बेस अस्पताल में पूर्व सैनिकों का अनुशासन-शराबियों पर सख्ती,मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि

श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय बेस अस्पताल श्रीनगर में मरीजों की सुरक्षा,अनुशासन और शांतिपूर्ण उपचार व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पूर्व सैनिक पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सीमाओं पर देश की रक्षा कर चुके ये पूर्व सैनिक अब अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक निगरानी तंत्र भी सक्रिय रखा गया है। अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है,जबकि सुरक्षा कर्मियों के बीच वॉकी-टॉकी के माध्यम से हर गतिविधि की तत्काल सूचना साझा की जाती है। यही कारण है कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुशासनहीनता पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। इसी सतर्कता का उदाहरण विगत रात्रि उस समय देखने को मिला,जब बेस अस्पताल के सर्जरी वार्ड में भर्ती एक मरीज के साथ आए दो तीमारदार शराब के नशे में अस्पताल पहुंच गए। दोनों व्यक्तियों ने वार्ड के भीतर शोर-शराबा शुरू कर दिया,जिससे मरीजों और अन्य तीमारदारों को भारी असुविधा होने लगी। अस्पताल का शांत वातावरण अचानक प्रभावित होने लगा और वार्ड में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की,जिसमें उनके नशे में होने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान एक व्यक्ति की जेब से शराब का पव्वा भी बरामद किया गया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने सख्ती दिखाते हुए दोनों शराबियों को अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया। सुरक्षा कर्मियों की तत्परता और अनुशासित कार्रवाई के चलते अस्पताल में किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और कुछ ही देर में वार्ड का माहौल सामान्य कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने इस कार्रवाई को मरीजों की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। बेस अस्पताल के सुरक्षा निरीक्षक वीरेंद्र कुंवर एवं राजेन्द्र प्रसाद भट्ट ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनुशासन भंग करने वालों पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीज के साथ आए दो लोगों के शराब के नशे में पाए जाने पर सुरक्षा कर्मी पूर्व सैनिक विशाल सिंह एवं युद्धवीर सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें अस्पताल से बाहर कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अस्पताल परिसर में शराब पीकर आने,अभद्रता करने या माहौल खराब करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षा कर्मियों को अस्पताल परिसर में नियमित गश्त और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को शांतिपूर्ण वातावरण में बेहतर उपचार मिल सके। सीसीटीवी कैमरा इंचार्ज शिव दर्शन नेगी भी लगातार कैमरों के माध्यम से अस्पताल परिसर की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि तकनीक और अनुशासित सुरक्षा व्यवस्था के समन्वय से मरीजों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और जिम्मेदार कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल का अनुशासित वातावरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अनुशासन और मर्यादा का पालन करना चाहिए,ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और शांत वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार और मजबूत किया जा रहा है तथा पूर्व सैनिकों की सक्रियता एवं सजगता से अस्पताल परिसर में सकारात्मक और सुरक्षित माहौल बना हुआ है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में भी विश्वास बढ़ा है कि अस्पताल प्रशासन उनकी सुरक्षा और सुविधा को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
