खेलों से निखरता व्यक्तित्व और मजबूत होता आत्मविश्वास–डॉ.मारिषा

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की बेटियां अब केवल परंपराओं तक सीमित नहीं बल्कि खेल के मैदान में भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हुए नई पहचान गढ़ रही हैं। कीर्तिनगर विकास खण्ड स्थित वीर शिरोमणी माधो सिंह भंडारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में माध्यमिक वर्ग बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता (सीजन-8) में प्रतिभाग करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त चिकित्सालय में कार्यरत डॉ.मारिषा पंवार गर्ग एवं रेडियोलॉजिस्ट डॉ.रचित गर्ग ने छात्राओं को खेल प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं,बल्कि स्वस्थ शरीर,सुदृढ़ मन और सकारात्मक सोच का आधार हैं। खेल जीवन में अनुशासन,आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करते हैं,जो सफलता की नींव बनते हैं। डॉ.मारिषा पंवार गर्ग ने कहा कि खेलों के माध्यम से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास भी होता है। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी समान रुचि रखी जाए,तो भविष्य में सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं के उच्च पदों तक पहुंचना संभव है। कार्यक्रम में विशेष रूप से उस पहल की सराहना की गई जिसकी नींव देवेन्द्र गौड़ द्वारा पहाड़ की दुर्गम वादियों में रखी गई थी। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बालिका क्रिकेट को बढ़ावा देकर एक ऐसी सोच को जन्म दिया,जो आज एक मजबूत आंदोलन का रूप ले चुकी है। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज गढ़वाल-कुमाऊं के दूरस्थ गांवों से निकलकर बालिकाएं क्रिकेट और अन्य खेलों में अपना परचम लहरा रही हैं। कार्यक्रम में गांव की बात रेडियो से जुड़ी सक्रिय कार्यकर्ता सीमा कपर्वाण और अमृता बहुगुणा ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पहाड़ की कंदराओं से निकल रही यह प्रतिभाएं न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सब एक सकारात्मक सोच,समर्पित शिक्षकों और मेहनती छात्राओं के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता लिंगवाल सहित शिक्षिकाएं नीलम तिवाड़ी,पुष्पलता गुसाईं,सुमन उनियाल,मंजू सेमवाल,रितु खंडेलवाल,बबीता चौहान,कमली बिष्ट,प्रेमा नेगी,अनीता बमोला एवं बड़ी संख्या में छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं,बल्कि पहाड़ की बेटियों के सपनों को उड़ान देने और खेलों के माध्यम से उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रेरणादायी मंच साबित हुआ,जो आने वाले समय में क्षेत्र में खेल संस्कृति को और अधिक मजबूत करेगा।
