एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय ने घोषित किया पीएचडी प्रवेश परीक्षा परिणाम-पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ने रचा नया कीर्तिमान

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा 12 जुलाई 2026 को आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया। परिणाम घोषित होते ही सफल अभ्यर्थियों में उत्साह का वातावरण है,जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश की आगामी प्रक्रिया को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण कराने की तैयारियां प्रारम्भ कर दी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सफल अभ्यर्थियों के प्रवेश,दस्तावेज सत्यापन,साक्षात्कार तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताएं संबंधित शैक्षणिक विभागों द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने विभागों तथा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचनाओं पर नियमित रूप से दृष्टि बनाए रखें,ताकि प्रवेश प्रक्रिया का कोई भी चरण छूट न जाए। पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ.प्रीतम सिंह नेगी ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय ने पहली बार कार्बनरहित ओएमआर उत्तर-पत्रक का सफल प्रयोग किया। इस अभिनव व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक अभ्यर्थी को अपनी ओएमआर उत्तर-पत्रक की कार्बन प्रति अपने साथ ले जाने की सुविधा प्रदान की गई। विश्वविद्यालय द्वारा उत्तर-कुंजी जारी किए जाने के बाद अभ्यर्थी स्वयं अपने उत्तरों का मिलान कर अपने संभावित प्राप्तांकों का सत्यापन कर सके। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता,विश्वसनीयता और निष्पक्षता को नई मजबूती मिली है तथा अभ्यर्थियों का विश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की पूर्व अधिसूचनाओं के अनुसार राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट),इंजीनियरिंग स्नातक अभिक्षमता परीक्षा (गेट),स्नातक औषधि अभिक्षमता परीक्षा (जीपैट),डिजाइन हेतु सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीड),भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (आईसीएआर-नेट) तथा डीएसटी इंस्पायर फेलोशिप के वैध प्रमाण-पत्रों के आधार पर प्रवेश परीक्षा से छूट प्राप्त अभ्यर्थियों को भी संबंधित विभागों द्वारा साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इन अभ्यर्थियों का चयन विश्वविद्यालय के प्रचलित नियमों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विनियमों तथा विश्वविद्यालय की अधिसूचनाओं के अनुरूप किया जाएगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ.वाई.पी.रैवानी द्वारा जारी अधिसूचना में सभी अभ्यर्थियों से आग्रह किया गया है कि वे प्रवेश प्रक्रिया,साक्षात्कार,दस्तावेज सत्यापन तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं से संबंधित अद्यतन जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट एवं अपने संबंधित विभागों से निरंतर संपर्क बनाए रखें। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने की दिशा में विश्वविद्यालय की यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समयबद्ध ढंग से परिणाम घोषित करना,परीक्षा प्रणाली में तकनीकी नवाचार को अपनाना तथा कार्बनरहित ओएमआर उत्तर-पत्रक जैसी पारदर्शी व्यवस्था लागू करना विश्वविद्यालय की उत्तरदायी एवं विद्यार्थी-केंद्रित कार्यशैली को दर्शाता है। शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल प्रवेश प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी है,बल्कि शोधार्थियों में विश्वविद्यालय के प्रति विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
