उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय दृष्टिबाधित दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून का निरीक्षण किया गया।

आयोग की निरीक्षण टीम में आयोग के सचिव डॉ. एस. पी. बरनवाल, अनु सचिव डॉ. एस. के. सिंह एवं मनोवैज्ञानिक डॉ. निशात इकबाल उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान आयोग द्वारा संस्थान में संचालित क्रॉस डिसेबिलिटी अर्ली इंटरवेंशन सेंटर तथा मॉडल स्कूल का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक, पुनर्वास एवं अन्य सुविधाओं तथा संस्थान में संचालित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई।
उक्त निरीक्षण एक प्राप्त शिकायत के क्रम में किया गया था, जिसमें विद्यालय में अध्ययनरत एक बालिका से संबंधित परिस्थितियों के कारण विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही गई थी। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों, विद्यालय प्रशासन, बालिका एवं उसके अभिभावक से पृथक-पृथक वार्ता कर आवश्यक तथ्यों की जानकारी प्राप्त की।
आयोग द्वारा संबंधित पक्षों की काउंसलिंग भी की गई तथा सभी को भविष्य में सकारात्मक संवाद, आपसी सहयोग एवं बाल हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक सुझाव एवं परामर्श दिए गए।
आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे का सर्वोत्तम हित सर्वोपरि है तथा किसी भी परिस्थिति में बच्चों के अधिकार, सुरक्षा एवं सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग ने संस्थान एवं संबंधित पक्षों को बालिका सहित सभी बच्चों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक एवं समावेशी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
