। उन्होंने इसे अपने पाठकों,साहित्य प्रेमियों और अपनी मातृभूमि को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने बताया कि इस वर्ष के साहित्योत्सव में 100 से अधिक सत्रों में 650 से अधिक साहित्यकारों,कवियों और विद्वानों ने भाग लिया,जिसमें देश की 50 से अधिक भाषाओं का प्रतिनिधित्व हुआ। गौरतलब है कि प्रो.मंजुला राणा लंबे समय से हिंदी कथा-साहित्य में सक्रिय रही हैं और हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इसके साथ ही वे उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके रचनात्मक कौशल का प्रमाण है,बल्कि यह भी दर्शाती है कि गढ़वाल की मिट्टी में आज भी साहित्य की गहरी संवेदनाएं और सृजनशीलता जीवित है। डॉलर की सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सशक्त लेखनी सीमाओं की मोहताज नहीं होती-वह सीधे दिलों तक पहुंचती है और समाज को सोचने पर मजबूर कर देती है।

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