Thursday 24/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
रामनगर के पीरूमदारा स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं को लेकर विधि प्रकोष्ठ, युवा कांग्रेस ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्लॉक इंचार्ज से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापनरामनगर में अवैध लीसा तस्करी का भंडाफोड़, कैंटर से 9 लांख के करीब के 390 कनस्तर लीसा बरामद; एक आरोपी गिरफ्तारउत्तराखंड युवा कांग्रेस का तीन दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर आयोजित, वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को दिए दिशा निर्देश​रामनगर।उत्तराखंड युवा कांग्रेस द्वारा तीन दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक एवं प्रदेश प्रभारी सुरभि द्विवेदी द्वारा संयुक्त रूप से की गई। शिविर में राज्य भर से युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।​कार्यकर्ताओं को वैचारिक, रणनीतिक और संगठनात्मक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में दिल्ली से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया।​शिविर के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की और युवा पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया।​प्रदेश कांग्रेस के उपनेता भुवन कापड़ी और विधायक काजी निजामुद्दीन ने युवाओं को जन-मुद्दों पर संघर्ष करने और जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत करने का आह्वान किया।​प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और गुरदीप सप्पल ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए और संगठन की भावी रणनीति साझा की।​प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक और प्रदेश प्रभारी सुरभि द्विवेदी ने कहा कि तीन दिनों के इस गहन प्रशिक्षण से पदाधिकारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। शिविर से प्राप्त सीख के आधार पर युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में जनता के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती से लड़ेगी।इस दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिवसुमित लोहनी,प्रदेश महासचिव चांद खान, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अब्दुल रहमान, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट फैजुल हक,विकाश कुमार आर्य,अमरजोत, नितिन शाह, अभय कत्यूरा,सचिन चौधरी,जुगल कंबोज,अर्णव कंबोज,गौरव सागर,उदित थपलियाल आदि मौजूद रहें।पर्यटकों की थाली में न पहुंचे खराब खाना, होटल-रेस्टोरेंट कर्मियों को दिए खाद्य सुरक्षा के गुर  पर्यटन नगरी मसूरी में हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। ऐसे में पर्यटकों की थाली तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी है। इसी को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसआई) की ओर से होटल और रेस्टोरेंट कर्मियों को खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान एफएसएसआई के वरिष्ठ सलाहकार जगदीश पांडे ने कर्मचारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के साथ ही एक्सपायरी डेट, कंपनी व ब्रांड की जानकारी और खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ खरीदने से लेकर उसे पर्यटकों को परोसने तक प्रत्येक स्तर पर सावधानी जरूरी है। गलत तरीके से रखे गए या एक्सपायरी खाद्य पदार्थ लोगों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि एफएसएसआई की ओर से देशभर में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका इसमें बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भोजन की खरीद, भंडारण और तैयार करने की प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका रहती है।प्रशिक्षण में मसूरी के विभिन्न होटल और रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रोमियो लेन के जीएम रोहित पाठक सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के जरिए कर्मचारियों को खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर व्यवहारिक जानकारी भी दी गई, ताकि पर्यटन नगरी में आने वाले लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।सीएम के सामने जसवीर कौर ने खोला मसूरी की समस्याओं का पिटारा, भद्राज मंदिर की बिजली से अस्पताल में डॉक्टर तक उठे मुद्दे पर्यटन नगरी के विकास के बीच स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर जसवीर कौर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने मसूरी के कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। मुलाकात में उन्होंने भद्राज मंदिर तक विद्युत लाइन पहुंचाने में वन विभाग की अनुमति की बाधा से लेकर सिविल अस्पताल में चिकित्सक की उपलब्धता तक के मामलों पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया।जसवीर कौर ने मुख्यमंत्री से कहा कि भद्राज मंदिर क्षेत्र में बिजली की सुविधा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वन विभाग की अनुमति संबंधी समस्या के कारण विद्युत लाइन का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने आवश्यक अनुमति दिलाकर कार्य जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया।उन्होंने मसूरी उप जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक डॉ. सुशील सैनी को सीएमओ कार्यालय से अटैच किए जाने का मामला भी उठाया। उनका कहना था कि मसूरी पर्यटन नगरी होने के कारण यहां स्थानीय आबादी के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने डॉ. सैनी की सेवाएं दोबारा मसूरी सिविल अस्पताल में सुनिश्चित कराने का आग्रह किया। जसबीर कौर ने बताया कि मुलाकात के दौरान आगामी मसूरी शरदोत्सव के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया। जसवीर कौर के अनुसार मुख्यमंत्री ने समारोह में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। उन्होंने कहा कि शरदोत्सव मसूरी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन है और मुख्यमंत्री के आने से आयोजन को और मजबूती मिलेगी।जसवीर कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष मसूरी की अन्य जनसमस्याओं और विकास से जुड़े विषय भी रखे गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भद्राज मंदिर की विद्युत लाइन, स्वास्थ्य सेवाओं समेत उठाए गए मुद्दों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का सहयोग के लिए आभार जताया।पोषण से संवरेगा किशोरों का स्वास्थ्य-जागरूकता से मजबूत होगी भविष्य की नींवएक क्लिक की चूक पड़ सकती है भारी-साइबर ठगी से बचाव को राजकीय पाॅलिटेक्निक श्रीनगर में छात्रों को किया जागरूकसतेराखाल में सजा ज्ञान और प्रतिभा का मंच-सामाजिक विज्ञान महोत्सव में विद्यार्थियों ने दिखाई बौद्धिक चमकपुरानी पेंशन से पदों के पुनर्गठन तक 12 सूत्रीय मांगों पर गरजे मिनिस्टीरियल कार्मिक,25 सितंबर को पौड़ी में जुटेगा श्रीनगर क्षेत्ररुद्रपुर के विकास को लेकर सीएम से मिले महापौर विकास शर्मा
राज्य

एमबीबीएस छात्रों के ज्ञानवर्धन और बेहतर चिकित्सक बनने की दिशा में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं हैं महत्वपूर्ण–डॉ.आशुतोष सयाना


श्रीनगर गढ़वाल। चिकित्सा शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती,बल्कि त्वरित निर्णय क्षमता,वैज्ञानिक सोच,तार्किक विश्लेषण और आत्मविश्वास ही एक विद्यार्थी को उत्कृष्ट चिकित्सक बनाते हैं। इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के हेमवती नन्दन बहुगुणा बेस चिकित्सालय में 39 वीं भारतीय शिशु रोग अकादमी (आईएपी) बाल रोग प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में एमबीबीएस के स्नातक छात्र-छात्राओं ने बाल रोग विज्ञान सहित चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न विषयों से जुड़े चुनौतीपूर्ण प्रश्नों का प्रभावशाली उत्तर देकर अपनी प्रतिभा,ज्ञान और तर्कशक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का शुभारम्भ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास,त्वरित निर्णय क्षमता तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना पर्याप्त नहीं है,बल्कि रोगों की प्रकृति,कारणों और उपचार की वैज्ञानिक समझ विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। डॉ.सयाना ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय शिशु रोग अकादमी की तर्ज पर मेडिकल कॉलेज के अन्य विभागों में भी समय-समय पर विषय आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना चाहिए,जिससे विद्यार्थियों को बहुआयामी ज्ञान प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने प्रतियोगिता में बाल रोग विज्ञान के साथ-साथ शल्य चिकित्सा से जुड़े प्रश्न शामिल किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि एक कुशल चिकित्सक वही बन सकता है जो रोग के लक्षणों के साथ-साथ उसके मूल कारणों और वैज्ञानिक आधार को गहराई से समझे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल उत्तर याद करने की बजाय चिकित्सा विज्ञान की मूल अवधारणाओं को समझने का प्रयास करें,क्योंकि यही समझ भविष्य में उन्हें संवेदनशील,दक्ष और सफल चिकित्सक बनाएगी। प्राचार्य ने सभी विद्यार्थियों को हृदय-फेफड़ा पुनर्जीवन (सीपीआर) का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करने की सलाह देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह प्रशिक्षण किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है। उन्होंने बाल रोग विभाग द्वारा प्रतियोगिता के उत्कृष्ट आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना की। प्रतियोगिता में डी टीम की कामनी बिष्ट एवं शिवानी नेगी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं बी टीम की स्तुति उनियाल एवं वारा जोशी ने 59.5 अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम अब देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय भारतीय शिशु रोग अकादमी बाल रोग प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर का प्रतिनिधित्व करेगी। बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सी.एम.शर्मा ने प्रतियोगिता की सफलता पर सभी प्रतिभागियों,शिक्षकों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य में भी उत्साहपूर्वक ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रश्नोत्तरी समन्वयक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अंकिता गिरी ने किया। प्रतियोगिता में प्रश्नोत्तरी संचालक डॉ.अजय गोस्वामी तथा अंक निर्धारण की जिम्मेदारी आकाश एवं आशीष ने सफलतापूर्वक निभाई। समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश रावत ने विजेता टीमों को ट्रॉफी एवं सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अशोक शर्मा,डॉ.किंगसुंग लौहान,डॉ.सर्वजीत,डॉ.मोहित सैनी सहित विभाग के चिकित्सक,शिक्षक एवं बड़ी संख्या में एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता को परखने का माध्यम बना,बल्कि चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन,स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्ट चिकित्सक तैयार करने की दिशा में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

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