Tuesday 21/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
काशीपुर : भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर महानगर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं में शोभायात्रा पर पुष्पांजलि अर्पित कर जोरदार स्वागत किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार महानगर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अलका पाल के नेतृत्व में स्थानीय महाराणा प्रताप चौक पर बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर भगवान परशुराम जी की जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर महानगर जिला अध्यक्ष अलका पाल ने कहा कि भगवान परशुराम हम सबके आराध्य हैं। उनके जीवन के त्याग और समर्पण की शिक्षा से हम सबको संकल्प लेना चाहिए। वही एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा ने भगवान परशुराम के जीवन को निष्ठा, त्याग और समर्पण के भाव वाला बताया। वही पूर्व महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन, ब्रह्मपाल, अरुण चौहान, इंदू मान, सुभाष पाल, और त्रिलोक सिंह अधिकारी ने भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही इस अवसर पर एड.हरीश कुमार सिंह, एड. इंदर सिंह, एड.सुरेंद्र बटला, प्रीत बंब, परम सिद्धू सुंदरलाल पाल, डॉ. करण पाल, जगदीश पाल, डॉ. रमेश कश्यप, विनोद शर्मा होंडा, इलियास महागिर, मंसूर मेफेयर, अनिल शर्मा, संजीव शर्मा, कृष्ण कुमार, पार्षद रशीद फारुकी, नौशाद सोनू, अफसर अली, मीना आर्य, कुमकुम सक्सेना, जितेंद्र सरस्वती, राकेश भगत, इफ्तिखार सैफी, शरीम सैफी, सादन इकबाल, रवि पपने, मो. सैफ आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।नई शिक्षा नीति के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा का मंथन-संगोष्ठी ने दिए शिक्षा के भविष्य को दिशा देने वाले ठोस सूत्रपौड़ी में हरित विकास की नई पटकथा-वन संरक्षण,भूमि सुधार और रोजगार सृजन के लिए पायलट योजना को मिली रफ्तार10 साल का हिसाब मांगेगा देवप्रयाग-विकास ठप,अब जनता करेगी फैसलापर्यटकों का बढ़ता सैलाब और एक्सप्रेसवे का असर, मसूरी में जाम से राहत के लिए ‘लंबीधार-किमाड़ी रोड’ बनेगी नया सहारा23 किमी सड़क चौड़ीकरण को रफ्तार, मई से काम शुरू, मुख्य मार्ग पर दबाव कम करने की बड़ी तैयारी मसूरी। मसूरी में पर्यटन सीजन सिर पर है और इसी के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। खासकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है। ऐसे में मसूरी की सड़कों पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ सकता है। पहले ही जाम की समस्या से जूझ रहे शहर में गांधी चौक से किंक्रेग मार्ग तक लगने वाले लंबे जाम पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। अब एक्सप्रेसवे के बाद यह समस्या और विकराल होने की आशंका है।लंबीधार-किमाड़ी रोड पर टिकी उम्मीदेंयातायात दबाव को कम करने के लिए 23 किलोमीटर लंबी लंबीधार-किमाड़ी (एलकेडी) रोड को सबसे बड़ा विकल्प माना जा रहा है। यह मार्ग गढ़ी कैंट के सप्लाई क्षेत्र से शुरू होकर मसूरी झील के पास मुख्य मार्ग से जुड़ता है, जिससे देहरादून से आने वाले वाहनों को सीधे वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड द्वारा इस सड़क के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया का एक अहम चरण पूरा कर लिया है और शेष औपचारिकताएं जल्द पूरी करने का दावा किया है।मई से धरातल पर दिखेगा कामअधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार, अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदार के साथ अनुबंध कर लिया जाएगा। इसके बाद मई माह से चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा और अगले 6 से 7 महीनों में सड़क को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य है।पर्यटन बनाम ट्रैफिक, बड़ा संतुलनविशेषज्ञों का मानना है कि मसूरी में हर साल बढ़ रही पर्यटकों की संख्या शहर की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक है, लेकिन इसके साथ यातायात और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है। यदि समय रहते वैकल्पिक मार्ग विकसित नहीं किए गए, तो जाम की समस्या पर्यटन पर भी असर डाल सकती है।प्रशासन के लिए बड़ी चुनौतीआने वाले महीनों में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यटन और यातायात के बीच संतुलन बनाने की होगी। लंबीधार-किमाड़ी रोड का चौड़ीकरण इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे मसूरी के मुख्य मार्ग पर दबाव कम होने की उम्मीद है।मतदाता सूची शुद्धिकरण पर सख्ती-एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों संग मंथन,पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर जोरसिडकुल-एमबीआर बॉर्डर पर नशे के सौदागरों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: कार सवार दो तस्कर दबोचे, 12.91 ग्राम स्मैक बरामद, एनडीपीएस में मुकदमा दर्ज।भगवान परशुराम के नाम से बनेगा तीन मंजिला कम्युनिटी हॉलः विकास शर्माबंग भवन के लिए नई भूमि चिन्हितकांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा हुआ बेनकाबः विकास शर्मा
राज्य

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी हुए एकजुट-12 अप्रैल को देहरादून बाइक रैली को सफल बनाने का लिया संकल्प


कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में दिनांक 12 अप्रैल 2026 को देहरादून में प्रस्तावित विशाल बाइक रैली को सफल बनाने हेतु विकास खण्ड कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल के बीआरसी हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष संदीप मैठाणी ने की। इस दौरान गढ़वाल मंडल महामंत्री राजीव उनियाल ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन केवल एक सुविधा नहीं,बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है। उन्होंने सभी साथियों से आह्वान किया कि 12 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में देहरादून पहुंचकर इस ऐतिहासिक बाइक रैली को सफल बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं,ऐसे में सरकार पर दबाव बनाने के लिए संगठित और निरंतर आंदोलन आवश्यक है। ब्लॉक अध्यक्ष संदीप मैठाणी ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। यदि सभी कर्मचारी एक मंच पर आकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे,तो सरकार को उनकी मांगों पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले यह सबसे उपयुक्त समय है जब कर्मचारी अपनी ताकत का प्रभावी प्रदर्शन कर सकते हैं। ब्लॉक महासचिव सुरजीत लिंगवाल ने बैठक में कर्मचारियों से अपील की कि वे इस आंदोलन को जनांदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक संख्या में बाइक रैली में भाग लें। उन्होंने विशेष रूप से मातृ शक्ति से भी इस आंदोलन में सहयोग देने का आग्रह किया,ताकि यह अभियान और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बन सके। ब्लॉक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद चौहान ने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्लॉक स्तर पर भी चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर आंदोलन को मजबूती नहीं मिलेगी, तब तक लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। इस अवसर पर देवप्रयाग संगठन मंत्री विजय आर्य,वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक मियां,आदित्य कठैत,जगदीश सहित अनेक कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आंदोलन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। बैठक के अंत में सभी उपस्थित कर्मचारियों ने 12 अप्रैल को देहरादून में आयोजित होने वाली बाइक रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया और इसे ऐतिहासिक बनाने का भरोसा जताया।

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