महापौर ने रिंग रोड का निरीक्षण कर खोली झूठे आरोपों की पोल

- विपक्ष के आरोपों को बताया ‘झूठ का पुलिंदा’
- मदारी और डमरू वाले तंज के साथ महापौर का पूर्व विधायक पर हमला
रुद्रपुर। शहर की लाइफलाइन मानी जा रही रिंग रोड परियोजना को लेकर लगाये जा रहे आरोपों का महापौर विकास शर्मा ने शुक्रवार को करारा जवाब दिया। महापौर विकास शर्मा ने रिंग रोड के विवादित हिस्से का स्थलीय निरीक्षण कर विपक्ष द्वारा लगाये जा रहे आरोपों की पोल खोल दी। पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल द्वारा सोशल मीडिया पर रिंग रोड के निर्माण में धांधली और सड़क टूटने के आरोपों पर पलटवार करते हुए महापौर ने इसे जनता को भ्रमित करने वाला ‘प्रोपगेंडा’ करार दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में मीनमेख निकालने वाले लोग दरअसल शहर की बदलती तस्वीर से डरे हुए हैं।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने एनएचएआई के अधिकारियों और तकनीकी टीम के साथ क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हिस्से का परीक्षण किया। मौके पर मौजूद साइड इंजीनियर तुषार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य अभी अंतिम चरण में है। हालिया वर्षा के कारण सड़क के किनारे की कच्ची मिट्टी का मामूली रिसाव हुआ था, जिसे तकनीकी रूप से सड़क का टूटना नहीं कहा जा सकता। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि मुख्य सड़क के डामरीकरण और बेस स्ट्रक्चर में कोई क्षति नहीं हुई है। सड़क पूरी तरह मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार की जा रही है, जिसकी निर्माण संस्था द्वारा 15 वर्षों की लंबी गारंटी दी गई है।
निरीक्षण के पश्चात मीडिया कर्मियों से वार्ता करते हुए महापौर विकास शर्मा के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शहर में एक ‘मदारी’ सक्रिय है, जो डमरू बजाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। महापौर ने कड़े लहजे में कहा, रुद्रपुर की जागरूक जनता अब इस मदारी के इशारों पर नाचने वाली नहीं है। झूठे आरोपों की राजनीति का वक्त अब बीत चुका है। जब भी धामी और मोदी सरकार के विकास कार्यों पर कीचड़ उछालने की कोशिश होगी, उसका करारा और ‘ठोककर’ जवाब दिया जाएगा।
महापौर ने ठुकराल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति 10 साल विधायक और 5 साल नगर पालिका अध्यक्ष रहा, उसने शहर को सड़क-नाली के अलावा कोई बड़ी उपलब्धि नहीं दी। आज जब केंद्र की मोदी सरकार ने 1100 करोड़ रुपये की रिंग रोड जैसी ऐतिहासिक सौगात दी है, तो विपक्षी नेता अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे की मिट्टी बहने को सड़क घोटाला बताना हास्यास्पद है। यह केवल एनएचएआई और सरकार को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है।
महापौर ने कुछ सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की भूमिका पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने दोहराया कि केन्द्र की मोदी सरकार और प्रदेश की धामी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ के सिद्धांत पर अडिग है। रिंग रोड का कार्य पूर्ण होते ही इसका भव्य उद्घाटन होगा, जो रुद्रपुर की ट्रैफिक व्यवस्था और आर्थिक परिदृश्य को बदल कर रख देगा।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
